उ0 प्र0 के बेसिक शिक्षा राज्यमंत्री संदीप सिंह की लोकभवन स्थित मीडिया सेंटर में प्रेसवार्ता के मुख्य बिन्दु


लखनऊ: (मानवी मीडिया)1.  मुख्यमंत्री  द्वारा ‘‘स्कूल चलो अभियान’’ का शुभारंभ 4 अप्रैल, 2022 को किया गया। इस सम्बन्ध में कक्षा एक से आठ तक नामांकन हेतु 2.0 करोड़ का लक्ष्य निर्धारित किया गया, जिसके सापेक्ष अब तक 1.9 करोड़ लगभग (95 प्रतिशत) बच्चों का नामांकन पूर्ण हो चुका है। 40 लाख से अधिक नये बच्चों का नामांकन किया गया है। विद्यालयों में नामांकन की प्रक्रिया गतिमान है।

2. पारदर्शिता सुनिश्चित करने के उद्देश्य से विद्यालयों में नामांकित सभी बच्चों का प्रेरणा पोर्टल पर पंजीकरण और उनका आधार प्रमाणीकरण कराया ज रहा है। इसके साथ ही उल्लेखनीय है कि 1.48 करोड़ माता/पिता/अभिभावकों का आधार ऑथेन्टीकेशन कराया जा चुका है।
3. परिषदीय विद्यालयों में नामांकन में लगातार वृद्धि हो रही है। वर्ष 2016-17 में नामांकन 1.52 करोड़ था, जो 2022-23 में 1.90 करोड़ हो गया है।
4. सभी नामांकित बच्चों का प्रेरणा पोर्टल पर पंजीकरण और आधार प्रमाणीकरण कराया जा रहा है। इस हेतु प्रत्येक ब्लॉक संसाधन केन्द्र को विभाग द्वारा दो-दो आधार किट उपलब्ध करायी गई है, जिनसे आधार कार्ड विहीन छात्र-छात्राओं के आधार कार्ड बनवाये जा रहे हैं।
5. अब तक 1.66 करोड़ बच्चों का आधार कार्ड बनाया जा चुका है तथा अवशेष बच्चों का आधार कार्ड बनवाने का कार्य प्राथमिकता पर गतिमान है। पंजीकृत बच्चों के सापेक्ष   1.10 करोड़ बच्चों का आधार सफलतापूर्वक प्रमाणित हो चुका है।
6. स्कूल चलो अभियान कार्यक्रम के अन्तर्गत घर-घर जाकर जनसंपर्क कर ईंट भट्ठों, होटलों, कारखानों आदि का सर्वे कर लगभग 3,96,655 आउट ऑफ स्कूल बच्चों का नामांकन कराया गया है। बच्चों का विवरण ‘‘शारदा पोर्टल/एप’’ पर अपलोड किया गया है तथा इन बच्चों को विशेष प्रशिक्षण दिये जाने की कार्यवाही गतिमान है।
7. हाउस होल्ड सर्वे के माध्यम से 2,55,136 दिव्यांग बच्चों को चिन्हित कर ऑनलाइन टैªकिंग हेतु विकसित समर्थ पोर्टल/ऐप के माध्यम से बच्चों का चिन्हांकन/नामांकन किया गया है।
8. दिव्यांग बच्चों की वैयक्तिक शैक्षिक योजना (आई0ई0पी0) तैयार कर बच्चों की शैक्षिक प्रगति का अनुश्रवण किया जा रहा है एवं निःशुल्क उपकरण वितरण की व्यवस्था सुनिश्चित की जा रही है।
9. ऑपरेशन कायाकल्प के अन्तर्गत परिषदीय विद्यालयों में 19 पैरामीटर्स पर अवस्थापना सुविधाओं के संतृप्तीकरण का कार्य प्राथमिकता के आधार पर गतिमान है, जिसके सकारात्मक परिणाम प्राप्त हो रहे हैं। इन कार्यों पर लगभग रु0 6000 करोड़ का निवेश अन्तर्विभागीय समन्वय से किया गया है। इसके फलस्वरूप वर्ष 2018-19 की स्थिति के सापेक्ष सभी मूलभूत सुविधाओं में उल्लेखनीय सुधार परिलक्षित हुआ है और यह अभियान माननीय मुख्यमंत्री जी के नेतृत्व में जन आन्दोलन के रूप में संचालित है।
10. निपुण भारत मिशन में उल्लिखित बालवाटिका और कक्षा 1-3 हेतु दिये गये लक्ष्यों को प्रदेश में अपनाया गया है, जिसके लक्ष्य निम्नवत् हैंः-
 

ऽ समस्त शिक्षकों को सेवाकालीन शिक्षक प्रशिक्षण ‘दीक्षा’ के माध्यम से ऑनलाइन उपलब्ध कराया गया है।
ऽ दीक्षा के माध्यम से ही शिक्षकों का सेवाकालीन व्यावसायिक विकास कोर्स पूरा करने का प्रमाण पत्र भी प्रदान किया गया है। पाठ्यक्रम पूरा करने पर नज़र रखने के लिए प्रत्येक शिक्षक के लिए विशिष्ट आई0डी0 दी गयी है।
ऽ उच्च गुणवत्ता वाली सामग्री बनाने के लिए 30 सदस्यीय सामग्री प्रकोष्ठ का गठन करते हुए सभी ग्रेड और विषयों के लिए सक्रिय पाठ्यपुस्तकें 6.5ज्ञ़ वीडियो अपलोड किये गये। अधिकांश सामग्री उत्तर प्रदेश के शिक्षकों द्वारा विकसित की गयी हे। सोशल मीडिया, प्रिंट मीडिया और व्हाट्सएप ग्रुप के माध्यम से सर्व संबंधित तक पहुँच बनायी गयी है।
ऽ 6 लाख$ शिक्षक ‘दीक्षा’ प्लेटफार्म पर पंजीकृत हैं, 20 लाख$ यूनिक यूज़र्स, एक करोड़$कंटेंट प्लेस, 35 लाख$ क्यू0आर0 कोड स्कैन हैं।
ऽ निपुण भारत मिशन को प्रदेश में एक जन आन्दोलन के रूप में चलाये जाने के लिए निम्नलिखित 4 मुख्य गतिविधियां अपनायी गयी हैंः-
1. निपुण भारत के लक्ष्य के सभी जनप्रतिनिधियों को व्यक्तिगत रूप से अवगत कराया गया है।
2. छात्रों के लर्निंग आउटकम पर चर्चा करने के लिए विद्यालयों में पी0टी0एम0 का आयोजन किया गया है।
3. मेंटर्स एवं शिक्षक द्वारा निपुण लक्ष्यों पर कक्षा-कक्ष में स्थलीय मूल्यांकन कराये गये हैं।
4. जिलाधिकारी एवं मुख्य विकास अधिकारी की अध्यक्षता में निपुण भारत पर मासिक समीक्षा बैठक आयोजित की जा रही हैं।
ऽ शिक्षकों के सेवा संबंधी मामलों के समयबद्ध निस्तारण हेतु पारदर्शी व्यवस्था स्थापित की गयी हैः-
1. शिक्षकों एवं कर्मचारियों के अवकाश सुविधा के सरलीकरण हेतु मानव सम्पदा पोर्टल पर ऑनलाइन स्वीकृति हेतु उ.ैज्भ्।च्छ। ।दकतवपक ।चच आधारित प्रणाली विकसित है, जिसके माध्यम से दिनांक 01 जनवरी, 2022 से 04 जुलाई, 2022 तक 14,68,000 अवकाश हेतु प्रार्थना-पत्र स्वीकृत किये गये हैं।
2. शिक्षकों को वेतन भुगतान समय से सुनिश्चित करने हेतु मानव सम्पदा पोर्टल पर पे-रोल मॉडयूल के माध्यम से वेतन का भुगतान किया जा रहा है।
3. शिक्षकों की सेवा पुस्तिका, सेवा इतिहास, शैक्षिक अभिलेख आदि अपलोड करने की कार्यवाही करायी गयी है।
ऽ प्रधानमंत्री पोषण योजना के अन्तर्गत निम्नलिखित कदम उठाये गये हैंः-
1. कोविड-19 के कारण विद्यालय बंद अवधि में खाद्य सुरक्षा भत्ता के रूप में प्राथमिक विद्यालय के छात्रों को प्रति छात्र 9.4 कि0ग्रा0 खाद्यान्न तथा रु0 636/- धनराशि एवं उच्च प्राथमिक विद्यालय के छात्रों को प्रति छात्र 13.05 कि0ग्रा0 खाद्यान्न तथा         रु0 901/- धनराशि उपलब्ध करायी गयी है।
2. जनपद मथुरा, लखनऊ एवं गोरखपुर के अतिरिक्त वाराणसी में अक्षय पात्र फाउंडेशन संस्था के केन्द्रीयकृत किचेन का संचालन प्रारम्भ किया गया है, जिससे वर्तमान में लगभग 4.00 लाख छात्र लाभान्वित होंगे।
3. 7000 विद्यालयों में ‘‘आदर्श किचन’’ स्थापित किये जाने हेतु किचन उपकरण/बर्तन की धनराशि जनपदों को उपलब्ध कराकर प्रथम त्रैमास में कार्य पूर्ण कराया गया है।
ऽ परिषदीय शिक्षकों को कैशलेस चिकित्सा की सुविधा उपलब्ध कराने हेतु निम्नलिखित कार्यवाही की गयी हैः-
1. शासनादेशानुसार सरकार उपक्रम से परिषदीय शिक्षक/शिक्षणेततर कर्मचारी को कैशलेश सामूहिक स्वास्थ्य बीमा पॉलिसी हेतु ई-निविदा प्रकाशित की गयी, जिसकी वित्तीय बिड खोली जा चुकी है, अग्रेत्तर कार्यवाही की जा रही है। कैशलेस सामूहिक स्वास्थ्य बीमा पॉलिसी के लिए सरकार उपक्रम में 3 लाख, 5 लाख, 7 लाख एवं 10 लाख धनराशि की बीमा दरे मांगी गयी हैं।
2. पॉलिसी के अन्तर्गत शिक्षकों/शिक्षामित्रों/अनुदेशकों/शिक्षणेत्तर कर्मचारी स्वयं एवं आश्रित पुत्र-पुत्री, आश्रित माता पिता तथा किसी सदस्य को सम्मिलित कर सकते हैं। पॉलिसी से लगभग 6.00 लाख शिक्षक/शिक्षामित्र/अनुदेशक/शिक्षणेत्तर कर्मचारी लाभान्वित होंगे।
प्रेसवार्ता के दौरान प्रमुख सचिव बेसिक शिक्षा  दीपक कुमार, महानिदेशक स्कूल शिक्षा  विजय किरन आनंद, निदेशक बेसिक शिक्षा  सवेन्द्र विक्रम बहादुर सिंह सहित अन्य विभागीय अधिकारी उपस्थित थे।
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