ऑर्गेनिक उत्पादों से किसान अच्छी आय प्राप्त कर सकते हैं-राज्यपाल आनंदीबेन पटेल

लखनऊ (मानवी मीडिया)उत्तर प्रदेश की राज्यपाल  आनंदीबेन पटेल ने कहा कि महिला शक्ति से देश की तस्वीर बदल रही है, विशेष रूप से ग्रामीण क्षेत्रों में महिला स्वयं सहायता समूह बहुत अच्छा काम कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि अब वह समय आ गया है कि महिलाएँ रोज़गार दे रही हैं, ग्रामीण क्षेत्र की महिलाओं ने अपने साथ आस पास की महिलाओं को जोड़ कर आत्मनिर्भर ही नहीं बन रही हैं बल्कि घर की आमदनी को बढ़ाने में सहयोग कर रही हैं। उन्होंने कहा कि महिलाएं मास्टर ट्रेनर के रूप में साथ की महिलाओं को प्राकृतिक खेती का प्रशिक्षण भी दे रही हैं। ये महिलाएं गांवों में गोबर और गोमूत्र सहित अन्य अपशिष्ट से खाद बनाने में भी बराबर का कार्य कर रही हैं। 

राज्यपाल  आज रायबरेली में चन्द्रशेखर आजाद कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय कानपुर द्वारा संचालित कृषि विज्ञान केंद्र, दरियापुर में जनपद की प्रगतिशील किसान महिलाओं से संवाद कर रही थीं। उन्होंने रायबरेली की कई महिला किसानों से बारी-बारी से उनकी सक्सेज स्टोरी सुनी कि कैसे उन्होंने अपने अपने गांवों में अल्प संसाधनों और सरकार के सहयोग से प्राकृतिक खेती तथा अन्य कृषि उत्पादों एवं उपज को बढ़ा कर अपने परिवार की और साथी महिलाओं की आय बढ़ाने का कार्य किया है। 

राज्यपाल  ने प्रगतिशील महिला किसानों से उनके कृषि कार्यों के अनुभव सुने। उन्होंने कहा कि नारी शक्ति को कम आकने का समय अब जा चुका है और महिलाओं की खेती और किसानी के साथ-साथ ग्रामीण उपभोक्ता वस्तुओं के उत्पादन और उसके क्रय विक्रय में नई चुनौतियों को स्वीकार कर रही हैं। उन्होंने कहा कि महिलाओं के सशक्तिकरण से बच्चों का भविष्य उज्ज्वल होगा और बच्चों का भविष्य ही देश का भविष्य है। किसानों को प्राकृतिक खेती के लिए प्रोत्साहित करते हुए राज्यपाल  ने कहा आर्गेनिक उत्पादों से किसान अच्छी आय प्राप्त कर सकते हैं।

इस अवसर पर विश्वविद्यालय के कुलपति ने राज्यपाल  को अवगत कराया कि इस केंद्र ने अपने आस पास के 46 गांवों को गोद लिया है। इन गांवों में पौधारोपण के आधुनिक प्राकृतिक तरीकों को बताया जाता है। केंद्र ने आस पास के किसानों की एक टेलीफोन डॉयरेक्ट्री भी तैयार की है। इन फोन नंबरों पर किसानों को प्राकृतिक खेती के तरीके और खेती से अधिक धन कमाने के तरीके बताए जाते है। इसके साथ ही व्हाट्सएप ग्रुप में इन किसानों को जोड़ कर उन्हें नियमित रूप से नए-नए वैज्ञानिक कृषि प्रयोगों से अवगत कराया जाता है। 

केन्द्र पर राज्यपाल से महिला किसानों के समूह ने भी भेंट कर अपने उत्पादों तथा गृह उद्योगों की जानकारी दी। उन्होंने महिलाओं द्वारा चलाई जा रही पोषण वाटिका के उत्पादों की विशेष जानकारी लेते हुए उन्हें अधिक उत्पादन के लिए उन्नत कृषि तकनीक के उपयोग हेतु केन्द्र से सहायता प्राप्त करने को कहा। राज्यपाल जी ने केन्द्र पर किसानों की आय दोगुनी करने हेतु लगायी गयीं विभिन्न इकाइयां जैसे क्रॉप कैफेटेरिया, औषधि वाटिका, कृषि प्रणाली पद्धति, नाडेप कंपोस्ट, वर्मी कंपोस्ट, जैविक कीटनाशक इकाइयां, फल-सब्जी पौध इकाई तथा फेरोमन ट्रैप आदि का अवलोकन करके विस्तार से जानकारी ली। इस दौरान केन्द्र पर लगाई गई कृषि प्रदर्शनी में महिलाओं की आय दोगुनी करने हेतु कौशल विकास द्वारा लगाए गए मॉडल की उन्होंने विशेष रूप से सराहना की।

भ्रमण के दौरान राज्यपाल  से ऐसी महिला किसानों ने भी भेंट की, जिन्होंने केन्द्र से सहायता प्राप्त कर प्राकृतिक खेती के उत्पाद, लघु उद्योग तथा पोषण वाटिकाएं विकसित की हैं और इसी माध्यम से आय प्राप्त करके अपने परिवारों का संचालन कर रही हैं। राज्यपाल जी ने केन्द्र पर आम की उत्कृष्ट प्रजाति ‘आम्रपाली’ का पौधारोण भी किया। 

इस अवसर पर राज्यमंत्री स्वतंत्र प्रभार  दिनेश कुमार सिंह, विश्वविद्यालय के कुलपति डा0डी0आर0 सिंह, निदेशक प्रसार एवं समन्वयक डा0ए0के0 सिंह, डा0 शैलेन्द्र विक्रम सिंह, डा0 ओ0पी0 वर्मा सहित किसान एवं अन्य वैज्ञानिक भी उपस्थित रहे।


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