लखनऊ के सीरियल किलर भाइयों की तिकड़ी को 7-7 साल की कैद


लखनऊ: (
मानवी मीडियागैंगस्टर ऐक्ट के मामले में दोषी करार दिए गए सलीम, रुस्तम और सोहराब को विशेष अदालत ने सात साल सश्रम कारावास की सजा सुनाई है। इन तीनों पर 10-10 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया है। सीरियल किलर के तौर पर कुख्यात तीनों दोषी सगे भाई हैं। इस समय तीनों तिहाड़ जेल में बंद हैं। शुक्रवार को सजा सुनाए जाने के दौरान तीनों विडियो कॉन्फ्रेसिंग के जरिए कोर्ट के समक्ष उपस्थित थे।

वरिष्ठ अभियोजन अधिकारी अवधेश कुमार सिंह और विशेष लोक अभियोजक प्रशांत वाजपेई के मुताबिक 15 दिसंबर, 2006 को कैंट थाने के तत्कालीन प्रभारी निरीक्षक जावेद खान ने सलीम, रुस्तम और सोहराब के खिलाफ गैंगस्टर ऐक्ट के तहत मुकदमा दर्ज करवाया था। तीनों पर हत्या के दो, हत्या के प्रयास का एक और रंगदारी समेत छह मुकदमे दर्ज थे। इसी आधार पर इनका गैंगचार्ट तैयार किया गया था। 6 अक्टूबर, 2007 को इनके खिलाफ आरोपपत्र दाखिल हुआ था।

टॉप-3 माफिया में शामिल हैं तीनों
सलीम, रुस्तम और सोहराब का संगठित गिरोह है। सलीम एक बार जेल से फरार भी हो चुका है। लखनऊ के टॉप तीन माफिया में चिह्नित तीनों भाइयों की एक समय इतनी दहशत थी कि इनके खिलाफ दर्ज मुकदमों में कई गवाह ऐन मौके पर मुकर गए। इस वजह से तीनों भाई पांच मुकदमों में दोषमुक्त हो चुके हैं। एक मुकदमे के विचारण के दौरान वह गवाह भी मुकर गया, जिसके भाई की हत्या का आरोप इस गिरोह पर था।

भाई की हत्या का लिया था बदला
सीरियल किलर के नाम से मशहूर तीनों भाई 2005 में जरायम की दुनिया में आए थे। बात 2004 की है, जब सलीम, सोहराब और रुस्तम के सबसे छोटे भाई शहजादे की हत्या लखनऊ के हुसैनगंज इलाके में कर दी गई थी। तीनों ने भाई के हत्यारों को ठीक एक साल के बाद उसी दिन मड़ियांव, हुसैनगंज और खदरा इलाकों में जाकर मौत के घाट उतार दिया था। तीनों भाई लखनऊ के टॉप-3 माफिया में चिह्नित हैं।

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