देवेंद्र फडणवीस ने राहुल गांधी पर साधा निशाना ; "सावरकर के बारे में आपकी दादी इंदिरा गांधी ने क्‍या कहा था, पढ़ लीजिए"


(मानवी मीडिया
कांग्रेस नेता राहुल गांधी के वीर सावरकर को लेकर दिए बयान पर महाराष्ट्र की सियासत गरम हो गई है. वरिष्‍ठ बीजेपी नेता और राज्‍य के डिप्‍टी सीएम देवेंद्र फडणवीस ने वीर सावरकर के बारे में अपनी दादी स्‍वर्गीय इंदिरा गांधी के विचार पढ़ने की नसीहत राहुल गांधी को दी है. फडणवीस ने कहा कि इस बयान की जितनी भी निंदा की जाए, कम है. उन्‍होंने राहुल से पूछा कि वीर सावरकर के बारे में ऐसे बयान देकर आप क्या मात्र अपने वोट बैंक की चिंता कर रहे है? महाराष्‍ट्र के डिप्‍टी सीएम ने इस मसले पर सिलसिलेवार ट्वीट किए हैं.



उन्‍होंने एक ट्वीट में लिखा, " राहुल जी, कल आपने मुझे एक पत्र की अंतिम पंक्तियां पढ़ने को कहा था. चलिए, अब कुछ दस्तावेज़ आज मैं आपको पढ़ने देता हूं. हम सब के आदरणीय महात्मा गांधी जी का यह पत्र आपने पढ़ा ? क्या वैसी ही अंतिम पंक्तियां इसमें मौजूद हैं, जो आप मुझे पढ़वाना चाहते थे?अब जरा भारत की पूर्व प्रधानमंत्री श्रीमती इंदिरा गांधी (आपकी दादी) इन्होंने स्वातंत्र्यवीर सावरकर जी के बारे में क्या कहा था, वो भी जरा पढ़ लीजिए. यहां वे वीर सावरकर जी को स्वतंत्रता आंदोलन का आधारस्तंभ और भारत का सदा याद रहने वाला सपूत कहती हैं. फडणवीस ने एक अन्‍य ट्वीट में लिखा, "महाराष्ट्र की राजनीति में विशेष स्थान रखने वाले शरद पवार, वीर सावरकर जी के बारे में क्या कहते हैं, जरा वह भी पढ़‍िए, सुनिए..इसी पत्र में वो दो आजन्म कारावास का उल्लेख करते हैं. कांग्रेस के पूर्व नेता और देश के पूर्व प्रधानमंत्री पीवी नरसिंम्हाराव कहते हैं कि सावरकर एक प्रखर राष्ट्रवादी थे.

फडणवीस ने कांग्रेस के पूर्व नेता और गृह मंत्री बालासाहब देसाई, कम्‍युनिस्‍ट नेता श्रीपाद अमृत डांगे, महाराष्‍ट्र के पहले सीएम यशवंत राव चव्‍हाण और इंडियन नेशनल चर्च के फादर विलियम्‍स के वीर सावरकर के बारे में विचारों का भी जिक्र किया. इन सभी ने सावरकर को ऐसा प्रखर देशभक्‍त और क्रांतिकारी बताया था जिसने देश की स्‍वतंत्रता के लिए बड़े कष्‍ट उठाए. इस बीजेपी नेता ने आगे लिखा कि सावरकर जी को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी ने कहा था, ‘साहस और देशभक्ति का प्रतिशब्द सावरकर है.पूर्व राष्ट्रपति डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन ने कहा था, स्वतंत्रता के लिए वीर सावरकरजी का चरित्र हमेशा नई पीढ़ी का मार्गदर्शन करता रहेगा. अब सवाल यें उठता है, बार बार वीर सावरकर जी के बारे में बयान देकर आप क्या मात्र अपनी वोट बैंक की चिंता कर रहे है? उन्‍होंने लिखा, "वास्तव में इस बयान की जितनी भी निंदा की जाए, कम है."

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