बिजली संकट के बीच , मोबाइल चार्ज कराने के लिए लोग पैसे देने को मजबूर

नई दिल्ली (मानवी मीडिया): देशभर में कोयले की चल रही कमी के कारण कई राज्यों में बिजली के लंबे-लंबे कट लग रहे है। इस बीच जरनेटर का कारोबार बढ़ गया है। वहीं कई गांवों में लोग 5 से 10 रुपए खर्च कर अपना मोबाइल चार्ज कराने को विवश हैं। बिजली आपूर्ति बाधित होने पर गौरा चौराहा थाना क्षेत्र के भोजपुर संतरी गांव में ग्रामीणों ने प्रदर्शन किया। प्रदर्शन के बाद मुख्यमंत्री को पत्र भेजकर रोस्टर के अनुसार बिजली आपूर्ति किए जाने की मांग की है।

जिले में बिजली आपूर्ति व्यवस्था पूरी तरह से चरमरा गई है। शहरी क्षेत्रों में 10 से 12 घंटे तो ग्रामीण क्षेत्र में 6 से 8 घंटे ही बिजली मिल पा रही है। बार-बार ट्रिपलिंग व लोकल फाल्ट के नाम पर बिजली कटौती किए जाने से ग्रामीण क्षेत्रों में ‘बिजली’ यानि कि जनरेटर का व्यवसाय एक बार फिर जोर पकड़ने लगा है। लोग पैसा देकर जनरेटर का कनेक्शन ले रहे हैं

इतना ही नहीं इर्न्वटर व सौर ऊर्जा से मोबाइल चार्ज करने का व्यवसाय भी खूब फलफूल रहा है। लोग 5 से 10 रुपए देकर अपना मोबाइल चार्ज कराने को विवश हैं। गांवों में स्थापित लघु उद्योग बंदी के कगार पर पहुंच गए हैं। समय से बिजली न मिल पाने के कारण आटा-चक्की व्यवसाय बुरी तरह से प्रभावित हुआ है। आटा चक्की न चलने के कारण लोगों के घर रोटी के लाले भी पड़ गए हैं।

इसी तरह इलेक्ट्रानिक, आइसक्रीम, होटल, व मेडिकल की दुकानें करने वाले लोग भी बिजली कटौती होने के कारण व्यवसाय नहीं कर पा रहे हैं। गौरा चौराहा थाना क्षेत्र के भोजपुर संतरी गांव के ग्रामीणों ने बिजली विभाग की मनमानी पर आक्रोश जताते हुए शनिवार को जमकर प्रदर्शन किया।

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