फिंगर प्रिंट और आंखों की पुतलियों के बाद अब चेहरे से भी बन सकेगा आधार कार्ड


लखनऊ: (
मानवी मीडिया फिंगर प्रिंट और आंखों की पुतलियों (आइरिस) की तरह अब आपका चेहरा भी आधार कार्ड की पहचान बनेगा। यानी लोग अपने चेहरे से भी आधार को प्रमाणित करवा सकेंगे। यह सुविधा जल्द शुरू होगी। यूआईडीएआई ने इसे लागू करने के लिए तैयारियां पूरी कर ली हैं। यूआईडीएआई जल्द ही फेस ऑथेन्टकैशन के रूप में तीसरा विकल्प लाने जा रहा है। खाद्य एवं आपूर्ति, मनरेगा, शिक्षा, महिला कल्याण, कृषि और कोषागार जैसे विभाग पेंशन, छात्रवृत्ति और किसान कल्याण जैसी योजनाओं में लाभार्थी की पहचान के लिए इस सुविधा का लाभ उठा सकेंगे।

यूआईडीएआई के निदेशक नितीश सिन्हा और उप महानिदेशक प्रशांत कुमार सिंह ने मंगलवार को एनबीटी कार्यालय में आयोजित 'लोक के सवाल तंत्र से' कार्यक्रम में आधार कार्ड को फेस ऑथेन्टकैशन प्रक्रिया से जोड़ने की योजना के बारे में जानकारी दी। उन्होंने बताया कि अभी तक लोग फिंगर प्रिंट और आंखों की स्कैनिंग के जरिए अपने आधार को प्रमाणित करवाते हैं।

टचलेस होगी पूरी प्रक्रिया
फेस ऑथेन्टकैशन की प्रक्रिया पूरी तरह टचलेस होगी। इस सुविधा का लाभ लेने के लिए आधार कार्डधारक को समय-समय पर अपनी लाइव तस्वीर अपडेट करवानी होगी। यानी किसी भी व्यक्ति की तस्वीर से फेस ऑथेन्टकैशन नहीं करवाया जा सकेगा। आधार में लगी फोटो सात-आठ साल से अधिक पुरानी नहीं होनी चाहिए। यह सुविधा उन लोगों के लिए काफी लाभकारी होगी जिनके फिंगर प्रिंट घिस गए हैं या किसी वजह से आंखों की पुतलियों को स्कैन नहीं किया जा सकता।

लाइव फोटो के समय रखना होगा ध्यान

फेस ऑथेन्टकैशन ऑन-स्क्रीन करवाना होगा।
चेहरा लाइट की ओर रखना होगा।
बैकग्राउंड साफ होना चाहिए।
कैमरे से तस्वीर क्लिक होते समय चेहरा और पलकें स्थिर रखनी होंगी।

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