08 अगस्त से 15 अगस्त तक पूरे प्रदेश में मनाया जायेगा हरिशंकरी सप्ताह---डा0 अरूण कुमार सक्सेना


लखनऊ: (मानवी मीडिया)उत्तर प्रदेश के पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) डॉ0 अरुण कुमार सक्सेना ने कहा कि आगामी 08 अगस्त से 15 अगस्त तक हरिशंकरी सप्ताह मनाया जायेगा। हरिशंकरी सप्ताह के अन्तर्गत पूरे प्रदेश में पीपल, बरगद व पाकड़ पौधे रोपित किये जायेंगे।

वन मंत्री ने यह बात आज वन विभाग मुख्यालय में हरिशंकरी विषयवस्तु पर आधारित वर्चुवल संगोष्ठी का शुभारम्भ अवसर पर कही। उन्होंने कहा कि पीपल, बरगद व पाकड़ संयुक्त रोपण को हरिशंकरी के नाम से जाना जाता है तथा धार्मिक रूप से शिव मंदिरों में हरिशंकरी का रोपण पुण्य का कार्य मानते हैं। हमारे जीवन में पर्यावरण व धार्मिक दृष्टि से हरिशंकरी का अत्यधिक महत्व है। हरिशंकरी के तहत रोपित किए जाने वाले पौधे-बरगद, पीपल व पाकड़ वृक्षों को क्रमशः- शिव, विष्णु व ब्रह्या रूप माना गया है।

डा0 सक्सेना ने कहा कि प्रदेश में वृक्षारोपण जन आन्दोलन-2022 के अन्तर्गत 35 करोड़ पौध के लक्ष्य के सापेक्ष 30 करोड़ से अधिक पौधरोपित किए जा चुके हैं।  उन्होंने कहा कि वर्ष 2017 से अब तक 100 करोड़ पौधों का रोपण किया जा चुका है तथा वर्ष 2027 तक 175 करोड़ वृक्षारोपण का लक्ष्य है। उन्होंने कहा कि 275 करोड़ पौधे 1300 लाख टन कार्बन का अवशोषण करेंगे। वृक्ष हमारे जीवन में कार्बन अवशोषण का सबसे सस्ता साधन है। उन्होंने संगोष्ठी में प्रतिभाग कर रहे विभिन्न संस्थाओं के प्रतिनिधियों एवं प्रदेशवासियों से अनुरोध किया है कि वे 08 से 15 अगस्त के मध्य अधिक से अधिक हरिशंकरी वाटिका की स्थापना एवं सुरक्षा में योगदान दंे। साथ ही प्रदेशवासियों से अपील करते हुए कहा कि हर बच्चे के जन्म पर एक वृक्ष अवश्य लगायें। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि जन प्रतिनिधियों के साथ-साथ आम जनमानस खासतौर से महिलाओं एवं बच्चों को इस वृक्षारोपण अभियान से अवश्य जोड़े।

      लोकभारती के राष्ट्रीय संगठन मंत्री  बृजेन्द्र पाल सिंह  ने प्रदेश सरकार द्वारा चलाए जा रहे वृक्षारोपण जन आन्दोलन एवं हरीशंकरी रोपण के प्रयासो की सराहना करते हुए कहा कि वृ़क्षारोपण के माध्यम से हरित आवरण विस्तार एक बहुत बड़ा कार्य है यह कार्य किसी संस्था या व्यक्ति के एकल प्रयास से सम्भव नही है अपितु इस हेतु समस्त विभागों, संस्थाओं एवं प्रत्येक प्रदेशवासी के संयुक्त प्रयासों की आवश्यकता है।

      इस अवसर पर अपर मुख्य सचिव, पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन  मनोज सिंह, प्रधान मुख्य वन संरक्षक/विभागाध्यक्ष, उ0प्र0,  ममता संजीव दूबे, प्रधान मुख्य वन संरक्षक, वन्यजीव  के0पी0 दूबे, अपर प्रधान मुख्य वन संरक्षक, आई0टी0  विष्णु सिंह, मिशन निदेशक, वृक्षारोपण जन आन्दोलन-2022, अपर प्रधान मुख्य वन संरक्षक  ईवा शर्मा,  संजय श्रीवास्तव, अपर प्रधान मुख्य वन संरक्षक, योजना एवं कृषि वानिकी, उ0प्र0, श्री रवि सिंह, प्रभागीय वनाधिकारी, अवध वन प्रभाग, लखनऊ सहित प्रदेश के समस्त वरिष्ठ वनाधिकारियों एवं वानिकी क्षेत्र में कार्य कर रहे संगठनों के प्रतिनिधियों ने वर्चुवल संगोष्ठी में प्रतिभाग किया।

Previous Post Next Post