राजस्व संग्रह में मेरठ मंडल रहा फिसड्डी, बस्ती बेहतर मंत्री ने दिए शिथिलता के खिलाफ कड़ी कार्यवाही के निर्देश


लखनऊ (मानवी मीडिया)स्टांप तथा पंजीयन विभाग उत्तर प्रदेश द्वारा जून माह में जारी किए गए कर-संग्रह आंकड़ों के अनुसार मई 2022 में मेरठ मंडल का प्रदर्शन प्रदेश भर में सबसे खराब रहा जबकि बस्ती मंडल का प्रदर्शन सबसे बेहतर। स्टांप पंजीयन राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार)  रविंद्र जायसवाल ने विभागीय अधिकारियों को शत-प्रतिशत लक्ष्य प्राप्ति सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं।

उत्तर प्रदेश महानिरीक्षक निबंधन की ओर से मई 2022 तक जारी किए गए कर-संग्रह आंकड़ों के अनुसार कर तथा करेत्तर राजस्व प्राप्तियों में मासिक लक्ष्य के सापेक्ष राजस्व संग्रह में मेरठ मंडल का प्रदर्शन सबसे खराब रहा। मेरठ मंडल ने 739.53 करोड़ रुपए के राजस्व संग्रह के लक्ष्य के सापेक्ष मात्र 490.93 करोड़ रुपयों का राजस्व संग्रह किया। लक्ष्य के सापेक्ष यह राजस्व संग्रह मात्र 66.4 प्रतिशत रहा। बस्ती मंडल द्वारा मासिक लक्ष्य के सापेक्ष 98 प्रतिशत राजस्व संग्रह कर प्रथम स्थान हासिल किया गया है। बस्ती मंडल के लिए मई माह का निर्धारित लक्ष्य 38.81 करोड़ रुपए था जिसके सापेक्ष 38.03 करोड़ रुपए का राजस्व संग्रह किया गया।
मई 2022 में खराब प्रदर्शन करने वाले मंडलों में मेरठ के बाद क्रमशः कानपुर व आगरा मंडल रहे। जिन्होंने लक्ष्य के सापेक्ष क्रमशः 68.5 प्रतिशत तथा 72.6 प्रतिशत प्रदर्शन किया। अच्छा प्रदर्शन करने वाले मंडलों में लखनऊ दूसरे तथा चित्रकूट तीसरे स्थान पर रहा। जिनका लक्ष्य सापेक्ष प्रदर्शन क्रमशः 97.7 प्रतिशत तथा 97.2 प्रतिशत रहा।
वित्तीय वर्ष 2022-23 के लिए निर्धारित वार्षिक राजस्व संग्रह के लक्ष्य के सापेक्ष मई माह तक अच्छा प्रदर्शन करने वाले मंडलों में 16.5 प्रतिशत लक्ष्य प्राप्ति के साथ लखनऊ मंडल प्रथम तथा 15.1 प्रतिशत प्राप्ति के साथ सहारनपुर मंडल दूसरे स्थान पर रहा है।
स्टांप तथा पंजीयन राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) रविंद्र जायसवाल ने पिछड़ा प्रदर्शन करने वाले मंडलों के अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए हैं कि वे लक्षित कर-संग्रह की प्राप्ति सुनिश्चित करें। अपेक्षित लक्ष्य की प्राप्ति ना होने पर कार्य की गहन समीक्षा की जाएगी। साथ ही करावंचन की शिकायतें मिलने पर सरकार की जीरो टॉलरेंस नीति के तहत कड़ी कार्यवाही अमल में लाई जाएगी।
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