ज्ञानवापी मामले पर फैसला कल, वाराणसी में धारा-144 लागू

लखनऊ (मानवी मीडिया)- वाराणसी के ज्ञानवापी-श्रृंगार गौरी मामले पर सोमवार यानी 12 सितंबर को फैसला आएगा। मामले में जिला अदालत मुकदमे की पोषणीयता यानी कि मुकदमा चलने योग्य है या नहीं, इस पर फैसला सुनाएगी। वहीं कोर्ट के फैसले को देखते हुए जिला प्रशासन पहले ही अलर्ट मोड पर है। आज वाराणसी कमिश्नरेट की सुरक्षा को एक महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक की गई। बैठक के बाद कमिश्नर ए सतीश गणेश ने कहा कि जिला अदालत सोमवार को एक अहम मामले में फैसला सुना सकती है। इसको लेकर शहर भर में धारा 144 लागू कर दी गई है। मिश्रित आबादी वाले क्षेत्रों में पुलिस बल तैनात है। पेट्रोलिंग की जा रही है। हम पूरी कोशिश कर रहे हैं कि कानून-व्यवस्था न बिगड़ने पाए।

वहीं हिंदू पक्ष के अधिवक्ता सुभाष चतुर्वेदी ने कहा कि, “कल 7 रूल 11 पर फैसला आएगा। सुप्रीम कोर्ट के निर्देश पर 2 महीने लगातार सुनवाई की गई। इस फैसले में ये तय होगा कि मुकदमा चलने योग्य है या नहीं। हमें विश्वास है कि हमारा दावा पोषणीय है। सारे साक्ष्य यही कह रहे हैं”।

जानें क्या है पूरा विवाद?

मामले की कोर्ट में जब सुनवाई चल रही थी, तब तत्कालीन सिविल जज रवि कुमार दिवाकर ने सर्वे का आदेश जारी किया था, जिसके बाद ज्ञानवापी मस्जिद के परिसर का सर्वे किया गया था। इस सर्वे के बाद विवाद भी काफी खड़ा हुआ था। सर्वे के वीडियो भी सामने आए थे। मस्जिद के वजूखाने में शिवलिंग के होने का दावा किया गया, जिसको कोर्ट में मुस्लिम पक्ष ने फव्वारा बताया था।

इस मामले को लेकर वाराणसी कमिश्नरेट सतर्क हो गया है। कमिश्नरेट एरिया में धारा 144 लागू कर दी गई है। बैठक के दौरान पुलिस कमिश्नर ए सतीश गणेश ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि वह लोग सभी धर्मगुरुओं एवं महत्वपूर्ण व्यक्तियों के साथ संवाद स्थापित करें, ताकि किसी भी स्तर पर कानून-व्यवस्था के खराब होने की गुंजाइश न रहे। कमिश्नर ने संवेदनशील क्षेत्रों में फ्लैग मार्च एवं फुट पेट्रोलिंग के निर्देश दिए। पुलिस कमिश्नर ए सतीश गणेश ने शहर की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए संवेदनशीलता के आधार पर छोटे-छोटे सेक्टर और पॉकेट में विभाजित किया है। इन सभी सेक्टरों में आवश्यकता के मुताबिक, पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों की तैनाती की गई है। इन अधिकारियों को उस क्षेत्र की हर एक घटना पर कड़ी नजर रखने और किसी भी तरह की अराजक स्थिति बनने से पहले उसे रोकने के निर्देश दिए गए हैं।


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