आयुष एडमिशन फर्जीवाड़े में निजी कॉलेज का मालिक और उसका भाई अरेस्‍ट


लखनऊ: (
मानवी मीडियाएसटीएफ ने बिना नीट क्वॉलिफाई किए प्रदेश के आयुष कॉलेजों में एडमिशन में फर्जीवाड़े के मामले में गाजीपुर के विजय यादव और उसके भाई धर्मेंद्र यादव को गिरफ्तार कर लिया है। गिरफ्तार कृष्ण सुदामा ग्रुप ऑफ इंस्टिट्यूशन का मालिक है। एसटीएफ ने शुक्रवार को दोनों को कोर्ट में पेश किया जहां से उन्हें 14 दिसंबर तक के लिए न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है।

60 से ज्यादा फर्जी एडमिश्नन हुए हैं कॉलेज में

एसटीएफ ने विजय और उसके भाई धर्मेंद्र को एसटीएफ ने गुरुवार को पूछताछ के लिए गाजीपुर से कस्टडी में लिया था। जानकारी के मुताबिक, विजय यादव और उसके भाई ने आयुर्वेद निदेशक रहे एसएन सिंह, काउंसलिंग प्रभारी उमाकांत यादव और वेंडर एजेंसी के संचालक कुलदीप सिंह के साथ साठगांठ कर बड़ी संख्या में फर्जी एडमिशन करवाए। दरअसल विजय के वाराणसी और गाजीपुर में करीब दर्जन भर आयुष कॉलेज, इंजिनियरिंग कॉलेज, नर्सिंग कॉलेज, बीएड कॉलेज और मैनेजमेंट कॉलेज हैं। यहां उसने 60 से ज्यादा बच्चों के फर्जीवाड़ा करके एडमिशन करवाए। रिमांड के दौरान एसएन सिंह, उमाकांत यादव और कुलदीप सिंह वर्मा से हुई पूछताछ में विजय यादव के नाम का खुलासा हुआ था।

अब तक 14 अरेस्‍ट

एसटीएफ इस मामले में इन दोनों को मिलाकर अभी तक 14 गिरफ्तारियां कर चुकी है। इनमें से नौ आरोपितों को एसटीएफ तीन दिन की रिमांड पर लेकर पूछताछ भी कर चुकी है। माना जा रहा है कि इन दोनों को भी एसटीएफ कस्टडी रिमांड पर लेकर पूछताछ करेगी। फिलहाल दोनों को 14 दिन की न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया है। एसटीएफ इस मामले में पूर्वांचल के ही कुछ और लोगों से भी पूछताछ कर रही है। जल्द ही कुछ और गिरफ्तारियां भी हो सकती हैं।
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