नाबालिग से दुष्कर्म का आरोपी एसएचओ गिरफ्तार


ललितपुर (
मानवी मीडिया थाना पाली अंतर्गत एक मोहल्ला निवासी किशोरी के साथ दुष्कर्म के मामले ने अब राजनीतिक रंग ले लिया है। उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री और समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव आज पीड़िता के परिवार से मिलने पहुंचे। वहीं इस मामले आरोपी एसएचओ तिलकधारी सरोज को प्रयागराज से गिरफ्तार कर लिया गया है।

मंगलवार को ललितपुर के पाली थाने में दुष्कर्म पीड़िता के साथ थाना परिसर में ही दरिंदगी करने के आरोपी थानाध्यक्ष तिलकधारी सरोज को प्रयागराज से गिरफ्तार कर लिया गया है। ललितपुर पुलिस ने भी महिला समेत पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया है। वहीं एडीजी ने थाने के समूचे स्टाफ को लाइनहाजिर कर दिया है। 

इस घटना के बाद प्रदेश की सियासत गरमा गई है। सपा मुखिया अखिलेश यादव ललितपुर पहुंचे और पीड़ित परिवार से मुलाकात की। उन्होंने सवाल किया कि क्या अब मुख्यमंत्री का बुलडोजर थाने पर चलेगा?


सामूहिक दुष्कर्म की शिकार हुई 13 साल की किशोरी के साथ 27 अप्रैल को पाली थाने के एसओ तिलकधारी सरोज ने थाना परिसर में बने अपने आवास में दुष्कर्म किया था। किशोरी को थानाध्यक्ष ने उसकी मौसी के जरिए बयान दर्ज करने के बहाने बुलाया था। इसका खुलासा किशोरी द्वारा चाइल्ड लाइन को दिए गए बयान से हुआ था। इस मामले में मंगलवार को एसओ समेत छह लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया था। एसओ को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया था। 

मुकदमा दर्ज होने के बाद एसओ तिलकधारी सरोज फरार हो गया था, जिसे बुधवार की शाम प्रयागराज से पकड़ा गया। इसके अलावा पांच अन्य आरोपियों राजभान, महेंद्र चौरसिया, हरिशंकर अहिरवार चंदन अहिरवार और षड्यंत्र में शामिल पीड़िता की मौसी  को भी गिरफ्तार कर लिया गया। एडीजी ने भानु भास्कर ने पाली थाने के 29 कर्मचारियों के स्टाफ को लाइन हाजिर कर दिया। घटना की जांच डीआईजी जोगेंद्र कुमार को सौंपी गई है। उनसे 24 घंटे में पूरे मामले की रिपोर्ट मांगी गई है। 

प्रदेश बेटियों के लिए इतना असुरक्षित और असंवेदनशील कभी नहीं था- शिवपाल

सामूहिक दुष्कर्म मामले पर प्रसपा अध्यक्ष शिवपाल यादव ने कहा कि ललितपुर में एक 13 साल की बच्ची के साथ गैंगरेप और फिर शिकायत लेकर जाने पर थानेदार द्वारा बलात्कार की घटना पुलिस व्यवस्था की निष्ठुरता व नृशंसता की बानगी भर है। न जाने कितनी निरीह बेटियां ऐसी होंगी जिनके अपमान की करुण कथा नौकरशाही व पुलिस व्यवस्था की परिधि से बाहर ही न आ पाती होगी। निःसंदेह उत्तर प्रदेश बेटियों के लिए इतना असुरक्षित और असंवेदनशील कभी नहीं था! प्रदेश सरकार को थानों में महिलाओं की तैनाती बढ़ाने व थानों को महिलाओं के लिए सुरक्षित बनाने के लिए गंभीरता से प्रयास करना होगा? साथ ही हमारी यह भी मांग है कि दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई होनी चाहिए।



बुलडोजर के शोर में कानून व्यवस्था के असल सुधारों को दबाया जा रहा- प्रियंका गांधी

इस घटना पर कांग्रेस नेता प्रियंका गांधी ने कहा कि ललितपुर में एक 13 साल की बच्ची के साथ गैंगरेप और फिर शिकायत लेकर जाने पर थानेदार द्वारा बलात्कार की घटना दिखाती है कि "बुलडोजर" के शोर में कानून व्यवस्था के असल सुधारों को कैसे दबाया जा रहा है। अगर महिलाओं के लिए थाने ही सुरक्षित नहीं होंगे तो वो शिकायत लेकर जाएंगी कहां?

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