पेंशनर श्रम मंत्री का घेराव कर आन्दोलन को और तेज करेंगें

लखनऊ (मानवी मीडिया)ईपीएस 95 राष्ट्रीय संघर्ष समिति की चारबाग बस स्टेशन में प्रांतीय सभा हुई, जिसमें वक्ताओं ने कहा कि दिल्ली की ऐतिहासिक रैली के बाद श्रम मंत्री ने राष्ट्रीय नेताओं को आश्वासन दिया था कि न्यूनतम पेंशन, मंहगाई भत्ता और मुफ्त चिकित्सा सुविधाओं के संबंध में शीघ्रता शीघ्र कार्रवाई की जाएगी परंतु 1 माह व्यतीत होने के बाद भी अभी तक जमीनी स्तर पर कोई प्रगति नहीं दिख रही है जिससे पेंशनरों में रोष व्याप्त है क्योंकि पेंशन बढ़ोतरी की आस में देश में प्रतिदिन औसतन लगभग 200 पेंशनरों की मृत्यु हो जाती है और सरकार उनकी कोई सुध नहीं ले रही है I इसलिए यदि अविलम्ब मांगे नहीं मानी  गयी तो पेंशनर प्रदेश में केंद्रीय श्रम मंत्री का जहां भी दौरा होगा उसका विरोध और घेराव करेंगे, साथ ही प्रदेश के श्रम मंत्री सहित सभी मंत्रियो/ विधायको से  हर जिले के पदाधिकारी मिलकर अपनी मांगों को केंद्रीय स्तर से लागू करवाने हेतु दवाब बनायेंगें और ज्ञापन देंगे I

             प्रांतीय सभा में प्रदेश, मंडल एवं समस्त जिलों के पदाधिकारियों ने भारी संख्या में भाग लिया पेंशनरों की दिल्ली में हुई ऐतिहासिक रैली को सफल बनाने के लिए जिन पदाधिकारियों ने महत्वपूर्ण योगदान दिया था उन्हें राष्ट्रीय उपाध्यक्ष  के एस तिवारी राष्ट्रीय सचिव  ओम शंकर तिवारी प्रदेश कार्यकारी अध्यक्ष  चन्द्र भान सिंह व प्रदेश महासचिव श्री राजशेखर नागर द्वारा सम्मानित किया गया और  अपने  उदबोधन में उन्हें धन्यवाद दिया गयाI साथ ही मुख्यमंत्री  योगी आदित्यनाथ  से वयोवृद्ध पेंशनरों के अनेक निगमों में छठे वेतनमान के एरियर एवं अन्य बकाया के तत्काल भुगतान के आदेश जारी करने की मांग की गयी I   

      सभा को  विवेकानंद तिवारी, अवनी राय, पीके श्रीवास्तव, जयरूप सिंह परिहार  गिरेन्द्र सिंह,कृपाशंकर शुक्ला, डीके सिंह, बदन सिंह,अशोक बाजपेयी, बीपी मिश्रा, आरएन द्विवेदी, सुभाष चौबे उमाकांत सिंह, शमशुल हसन सिद्दीकी, ओपी शर्मा, आरसी मिश्रा, दिलीप पांडे, हनुमान सहाय, फौजदार सिंह,टी आर सिंह, मो० अली, आरके मिश्रा, जय शंकर राय,एस पी अवस्थी,विजय सिंह,अचल मेहता,ए पी सिंह, ओंकार तिवारी, बालमुकुंद मिश्रा,  गीता वर्मा ,अखिलेश दयाल आदि ने संबोधित किया I

        सभा का संचालन मुख्य समन्वयक  राजीव भटनागर ने किया सभा की समाप्ति पर चारबाग में एक विशाल रैली निकाली गई जिसमें अपनी मांगों के समर्थन में नारे लगाए गए  और आंदोलन को जारी रखने का निर्णय लिया गया ।


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