उ0प्र0 की 18वीं विधान सभा अनिश्चित काल के लिए स्थगित

 

लखनऊ (मानवी मीडिया)उ0प्र0 की 18वीं विधान सभा का तृतीय सत्र 2022 आज से अनिश्चित काल के लिए स्थगित हो गया। सदन की कार्यवाही कुल 07 घण्टे 48 मिनट जिसमें 15-15 मिनट दो बार स्थगित, स्थगन रहित 07 घण्टे 18 मिनट कार्यवाही चली। कार्यवाही के दौरान अल्पसूचित प्रश्न 00, तारांकित प्रश्न 354, अतारांकित प्रश्न 1482 प्राप्त हुए। इनमें कुल 204 प्रश्न उत्तरित हुए। जिसमें 1185 प्रश्न (44.41 प्रतिशत) आनलाइन प्राप्त हुए। इसी प्रकार सरकार से वक्तव्य मांगने वाले नियम-51 के अन्तर्गत 135 सूचनाएं प्राप्त हुई। जिन्हें वक्तव्य के लिए 05 व केवल वक्तव्य के लिए 01 एवं ध्यानाकर्षण के लिए 129 को स्वीकार किया गया।

05 दिसम्बर से प्रारम्भ हुए 18वीं विधान सभा के तृतीय सत्र में नियम-301 के तहत कुल 96 सूचनाएं प्राप्त हुई। जिनमें 96 को स्वीकृत किया गया। नियम-56 के अन्तर्गत कुल 15 सूचनाएं प्राप्त हुई जिसमें 03 अग्राह्य हुईं जबकि 01 सूचना पर ध्यानाकर्षण किया गया।

इस सत्र में कुल-650 याचिकाएं सदन में प्राप्त की गयी। जिसमें 133 ग्राह्यता के उपरान्त स्वीकार की गयी।  नियमान्तर्गत न होने के कारण अग्राह्य/नियत सीमा से अधिक प्रस्तुत एवं विलम्ब से प्राप्त याचिकाओं की संख्या-517 रही। तथा कुल 06 विधेयक विचारण एवं पारण के लिए प्रस्तुत किया गया। जिसमें उत्तर प्रदेश क्षेत्र पंचायत तथा जिला पंचायत संशोधन 2022, इंटर मीडियट शिक्षाविधेयक 2022, उत्तर प्रदेश अग्निशमन तथा आपात सेवा, उत्तर प्रदेश विनियोग(2022-2023), उत्तर प्रदेश निरसन विघेयक 2022, उत्तर प्रदेश नैमिषारण्य तीर्थ विकास परिषद विधेयक, 2022 का पारण किया गया।

विधानसभा अध्यक्ष  सतीश महाना ने नेता सदन  योगी आदित्यनाथ सहित नेता प्रतिपक्ष की जगह समाजवादी पार्टी के  मनोज कुमार पाण्डेय, अपना दल (एस) के नेता,  राम निवास वर्मा, राष्ट्रीय लोकदल के नेता,  राजपाल सिंह बालियान की जगह  प्रदीप चैधरी, निर्बल इण्डियन शोषित हमारा आग दल के नेता,  अनिल कुमार त्रिपाठी, भारतीय सुहेलदेव पार्टी के नेता  ओम प्रकाश राजभर, भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के नेता  आराधना मिश्रा ‘मोना, जनसत्ता दल लोकतांत्रिक के नेता  कुंवर रघुराज प्रताप सिंह ‘राजा भइया, बहुजन समाज पार्टी के  उमाशंकर सिंह सहित सभी दलीय नेताओं के सहयोग की प्रशंसा की।

दो उपवेशन में हुई कार्यवाही के दौरान संसदीय कार्य मंत्री  सुरेश खन्ना ने विपक्ष की तरफ से उठाये गये नियम 51 56 301 एवं अन्य सूचनाओं, बिलों के पारण और बहसों पर समाधान परक उत्तर देकर सदन में अपना महत्वपूर्ण योगदान दिया। उन्होंने मंत्रिमण्डल के सदस्यों को निरंतर सदन में उपस्थित रहकर उत्तर देने के लिए धन्यवाद ज्ञापित किया।

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