मस्जिद और मंदिर पर लाउडस्पीकर दोबारा लगे तो नपेंगे सीओ और एसडीएम


लखनऊ  (मानवी मीडिया
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने निर्देश दिए हैं कि धर्मस्थलों से उतारे गए लाउडस्पीकर किसी भी दशा में दोबारा से न लगने पाएं। अगर लाउडस्पीकर दोराबा लगाए गए तो  संबंधित थानाध्यक्ष, सीओ, एसडीएम व सिटी मजिस्ट्रेट को उत्तरदायी बनाया गया है। उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।

स्कूलों में लगाएं उतारे लाउडस्पीकर
मुख्यमंत्री की वीडियो कांफ्रेंसिंग के बाद शासन ने शुक्रवार को विस्तृत आदेश जारी कर सभी  विभागों की जवाबदेही तय कर दी है। अपर मुख्य सचिव गृह अवनीश कुमार अवस्थी ने इस संबंध में पत्र जारी किया। इसमें कहा गया है कि धर्मस्थलों से उतारे गए लाउडस्पीकर स्कूलों की प्रार्थना सभा या क्षेत्र में पब्लिक एड्रेस सिस्टम में इस्तेमाल किया जाए। धर्मगुरुओं से लगातार संवाद बनाए रखते हुए सड़कों पर धार्मिक आयोजन न होने दिया जाए। सड़क के किनारे अतिक्रमण, अवैध पार्किंग तथा अवैध आटो, टैक्सी व बस स्टैंड को हटवाने के निर्देश के साथ यह भी कहा गया है कि यदि सड़कों के किनारे अवैध रूप से वाहन खड़े किए जाएं तो उसे नियमानुसार क्रेन लगाकर जब्त किया जाए। 

निर्देश दिए गए हैं कि वाहनों की ओवरलोडिंग रोकने, फिटनेस प्रमाणपत्र के बिना कोई भी वाहन न चलने देने और अवैध पार्किंग व स्टैंड संचालकों के विरुद्ध अगले 24 घंटे के अंदर हर जिले में अभियान चलाकर गैंगस्टर व गुंडा एक्ट के तहत कार्रवाई करने और अवैध वसूली से अर्जित संपत्ति जब्त करने के निर्देश भी दिए गए हैं। 

शहरों के इंट्री प्वाइंट पर न खड़े हों वाहन
निर्देश दिए गए हैं कि बड़े शहरों के इंट्री प्वाइंट पर वाहन न खड़े होने दिया जाए तथा सड़कों के किनारे स्थित पार्किंग सुविधा रहित ढाबों पर वाहन खड़े पाए जाने पर ढाबा मालिक के विरुद्ध कार्रवाई की जाए। वाहन चलाते समय मोबाइल फोन का इस्तेमाल न करने और सड़कों पर स्टंट न करने के लिए जागरूक किए जाने पर भी जोर दिया गया है। 

कोरोना से ज्यादा दुर्घटनाओं में मौत 
अपर मुख्य सचिव गृह ने भेजे गए पत्र में बताया है कि वर्ष 2021 में कुल 21227 व्यक्तियों की मौत हुई, जबकि 24897 लोग घायल हुए। मृतकों में 72 प्रतिशत से अधिक व्यक्ति 18 से 45 वर्ष की आयु वर्ग के थे, जो कि अत्यंत दु:खद एवं चिंताजनक है। प्रदेश में पूरे कोरोना काल (दो वर्ष) में कुल 23514 व्यक्तियों की मृत्यु हुई, जबकि सड़क दुर्घटनाओं में इससे कहीं अधिक मृत्यु हुई है। नौजवानों की मृत्यु ज्यादातर सड़कों पर ब्लैक स्पॉट, ओवर स्पीडिंग एवं डग्गामार वाहनों के कारण हुई, जिन पर पूर्ण प्रतिबंध लगाया जाए। 

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