मकान बनवाने वालों को लेकर बड़ी राहत


लखनऊ (मानवी मीडिया
इस बार बरसात के दौरान भवन निर्माण करने वाले लोगों को गिट्टी, मौरंग, बालू जैसे उपखनिजों की उपलब्धता में दिक्कत ना हो इसके लिए भंडारण केंद्रों को विक्रय केंद्र बनाने का फैसला लिया है। भंडारण केंद्रों से उप खनिजों की बिक्री के रेट पर भूतत्व एवं खनिकर्म विभाग की नजरें रहेंगी। उपखनिजों की खरीद-बिक्री के लिए बने ई-कामर्स प्लेटफार्म upmineralmart.com के माध्यम से भी लोग घर बैठे भवन निर्माण से जुड़े इन उपखनिजों को खरीद सकते हैं।  

यहां बता दें कि खनन विभाग ने जुलाई 2020 में यूपी मिनरल मार्ट डाट काम शुरू किया था। इस समय इस पोर्टल पर 568 आपूर्तिकर्ता और 31208 ट्रांसपोर्टर पंजीकृत हैं। आम लोगों के लिए सुविधा यह है कि वह इस ऐप के माध्यम से सीधे अपनी जरूरत के मुताबिक उप खनिजों को खरीद सकते हैं। भुगतान की व्यवस्था भी यहां ऑनलाइन है। 

बरसात के लिए इस बार उपखनिजों का पर्याप्त भंडारण: जैकब

भूतत्व एवं खनिकर्म विभाग की सचिव व निदेशक डा. रौशन जैकब के मुताबिक दो साल बाद इस साल राज्य में सभी खदानें ठीक से चली हैं। उपखनिजों का भंडारण अच्छा हुआ है। बारिश के मौसम में जब खदानों में खनन बाधित रहेगा उस अवधि में भी राज्य में पर्याप्त मात्रा में उपखनिज उपलब्ध रहेगा।

लोगों की सुविधा के लिए राज्य में स्थित करीब 400 उपखनिज भंडारण केंद्रों को भी बिक्री केंद्र बना दिया जाएगा। भंडारण केंद्रों पर उपखनिजों का रेट बोर्ड भी रहेगा ताकि आम लोगों को सही दाम पर उपखनिज मिल सके। यूपी सरकार का लक्ष्य आम लोगों को सस्ते दर पर गिट्टी, मौरंग और बालू मुहैया कराने की है। इस दिशा में कई काम किए गए हैं। खदानों के संचालन से लेकर परिवहन तक सारी गतिविधियों पर ऑनलाइन नजरें रखी जा रही हैं। पूरे प्रदेश में उपखनिज वाले वाहनों की लगातार जांच की जा रही है। खनिज परिवहन में लगे वाहनों के मूवमेंट पर खनन मुख्यालय से भी ऑनलाइन नजरें रखी जा रही हैं।

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