7 हज़ार मोबाइल नंबर पुलिस की राडार पर


चंडीगढ़ (
मानवी मीडिया): पंजाब पुलिस की इंटेलिजेंस विंग के सेक्टर-77 स्थित मुख्यालय की इमारत पर सोमवार रात हुए हमले के करीब 16 घंटे बाद पुलिस ने करीब एक दर्जन लोगों को गिरफ्तार किया है। लगातार दूसरे दिन पंजाब के वरिष्ठ और अन्य पुलिस अधिकारी हमले पर टिप्पणी करने से कतरा रहे हैं। पुलिस ने इंटेलिजेंस विंग कार्यालय के पास मोबाइल टावरों की रेंज में लगभग सात हज़ार मोबाइल फोन का डंप भी एकत्र किया है  जो घटना वाले दिन उस क्षेत्र में रहे हैं, उन्हें संदेह की नजर से देखा जा रहा है। शुरुआती जांच में खुफिया विंग के पास एक संदिग्ध स्विफ्ट कार के चक्कर लगाने का सीसीटीवी फुटेज सामने आया। कार में तीन-चार लोग सवार बताए जा रहे हैं। बताया जाता है कि घटना से पहले रेकी की गई थी। घटना के बाद यह कार डेराबस्सी होते हुए दप्पर टोल प्लाजा से हरियाणा की ओर निकली।

मोहाली में इंटेलिजेंस दफ्तर के बाहर पत्रकारों से बातचीत में डीजीपी वीके भावरा ने इसे आतंकी हमला मानने से इन्कार किया। कहा कि मामले की जांच जारी है। डीजीपी ने कहा कि विस्फोट के लिए टीएनटी का इस्तेमाल हुआ है। गिरफ्तारी के संबंध में पूछे जाने पर उन्होंने कहा कि इस संबंध में आपको बता दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि जल्द आरोपित गिरफ्त में होंगे। वहीं, इंटेलिजेंस विभाग कीा थर्ड फ्लोर जहां पर राकेट टकराया था।  यही पर एस टी एफ की टीम भी बैठती है।  घटना की  जांच के लिए दफ्तर में क्रेन मंगाई गई है, क्योंकि स्पॉट तीसरी मंजिल पर है, इसलिए माना जा रहा है कि फारेंसिक टीम क्रेन पर बैठकर बाहरी दीवारों का निरीक्षण करेंगी। दीवार की हालत देखकर ऐसा लग रहा है कि विस्फोट बड़ा नहीं था, क्योंकि जो खिड़की का कार्नर 3 से 4 इंच टूटा हुआ है और वहां के प्लास्टर उखड़ गया है। अंदर फाल सीलिंग भी उखड़ी हुई दिखाई दे रही है। हमले के बाद मोहाली अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे और रेलवे स्टेशन पर भी सुरक्षा बढ़ा दी गई है। फोरेंसिक टीमों को भी बुलाया गया है और नमूने लिए गए हैं। इस घटना में आतंकवादियों का हाथ होने या न होने पर डी जी पी पंजाब वी के भवंरा ने कुछ नहीं कहा। परन्तु सूत्र बताते है कि घटना में गैंगस्टर हो सकते है।  क्योंकि जिस प्रकार करीब एक माह से गैंगस्टरों के विरुद्ध कारवाई तीव्र हो रही थी , ये घटना पुलिस को भयभीत करने की हो सकती है। शाम में वक्त , जब कार्यालय में कोई न था , तो इस घटना को चुनौती और चेतावनी के रूप में माना जा रहा है।
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