मध्यान्ह भोजन योजना के संचालन हेतु 3067.45 करोड़ रु0 धनराशि का अनुमोदन


लखनऊ: (मानवी मीडिया) प्रदेश के मुख्य सचिव  दुर्गा शंकर मिश्र की अध्यक्षता में आज लोक भवन में मध्याह्न भोजन योजना की प्रबंधकारिणी समिति की आयोजित 27वीं बैठक में वित्तीय वर्ष 2022-23 में मध्यान्ह भोजन योजना के संचालन हेतु 3067.45 करोड़ रुपये (केन्द्रांश रु0 1811.23 करोड़ एवं राज्यांश 1256.22 करोड़ रुपये) की वार्षिक कार्य योजना एवं बजट भारत सरकार को प्रस्तुत किये जाने हेतु अनुमोदन प्रदान किया। 

इससे पूर्व बैठक में बताया गया कि प्रदेश सरकार द्वारा स्वयं के संसाधनों से रसोइयों के निर्धारित मानदेय 1500 रुपये से बढ़ाकर 2000 रुपये करने का निर्णय लिया गया है। इसके अलावा रसोइयों के यूनिफार्म ड्रेस कोड (02 जोड़ी साड़ी/पैंट-शर्ट) हेतु 500 रुपये डी0बी0टी0 के माध्यम से खातों में हस्तांतरित किये जाने का निर्णय भी लिया गया है। 

         यह भी बताया गया कि छात्रों को गुणवत्तापूर्ण भोजन उपलब्ध कराने हेतु एवं एकरूपता के दृष्टिगत जनपद गोरखपुर में केन्द्रीयकृत किचेन निर्माण हेतु प्रथम किश्त 2.50 करोड़ रुपये तथा जनपद वाराणसी को 13.91 करोड़ रुपये की धनराशि निर्गत की गई है। विद्यालयों पर आदर्श किचेन की स्थापना किए जाने हेतु 27 विद्यालयों में नवीन बर्तन क्रय एवं 7215 विद्यालयों में बर्तनों के रिप्लेसमेंट के लिए 725.80 करोड़ रुपये की धनराशि आवंटित की गई है। 

इसके अतिरिक्त छात्रों में मौसमी सब्जियों की उपयोगिता एवं उसमें पाये जाने वाले पोषण तत्वों के बारे में जानकारी बढ़ाये जाने के उद्देश्य से विद्यालयों किचेन गार्डन की स्थापना करायी जा रही है। मध्यान्ह भोजन योजनान्तर्गत आच्छादित विद्यालयों में अध्ययनरत छात्र/छात्राओं के बेहतर स्वास्थ्य/पोषण के दृष्टिगत प्रदेश सरकार द्वारा स्वयं के संसाधनों से ताजे एवं मौसमी फल का वितरण सप्ताह के प्रत्येक सोमवार को किया जा रहा है। 

बैठक में अपर मुख्य सचिव माध्यमिक शिक्षा  आराधना शुक्ला, प्रमुख सचिव बेसिक शिक्षा  दीपक कुमार सहित सम्बन्धित विभागों के वरिष्ठ अधिकारीगण आदि उपस्थित थे।  

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