सांसद रीता बहुगुणा जोशी को हिरासत में लिया गया, चुनाव आचार संहिता उल्लंघन


लखनऊ (मानवी मीडिया
चुनाव आचार संहिता उल्लंघन के दस साल पुराने मामले में गिरफ्तारी वारंट जारी होने के बाद शुक्रवार को सांसद डॉक्टर रीता बहुगुणा जोशी की लखनऊ की अदालत में पेशी हुई। इस दौरान कोर्ट ने जोशी को हिरासत में ले लिया है। सजा के प्रश्न पर सुनवाई जारी है। 

मामला वर्ष 2012 के विधानसभा चुनाव के दौरान का है। रीता बहुगुणा जोशी पर प्रचार समाप्त हो जाने के बाद तक प्रचार करने का आरोप लगा था। स्टेटिक मजिस्ट्रेट ने जोशी के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया था।कोर्ट के वारंट पर शुक्रवार को एमपी एमएलए कोर्ट में सांसद जोशी हाजिर हुईं। इसके बाद कोर्ट ने उन्हें हिरासत में लेने  का आदेश दिया।

पिछले महीने जारी हुआ था वारंट

आचार संहिता के उल्लंघन मामले में एमपी/एमएलए कोर्ट ने भाजपा सांसद रीता बहुगुणा जोशी के खिलाफ 20 अक्टूबर को गिरफ्तारी वारंट जारी करने का आदेश दिया था। विशेष एसीजेएम अम्बरीश कुमार श्रीवास्तव ने अदालत में मौजूद गवाह से जिरह नहीं करने पर सांसद रीता बहुगुणा जोशी की ओर से दी गई हाजिरी माफी अर्जी खारिज कर दी थी। कोर्ट ने गवाही के लिए मौजूद कांस्टेबल दिनेश कुमार यादव की गवाही समाप्त करते हुए सुनवाई के लिए नई तारीख दी थी।

रीता बहुगुणा जोशी पर आरोप है कि वर्ष 2012 में कांग्रेस प्रत्याशी के रूप में विधानसभा चुनाव के प्रचार का समय समाप्त होने के बाद प्रचार कर आचार संहिता का उल्लंघन कर रही थीं। इस संबंध में कृष्णा नगर थाने में स्टैटिक मजिस्ट्रेट मुकेश चतुर्वेदी ने 17 फरवरी 2012 को मुकदमा दर्ज कराया था। मामले के विवेचक रामसहाय द्विवेदी ने 11 मार्च 2012 इस संबंध में रीता बहुगुणा जोशी के खिलाफ आरोप पत्र दाखिल किया था।

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