स्पेशल सेल के जाँबाज़ सिपाही दिल्ली से पहुँचे थे ज़िला रोहतक में अपने गाँव रुड़की

 

नई दिल्ली (मानवी मीडिया)-दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल को दिल्ली पुलिस के जाँबाज़ हैड कांस्टेबल प्रदीप हुड्डा 423 S/Cell pic No 29100976 के परिवार को दिल्ली सरकार की नीति के अनुसार एक करोड़ रुपये की राशि अविलंब प्रदान करनी चाहिए । यह माँग दिल्ली निवासी समाजिक व राजनीतिक कार्यकर्ता सुरेन्द्र सिंह हुड्डा ने यहाँ जारी एक बयान व सोशल मीडिया पर संयुक्त रूप से की है ।

सुरेन्द्र सिंह हुड्डा ने कहा कि दिल्ली सरकार की नीति है कि दिल्ली पुलिस में कार्यरत किसी भी कर्मचारी की ड्यूटी पर तैनाती के दौरान दुर्भाग्यपूर्ण मृत्यु होने पर सरकार की तरफ़ से एक करोड़ की सम्मान राशि दी जाती है । उसी नीति के तहत मृतक हैड कांस्टेबल प्रदीप हुड्डा को ड्यूटी के कारण ही शहीद मानते हुए नीति पर आधारित एक करोड़ की राशि शहीद के परिजनों को दी जानी चाहिए ताकि शहीद के परिजनों को सहारा मिल सके ।

सुरेन्द्र सिंह हुड्डा ने कहा कि दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल में कार्यरत सभी कर्मचारियों को 24 घंटे समाज के असामाजिक तत्वों व गम्भीर प्रवृति के संगठित अपराधियों से निरंतर ख़तरा बना रहता है और वर्तमान मामले में भी किसी बड़े अपराधी के द्वारा ही प्रदीप हुड्डा की हत्या उनके घर के बाहर ही ज़िला रोहतक के रुड़की गाँव में 22 नवम्बर की देर रात को की गई , हो सकता है, इस सम्भावना से भी इंकार नहीं किया जा सकता है। यह ज्ञात रहे कि प्रदीप हुड्डा 22 नवम्बर की रात को दिल्ली से अपने गाँव रुड़की पहुँचे थे और उन को गंभीर हालत में घर के बाहर ही पाया गया था जबकि जानकारी के अनुसार उनका सरकारी रिवाल्वर घर के बाहर ही नाली में पाएँ जाने की जानकारी मिली है ।

उन्होंने कहा कि प्राप्त जानकारी के अनुसार शहीद प्रदीप हुड्डा दिल्ली पुलिस के स्पेशल सेल के निडर सिपाहियों में से एक थे जिन्होंने अनेक गम्भीर अपराधियों के साथ हुई मुठभेड़ों में महत्वपूर्ण भूमिकाएँ निभाई थीं । इस सम्भावना से भी इंकार नहीं किया जा सकता कि किसी अज्ञात व्यक्ति ने प्रदीप हुड्डा का दिल्ली से ही पीछा करते हुए उनके घर पहुँचने पर हमला करके उन्हें मौत के घाट उतार दिया हो।

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