चुनाव परिणाम आने के बाद जनता और चुनावी एक्सपर्ट भी हैरान जनता में तो घोर निराशा--अखिलेश यादव

 


लखनऊ (मानवी मीडिया)समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं पूर्व मुख्यमंत्री  अखिलेश यादव ने कहा है कि राज्य की जनता बदलाव और नई सरकार चाहती थी। चुनाव परिणाम आने के बाद जनता के साथ चुनावी एक्सपर्ट भी हैरान थे। इससे जनता में तो घोर निराशा है। सरकार में आने के बाद भी भाजपाईयों के चेहरे बुझे हुए हैं। क्योंकि वे समझ रहे है कि सत्ता  में वे कैसे आए हैं? जनता ने सपा पर भरोसा जताया है। उन्होंने कहा सŸााधारी पार्टी के अन्याय का डटकर मुकाबला करेंगे।

    अखिलेश यादव आज मोहनलालगंज लखनऊ के समेसी बाजार क्षेत्र के भवानी खेड़ा गांव में वरिष्ठ समाजवादी नेता स्वर्गीय राम स्वरूप सिंह यादव जी की प्रतिमा के अनावरण करने के बाद कार्यक्रम में उपस्थित जनसमुदाय को सम्बोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि भाजपा जातिवादी पार्टी है। भाजपा की सरकार में केंद्र से राज्य तक जातिवाद की भरमार है। भाजपा की सरकार भ्रष्टतम है।

    यादव ने बढ़ती गर्मी की चर्चा करते हुए कहा कि 50 डिग्री तक तापमान पहुंच सकता है। प्रदेश में बिजली संकट है क्योंकि पिछले पांच सालों में भाजपा ने एक यूनिट बिजली नहीं बनाई। बिजली के गलत बिलों के साथ महंगी बिजली मिल रही है। भाजपा राज में हजारों करोड़ों रूपए की बिजली खरीदनी पड़ रही है। एक नए मंत्री जी कह रहे हैं कि कमा लो पैसा लेकिन डकार मत लेना।

    यादव ने कहा भाजपा सरकार में गंगा साफ नहीं हुई। मां गंगा को पता है कि भाजपा पिछला बजट डकार चुकी है। स्वास्थ्य मंत्री अस्पतालों में घूम-घूम कर खुद को शर्मिंदा होने की बात कह रहे हैं। उन्हें मुख्यमंत्री आवास 5 कालिदास मार्ग जाकर यह कहना चाहिए। पांच वर्ष की भाजपा सरकार ही शर्मिंदगी है। भाजपा सरकार में किसी नौजवान को नौकरी नहीं मिली। सरकार कुछ कारखाने बेचती जा रही है। कुछ पुराने कारखाने बन्द है। सरकार की सभी संपत्तियां बेची जा रही है। पांच साल में कोई बड़ा कारखाना नहीं लगा। सरकार को मंहगाई की चिंता क्यो नही है? रोजगार नौकरी का क्या हुआ?

    यादव ने कहा किसान भाइयों को सरकार से नही बल्कि बाजार के चलते फसल की बढ़ी कीमत मिल रही। बीजेपी से जुड़े उद्योगपति गेंहू खरीद रहे है। सूजी, बेसन, मैदा के साथ पैक्ड आटा मंहगा होगा। हटाये गए लाउडस्पीकर तो गिन रहे हैं, लेकिन वे गिनती करके बताएं कि सरकार ने  कितनो को नौकरियां दी हैं। हर तरह की ताकतें समाजवादियों के पीछे पड़ी है।

    अखिलेश यादव ने कहा कि सरकार बताए किसानों का बिल माफ कर कब अपना वायदा पूरा करेगी? भाजपा सरकार और विभाग ने अगर तैयारी की होती तो लगातार बिजली दे सकते थे। ये सरकार सपा सरकार में हुए बिजली उत्पादन को आगे नही बढ़ा सकी। समाजवादी सरकार में जो बिजली घर लगे थे उसी से अब तक बिजली मिल रही है। जब लखनऊ-दिल्ली दोनों में सरकार है, तो बिजली क्यो नही मिल रही?

    अखिलेश यादव ने कहा केजीएमयू, लोहिया इंस्टीट्यूट, बलरामपुर जैसे अस्पतालों को बजट नही मिल रहा है। जनता को इलाज नहीं मिल रहा। चंदौली में पुलिस की पिटाई से आरोपी की बहन की मौत के मामले पर उन्होंने कहा कि अपराध-अन्याय की घटना घोर निंदनीय है। मुसलमान भाइयों के साथ घोर अत्याचार हो रहा है। पुलिस के खिलाफ धारा 302 के तहत मुकदमा दर्ज होना चाहिए।

    अखिलेश यादव आज मोहनलालगंज स्थित एन आर एन पब्लिक इन्टर कॉलेज भी गए जहां प्रिंसिपल प्रमोद कुमार कुशवाहा ने उनका स्वागत किया। यहां बच्चों ने उनका अभिनंदन किया।  अनामिका गौड़ ने उनके सम्मान में स्वागत गीत गया। यहां पूर्व विधायक  नीरज मौर्य भी उपस्थित थे।  यादव का मोहनलालगंज तहसील पर अधिवक्ताओं ने स्वागत किया।  राम लखन यादव एडवोकेट,  के.पी. यादव एडवोेकेट,  श्रवण सिंह एडवोकेट, अमरेन्द्र प्रताप सिंह एडवोकेट सहित बड़ी संख्या में अधिवक्ताओं ने अखिलेश यादव का स्वागत किया। मोहनलालगंज के फुलवरिया मोड़ पर भी समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष का स्वागत हुआ।

   मोहनलालगंज से लौटते समय समेसी में चवन्नी टी स्टाल पर  अखिलेश यादव रूके। वहां स्टाल मालिक  सुरेन्द्र कुमार मौर्य ने कुल्हड में चाय पेश की। नगराम मोड़ पर  अमर पाल सिंह ने उनका स्वागत किया।

    अखिलेश यादव के कार्यक्रमों में  राजेन्द्र चौधरी पूर्व कैबिनेट मंत्री, समाजवादी पार्टी, प्रदेश अध्यक्ष  नरेश उत्तम पटेल, आर.के. चौधरी पूर्व मंत्री,  सुशीला सरोज पूर्व सांसद, श्याम किशोर,  उदयराज पूर्व विधायक, विकास यादव, जयसिंह जयंत जिलाध्यक्ष, अशोक यादव पूर्व जिलाध्यक्ष, अमर पाल सिंह, विजय सिंह यादव, के.पी. सिंह, नीरज मौर्य, उमेश वर्मा अध्यक्ष विधानसभा मोहनलालगंज की उपस्थिति उल्लेखनीय है। इनके अतिरिक्त इस अवसर पर स्वर्गीय राम स्वरूप यादव के पुत्र कुलदीप यादव,  अंजू यादव गुड़िया यादव, गौतम रावत, सौम्या यादव, राम सिंह, भी मौजूद थे।

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