इलाहाबाद विश्वविद्यालय में आंदोलन को लेकर सपा ने विधानसभा की कार्यवाही का किया बहिष्कार

लखनऊ (मानवी मीडिया): उत्तर प्रदेश विधानसभा में समाजवादी पार्टी (सपा) के सदस्यों को इलाहाबाद विश्वविद्यालय में भारी शुल्क वृद्धि को लेकर छात्रों के आंदोलन का मुद्दा उठाने की अनुमति नहीं दी गई। इससे नाराज होकर सपा ने कार्यवाही के बहिष्कार करते हुए वॉकआउट किया।

जैसे ही विधानसभा की कार्यवाही शुरू हुई, अखिलेश खड़े हो गए और इस मुद्दे पर बोलने की कोशिश की, लेकिन अध्यक्ष सतीश महाना ने उन्हें बोलने की अनुमति नहीं दी।

इस पर आक्रोशित सपा सदस्यों ने नारेबाजी की और सदन से वॉकआउट किया।

इसके बाद, अखिलेश यादव के नेतृत्व में सपा के सभी विधायक अपने-अपने पार्टी कार्यालय में वापस चले गए।

गौरतलब है कि इलाहाबाद विश्वविद्यालय के छात्र दो सप्ताह से अधिक समय से फीस वृद्धि का विरोध कर रहे हैं और छात्र संघ के पुनरुद्धार की भी मांग कर रहे हैं। कई हॉस्टल और कैंपस के अंदर मार्च निकालने के बाद विरोध तेज हो गया है।

इलाहाबाद विश्वविद्यालय ने बताया कि 110 साल बाद फीस बढ़ाई गई है। 1922 में विश्वविद्यालय की स्थापना के बाद से कार्यकारी परिषद ने लगभग दो हफ्ते पहले विभिन्न पाठ्यक्रमों के लिए शुल्क वृद्धि को मंजूरी दी थी।

विश्वविद्यालय ने कहा कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति के अनुसार लाए जा रहे बदलावों को देखते हुए शुल्क वृद्धि समय की जरूरत है, जिसके तहत अधिक शिक्षकों को काम पर रखा जाना है और नए पाठ्यक्रम शुरू किए जाने हैं।

विश्वविद्यालय ने यह भी स्पष्ट किया कि वर्तमान छात्रों में से कोई भी प्रभावित नहीं होगा, क्योंकि शुल्क वृद्धि केवल 2022-23 शैक्षणिक वर्ष से नए प्रवेशकों के लिए लागू होगी।

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