ग्रेटर नोएडा: चीनी नागरिकों के लिए गुप्त तरीके से चलाया जा रहा था लग्जरी क्लब


नोएडा (मानवी मीडिया
गौतमबुद्धनगर पुलिस ने गुरुग्राम के एक होटल से दो लोगों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने पूछताछ के दौरान पाया कि संदिग्धों में से एक चीनी नागरिक, जिसका भारतीय वीजा 2020 में समाप्त हो गया था, वो नवंबर 2020 से ग्रेटर नोएडा के एक सुदूर गांव में लग्जरी क्लब चला रहा था। बताया जा रहा है कि यह लग्जरी क्लब विशेष रूप से चीनी नागरिकों के लिए था।

गौतमबुद्धनगर पुलिस ने मंगलवार शाम इकोटेक-1 थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले घरबारा गांव में स्थित अवैध तीन मंजिला लग्जरी क्लब का भंडाफोड़ किया। पुलिस ने कहा कि क्लब में केवल चीनी नागरिक और उत्तर पूर्व भारतीय आते-जाते रहते थे। गौतमबुद्धनगर पुलिस ने सोमवार को गुरुग्राम के एक होटल से चीन के हेबेई प्रांत के शिनजी काउंटी निवासी जू फेई (36) और कोहिमा, नागालैंड की मूल निवासी पेटेख्रीनुओ (22) को गिरफ्तार किया। पुलिस को इनकी सूचना सीमा सशस्त्र बल (एसएसबी) ने दी थी जिन्होंने भारत नेपाल सीमा से दो चीनी नागरिकों को पकड़ा था। 

पुलिस ने कहा कि पूछताछ के दौरान, दोनों चीनी नागरिकों ने एसएसबी को बताया कि वे ग्रेटर नोएडा में जेपी ग्रीन्स में एक दोस्त के यहां रह रहे थे। यहां फेई 2021 से पेटेख्रीनुओ के साथ रह रहा था। फेई और पेटेख्रीनुओ को पहले ही सूचना मिल गई थी कि पुलिस उनकी तलाश कर रही है। इसलिए वे गुरुग्राम भाग गए थे जहां से उन्हें गिरफ्तार कर लिया गया। पुलिस ने बताया कि फेई 2019 से भारत में रह रहा था। उसका वीजा 2020 में खत्म हो गया था और तब से वह अवैध रूप से देश में रह रहा था।

आधिकारिक सूत्रों ने कहा कि विभिन्न एंगल से जांच की जा रही है, जिसमें फेई के जासूस होने की संभावना भी शामिल है। सूत्रों ने कहा कि पुलिस वेश्यावृत्ति, मादक पदार्थों की तस्करी और संभावित जासूसी की जांच कर रही है। गौतमबुद्धनगर के पुलिस आयुक्त आलोक सिंह ने कहा, 'हमने अन्य एजेंसियों से संपर्क किया है और कई एंगल से मामले की जांच कर रहे हैं लेकिन हम इस समय कुछ भी नहीं बताना चाहते।' मंगलवार को लग्जरी क्लब में छापेमारी के दौरान, पुलिस ने चार भारतीय और दो नेपाली महिलाओं को हिरासत में लिया, लेकिन वहां क्लब के संरक्षक माने जाने वाले चीनी नागरिकों में से कोई नहीं मिला।

पुलिस उपायुक्त (ग्रेटर नोएडा) मीनाक्षी कात्यायन ने कहा, 'हमारी जानकारी के अनुसार, छापे के समय बार में कम से कम 15 से 20 चीनी नागरिक थे। हालांकि, अधिकारी जब तक मौके पर पहुंचे, वे भाग चुके थे। क्लब का निरीक्षण करने पर हमने पाया कि इसे चीनी शैली में डिजाइन किया गया था। बार और रेस्तरां में चीनी लिपि में शब्द लिखे हुए थे, जिनमें कहीं भी हिंदी या अंग्रेजी का उल्लेख नहीं था। हमें शक है कि यहां मादक पदार्थों के सेवन जैसी अवैध गतिविधियां चल रही थीं, हालांकि इस एंगल की अभी जांच होना बाकी है।'

पुलिस को अभी तक क्लब में लगे सीसीटीवी कैमरों की डिजिटल वीडियो रिकॉर्डिंग (डीवीआर) नहीं मिली है। हालांकि, छापेमारी के दौरान डीसीपी के हाथ रेंट एग्रीमेंट लगा है। वरिष्ठ अधिकारी स्थानीय प्रशासन और पुलिस अधिकारियों से भी पूछताछ कर रहे हैं कि वे कैसे अनजान थे कि ग्रेटर नोएडा के एक सुदूर गांव के अंदर गुप्त रूप से चीनी क्लब चलाया जा रहा था। सूत्रों ने आगे कहा कि तीन मंजिला इमारत का मालिक घरबारा गांव का निवासी है। इसे नवंबर 2020 में पांच साल के लिए किराए पर लिया गया था। रेंट एग्रीमेंट मालिक और चार लोगों के बीच हुआ था, जिसमें फेई और तीन भारतीय शामिल हैं। पुलिस का मानना है कि यह क्लब चीनी नागरिकों के लिए सेफ हाउस की तरह हो सकता है।


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