भारत में ब्लैकलिस्ट हो रहे पाकिस्तान के सोढ़ा राजपूत


नई दिल्ली (मानवी मीडिया
हिंदू राजपूतों का एक समुदाय है सोढ़ा। पाकिस्तान में भारत सीमा से लगते उमरकोट, थारपारकर और सांघार क्षेत्रों में सोढ़ा हिंदू राजपूतों के हजारों परिवार रहते हैं। बीबीसी की एक रिपोर्ट बताती है सोढ़ा समुदाय अपने धार्मिक और सांस्कृतिक मान्यताओं की वजह से अपने ही समुदाय के लोगों में शादी करते हैं। यही कारण है कि भारत के बंटवारे के बाद सोढ़ा समुदाय के लोग अपने बच्चों की शादी की तलाश में भारत पहुंचते हैं।

सोढ़ा समुदाय के लोगों को किया जा रहा 'ब्लैकलिस्ट'

बीबीसी की रिपोर्ट बताती है कि तय वक्त से अधिक समय तक भारत में रहने पर उन लोगों क कई तरह की दिक्कतें आती है। उदाहरण के लिए समझिए कि किसी सोढ़ा समुदाय का कोई व्यक्ति रिश्ते की तलाश में भारत पहुंचा और उन्हें इस काम में वक्त लग गया और वीजा की अवधि खत्म होने को आई तो उन्होंने स्थानीय फॉरेनर्स रीजनल रजिस्ट्रेशन ऑफिस से वीजा की तारीख बढ़वा ली लेकिन बाद में उन्हें ब्लैकलिस्ट कर दिया गया।

क्या है सोढ़ा समुदाय की मांग?

इन लोगों को पाकिस्तान स्थित भारतीय दूतावास द्वारा वीजा देने से इसलिए इनकार कर दिया जाता है क्योंकि इन लोगों ने वीजा में विस्तार मांगा था या फिर वीजा की अवधि से अधिक रुके थे। सोढ़ा समुदाय के लोगों का कहना है कि भारत और पाकिस्तान के बीच कई जगह बॉर्डर खुल रहे हैं। लाहौर करतारपुर आदि। कुछ लोगों को अगर धार्मिक श्रद्धा की वजह से छूट दी जाती है तो हमें कम से कम आसानी से वीजा तो दिया जा सकता है।

छह महीने तक का वीजा चाहते हैं सोढ़ा समुदाय के लोग

बीबीसी से बात करते हुए सोढ़ा समुदाय के लोगों का कहना है कि हमारे लिए 30-40 दिनों का वीजा काफी नहीं है। कई बार हमें रिश्ते तय करने में छह महीने तक लग जाते हैं। यही कारण है कि राजस्थान के पूर्व राज्यपाल एसके सिंह ने 2007 में सोढ़ा राजपूतों को छह महीने तक के लिए वीजा विस्तार की इजाजत दी थी। रिपोर्ट बताती है कि 2017 में केंद्र सरकार द्वारा यह सुविधा खत्म कर दी गई।

अब तक 900 पाकिस्तानी सोढ़ा परिवार किए गए ब्लैकलिस्ट

पाकिस्तानी सोढ़ा राजपूतों के 'राजा' राणा हमीर सिंह के अबुसार अब तक करीब 900 पाकिस्तानी सोढ़ा परिवारों को ब्लैकलिस्ट किया जा चुका है। राणा हमीर सिंह का खुद का परिवार भी भारत और पाकिस्तान में बंटा हुआ है। पाकिस्तान इंडिया पीपुल्स फोरम फॉर पीस एंड डेमोक्रेसी के अनीस हारून बीबीसी से बातचीत में बताते हैं कि वीजा को रोकना एक मानवीय समस्या है जिस पर तत्काल ध्यान देने की जरूरत है।


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