तीन दिन में मिले डेंगू के दो हजार नए मरीज


लखनऊ (मानवी मीडिया
प्रदेश में डेंगू रोधी अभियान तेज करने के बाद भी मरीजों की संख्या कम नहीं हो रही है। बीते तीन दिनाें में 2098 नए मरीज मिले हैं।  प्रदेश में सात नवंबर को डेंगू के मरीजों की संख्या 9085 थी, जो 10 को 11,183 हो गई। स्वास्थ्य विभाग की ओर से डेंगू नियंत्रण के लिए नोडल अधिकारी जिलों में उतारे गए, इसके बाद भी मरीजों की संख्या थम नहीं रही है। सर्विलांस टीमों की लापरवाही का नतीजा रहा कि पहले से गंभीरता नहीं दिखाई और बारिश के बाद लार्वा से डेंगू के मच्छर निकलने लगे तो टीम सक्रिय हुई।

लखनऊ समेत प्रदेश में 10 लोगों की डेंगू से मौत के मामले भी सामने आए हैं। लखनऊ में 26 वर्षीय रोहित कन्नौजिया की मौत हो गई। वहीं, बाराबंकी व प्रयागराज में तीन-तीन, सुल्तानपुर में दो और सीतापुर में एक मरीज की मौत हुई है। 
 

निजी अस्पताल के मैनेजर की डेंगू से मौत, शहर में डेंगू से पांचवी मौत, हफ्ते भर से आ रहा था बुखार
बृहस्पतिवार सुबह इलाज दौरान डेंगू से ग्रस्त युवक की मौत हो गई। वह पहले निजी अस्पताल में भर्ती था। हालत बिगड़ने पर परिजनों ने उसे ट्रॉमा में भर्ती कराया था। जहां पर इलाज दौरान उसकी मौत हो गई। जिले में डेंगू से पांचवीं मौत होने बाद भी स्वास्थ्य विभाग को इसकी भनक तक नहीं है। स्वास्थ्य विभाग के अफसरों का कहना है कि टीम भेजकर सोर्स रिडएक्शन की कार्रवाई कराई जाएगी।    

डालीगंज रामाधीन सिंह कॉलेज के पास रहने वाला रोहित कन्नौजिया 26 एपी सेन रोड स्थित लखनऊ सिटी हॉस्पिटल में मैनेजर पद पर कार्यरत था। रोहित को करीब हफ्ते भर पहले तेज बुखार आया था। उसने दवा ली मगर कोई फायदा न हुआ। मैनेजर ने अपने निजी अस्पताल में सीबीसी व डेंगू कार्ड टेस्ट की जांच कराई। इसमें कार्ड टेस्ट रिपोर्ट पॉजिटिव आई। मरीज का प्लेटलेट्स करीब 20 हजार बचे थे। वह लखनऊ सिटी हॉस्पिटल में दो दिन तक भर्ती रहा। इसी दौरान उसकी हालत में सुधार होने की बजाए बिगड़ती चली गई।


बृहस्पतिवार देर शाम निजी अस्पताल प्रशासन ने मरीज को केजीएमयू ट्रॉमा सेंटर में भर्ती कराया। इस दौरान मैनेजर के प्लेटलेट्स लगातार गिरते हुए पांच हजार बचे थे। मल्टी ऑर्गन फेलियर होने पर ट्रॉमा में उसे वेंटीलेटर सपोर्ट पर रखा गया। शुक्रवार सुबह करीब छह बजे इलाज दौरान उसकी मौत हो गई। ट्रॉमा प्रभारी डॉ. संदीप तिवारी के मुताबिक, मरीज 12 घंटे पहले गंभीर हालत में आया था। नतीजा उसकी जान नहीं बचाई जा सकी। डेंगू से मौत बाद भी स्वास्थ्य विभाग को इसकी जानकारी तक नहीं है। लिहाजा मरीज के घर पर एंटी लार्वा व फागिंग तक नहीं हुई है। सीएमओ डॉ.मनोज के मुताबिक, टीम भेजकर सोर्स रिडएक्शन की कार्रवाई की जाएगी।
Previous Post Next Post