लखनऊ में 1000 एकड़ जमीन पर बनेगा टेक्सटाइल पार्क


लखनऊ 
(मानवी मीडियायोगी सरकार लखनऊ के मलिहाबाद में 1000 एकड़ जमीन पर मेगा टेक्सटाइल पार्क बनाएगी। केंद्र सरकार इसके लिए हजार करोड़ रुपये की मदद करेगी। इससे पांच लाख लोगों को रोजगार मिलेगा। नोएडा के अपैरल पार्क में 3000 करोड़ रुपये के निवेश से लगभग 115 वस्त्र इकाइयां बनेंगी। इनके उत्पाद विदेश भेजे जाएंगे। इससे 2 लाख व्यक्तियों को रोजगार मिलेगा। यही नहीं  सौर ऊर्जा से पावरलूम संचालन को प्रोत्साहित करने के लिए मुख्यमंत्री बुनकर सौर ऊर्जा योजना के नाम से एक नई योजना शुरू करने की तैयारियां पूरी हो गईं हैं। 

सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम, हथकरघा, रेशम तथा खादी एवं ग्रामोद्योग मंत्री राकेश सचान ने शुक्रवार को अपर मुख्य सचिव नवनीत सहगल के साथ पत्रकार वार्ता में यह जानकारी दी। उन्होंने कहा कि वस्त मंत्रालय की पीएममित्र योजना के लखनऊ-हरदोई में मेगा इन्टीग्रेटेड टेक्सटाइल एवं अपैरल पार्क के लिए भूमि के अधिग्रहण की कार्यवाही शुरू हो गई है। पार्क में वस्त्र इकाइयों की स्थापना होने पर लगभग 5 लाख व्यक्तियों को रोजगार मिलने की सम्भावना है।

 सचान ने कहा कि पत्रकार वार्ता के दौरान अपर मुख्य सचिव, एमएसएमई डा नवनीत सहगल और नई टेक्सटाइल पॉलिसी-2022 व नई एमएसएमई नीति- 2022 का ड्राफ्ट तैयार हो गया है। नीति जल्द जारी होगी। उन्होंने कहा कि नई एमएसएमई नीति के तहत मिलने वाले समस्त लाभों को जीएसटी से डी-लिंक किया जाएगा। सचान ने कहा कि कर्नाटक राज्य सरकार के अनुरोध पर सिल्क एक्सचेंज वाराणसी परिसर में निःशुल्क विक्रय केन्द्र खालने के लिए स्थान उपलब्ध करा दिया गया है। जिससे बुनकरों को सीधे उनकी मांग के अनुसार सिल्क धागे की उपलब्धता होगी, बिचौलियों से मुक्ति मिलेगी एवं उनके उत्पाद का उचित मूल्य प्राप्त होगा।

राकेश सचान ने कहा कि उप्र हैण्डलूम, पावरलूम, सिल्क, टेक्सटाइल एवं गारमेन्टिंग पॉलिसी-2017 के तहत 16 वस्त्र इकाइयों के पक्ष में लेटर आफ कम्फर्ट जारी किए गए। इन इकाइयों द्वारा कुल धनराशि 196.51 करोड़ रुपये का निवेश किया गया है और 3243 व्यक्तियों को रोजगार मिला है। इस मौके पर  आयुक्त एवं निदेशक, उद्योग मनीष चौहान भी मौजूद रहे। 

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