सप्ताह में एक दिन शहीद स्थलों/पर्यटन स्थलों पर पुलिस बैण्ड द्वारा देश भक्ति की धुन बजायी जाए

 


लखनऊ: (मानवी मीडिया)उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ  ने निर्माण कार्यांे को गुणवत्तापरक एवं समयबद्ध ढंग से पूर्ण करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि निर्माण कार्याें को समयबद्धता के साथ पूरा करने से रिवाइज स्टीमेट की स्थिति नहीं आयेगी और अनावश्यक व्यय भार नहीं बढे़गा। उन्होंने कहा कि निर्माण कार्यांे को समय से पूर्ण न किये जाने पर सम्बन्धित की जबावदेही तय की जाएगी।

मुख्यमंत्री  आज जनपद गोरखपुर में आयुक्त सभागार में आयोजित बैठक में गोरखपुर मण्डल के विकास कार्याें की समीक्षा कर रहे थे। उन्होंने मण्डल के विकास कार्यक्रमों, कानून-व्यवस्था एवं 10 करोड़ रुपये से अधिक की परियोजनाओं की प्रगति की जनपदवार विस्तृत समीक्षा की। इस अवसर पर उन्होंने जनपद गोरखपुर के गायत्रीनगर की 02 लाभार्थियों-श्रीमती कलावती देवी को पुत्र की विद्युत दुर्घटना में, एवं श्रीमती उर्मिला देवी को उनके पति के असामयिक निधन पर, मुख्यमंत्री विवेकाधीन कोष से दो-दो लाख रुपये की आर्थिक सहायता प्रदान की।

मुख्यमंत्री  ने निर्देश दिए कि प्रत्येक परियोजना हेतु एक नोडल अधिकारी अवश्य नामित किया जाए। बाढ़ नियंत्रण से सम्बंधित सभी तैयारियां समय से पूर्व ही पूर्ण कर ली जाएं। संवेदनशील बंधों की मरम्मत का कार्य बरसात से पूर्व करा लिया जाए। महानगर में जल-जमाव की स्थिति उत्पन्न न हो, इसके लिए नालों की साफ-सफाई आदि कार्याें को समय से कराया जाए तथा कार्यों की नियमित मॉनीटरिंग भी की जाए।

मुख्यमंत्री  ने अधिकारियांे को निर्देश दिए कि जनप्रतिनिधियों से बेहतर संवाद स्थापित किया जाए। माह में कम से कम एक बार उनके साथ बैठक की जाए। यह सुनिश्चित किया जाए कि जनप्रतिनिधिगण के फोन प्रॉपर अटेंड हों तथा प्रॉपर रिस्पाँस दिया जाए। जनता के विश्वास पर खरा उतरना हम सभी का दायित्व है। अधिकारीगण जनता के प्रति संवेदनशील होकर उनकी समस्या का समाधान करें। सभी को न्याय पाने का अधिकार है। इसलिए जनसमस्याओं का निस्तारण मेरिट के आधार पर किया जाए। समस्या के निराकरण के सम्बन्ध में आवेदक से दूरभाष के माध्यम से फीडबैक भी प्राप्त करें।

मुख्यमंत्री  ने कहा कि अन्तर्विभागीय समन्वय में बड़ी ताकत होती है। इंसेफेलाइटिस की समस्या को नियंत्रित करने में अन्तर्विभागीय समन्वय का बड़ा योगदान है। मिशन शक्ति कार्यक्रम के अन्तर्गत महिलाओं की सुरक्षा, सम्मान व स्वावलम्बन हेतु अन्तर्विभागीय संयुक्त टीम साप्ताहिक कार्यक्रम बनाते हुए ग्राम पंचायतों में चौपाल लगाकर समस्याओं का संवेदनशीलता से निस्तारण करे। उन्होंने कहा कि सभी अधिकारी समय से कार्यालयों में उपस्थित रहकर जन समस्याओं का निस्तारण सुनिश्चित करंे। जनसमस्याओं का एक रजिस्टर भी बनाया जाए, उसमें समस्या निस्तारण की स्थिति अंकित की जाए। अधिकारीगण अपने तैनाती स्थल पर ही रात्रि विश्राम करें।

मुख्यमंत्री  ने कहा कि ‘स्कूल चलो अभियान’ के तहत शिक्षा के प्रति गांव वार जागरूकता उत्पन्न करते हुए यह सुनिश्चित किया जाए कि कोई भी बच्चा शिक्षा से वंचित न रहे। प्रत्येक बच्चा स्कूल अवश्य जाए, उसे यूनिफॉर्म, जूता-मोजा आदि उपलब्ध कराया जाए। उन्होंने ऑपरेशन कायाकल्प के तहत स्कूलों के सौन्दर्यीकरण पर विशेष बल दिया, ताकि विद्यालयों में कुछ नयापन दिखे। उन्होंने कहा कि बीमारियों से बचने हेतु स्वच्छता एवं शुद्ध पेयजल को अपनाना होगा, तभी संक्रमित बीमारियों से बचा जा सकता है। मुख्यमंत्री जी ने कहा कि जनपद में नगर निगम व ग्राम पंचायतों में 75-75 तालाबों का निर्माण कराया जाए तथा अमृत महोत्सव के तहत इन तालाबों को ‘अमृत सरोवर’ का नाम दिया जाए।

मुख्यमंत्री  ने निर्देश दिए कि प्रत्येक ग्राम पंचायत में एक खेल का मैदान तथा सॉलिड वेस्ट हेतु एक खाद का गढ्ढा बनाया जाए, जिससे कम्पोस्ट खाद तैयार होगी। हर ग्राम में ग्राम सचिवालय स्थापित हो और ग्रामीणों की समस्या का समाधान वहीं से किया जाये। उन्होंने कहा कि योजनाएं रोजगारपरक हों, किसी भी योजना में अनियमितता की शिकायत नहीं होनी चाहिए। यदि कहीं गड़बड़ी की शिकायत पायी जाती है, तो सम्बन्धित के विरुद्ध सख्त कार्यवाही सुनिश्चित की जाए।

मुख्यमंत्री  ने संचारी रोग नियंत्रण एवं दस्तक अभियान की नियमित समीक्षा करने के निर्देश देते हुए कहा कि उद्यमियों तथा व्यापारियों की समस्याओं के निराकरण हेतु मण्डल एवं जनपद स्तरीय समीक्षा बैठक अवश्य की जाए। उन्होंने कहा कि ट्रैफिक जाम की समस्या से निजात पाने हेतु यातायात नियमों का पालन किया जाना आवश्यक है, ताकि आवागमन सुगमता से संचालित होता रहे। उन्होंने गोरखपुर-सोनौली मार्ग, नौसढ़-पैडलेगंज, गोरखपुर-वाराणसी आदि मार्गांे के निर्माण कार्यों को तेजी के साथ पूर्ण करने के निर्देश सम्बंधित कार्यदायी संस्थाओं को दिये।

मुख्यमंत्री  ने कलेक्ट्रेट एवं कमिश्नरी को इंटीग्रेटेड ऑफिस बनाने तथा पर्यटन को बढ़ावा देने के निर्देश देते हुए कहा कि गोरखपुर मण्डल में पर्यटन की अनेक सम्भावनाएं हैं। उन्होंने कहा कि स्मार्ट सिटी की तरह स्मार्ट गांव बनाने की दिशा में भी कार्य किया जाए। स्ट्रीट वेन्डरों का व्यवस्थित पुनर्वासन किया जाए। सड़कों के चौड़ीकरण के साथ ही, जल निकासी हेतु डेªनेज तथा अण्डरग्राउण्ड केबिलिंग की व्यवस्था की जाए। वनटांगिया गांव, मुसहर बस्ती में मूलभूत सुविधाएं विकसित की जाएं।

कानून व्यवस्था की समीक्षा करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि अपराधियों के विरुद्ध कठोर कानूनी कार्यवाही की जाए। पुलिस थानों पर आने वाले लोगों के लिए बैठने, पेयजल आदि की व्यवस्था हो। शिकायतों की सुनवाई संवेदनशीलता के साथ की जाए। पुलिस थानों पर अनावश्यक पडे़ सामानों का नियमानुसार निस्तारण भी कराया जाए। पुलिस पेट्रोलिंग को व्यवस्थित रूप से आगे बढ़ाया जाए। सप्ताह में एक दिन शहीद स्थलों/पर्यटन स्थलों पर पुलिस बैण्ड द्वारा देश भक्ति की धुन बजायी जाए।

बैठक के दौरान मण्डल के सभी जिलाधिकारियों ने अपने-अपने जनपद के विकास कार्यक्रमों की प्रगति तथा पुलिस अधिकारियों ने कानून-व्यवस्था के संबंध में प्रस्तुतिकरण दिया।

बैठक में जनप्रतिनिधिगण तथा शासन-प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।

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