यूनिवर्सिटी में दाखिले के लिए बदले नियम


नई दिल्ली (मानवी मीडियादेश की सभी सेंट्रल यूनिवर्सिटी को लेकर यूजीसी (UGC) की तरफ से एक बड़ी घोषणा की गई है. यूजीसी चेयरमैन एम जगदीश कुमार के मुताबिक, सभी 45 केंद्रीय विश्वविद्यालयों के ग्रेजुएट कोर्स में दाखिले के लिए जुलाई के पहले हफ्ते में कॉमन यूनिवर्सिटी एंट्रेंस टेस्ट (CUET) कराया जाएगा. दरअसल कॉमन यूनिवर्सिटी एंट्रेंस टेस्ट एक कंप्यूटर बेस्ड एग्जाम है जो नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) की तरफ से आयोजित किया जाएगा. सीयूईटी पैटर्न जल्दी ही जारी कर दिया जाएगा. अप्रैल के पहले हफ्ते से ही परीक्षा के लिए रजिस्ट्रेशन की प्रक्रिया शुरू कर दी जाएगी.

CUET स्कोर के आधार पर होगा एडमिशन

यूजीसी के चेयरमैन एम जगदीश कुमार के मुताबिक, यूनिवर्सिटी के ग्रेजुएट कोर्सेस में दाखिला CUET स्कोर के आधार पर ही होगा. जिसमें 12वीं बोर्ड के परिणामों को कोई वेटेज नहीं मिलेगा. जिसका साफ मतलब है कि अब सेंट्रल यूनिवर्सिटी में दाखिले के लिए 12वीं का परिणाम आधार नहीं होगा. परीक्षा के बाद तैयार की गई एनटीए की मेरिट लिस्ट पर ही स्टूडेंट्स का दाखिला संभव होगा.

परीक्षा में नेगेटिव मार्किंग भी होगी

मगर सवाल एग्जाम पैटर्न को भी लेकर आता है तो आपको बता दें कि सीयूईटी पैटर्न में NCERT पर आधारित मल्टीपल चॉइस प्रश्न (MCQ) के साथ-साथ नेगेटिव मार्किंग भी होगी.

कैसा होगा CUET का सिलेबस?

उल्लेखनीय है कि 45 केंद्रीय विश्वविद्यालयों को यूजीसी से आर्थिक मदद मिलती है. एम जगदीश कुमार ने कहा कि सीयूईटी का सिलेबस एनसीईआरटी के 12वीं क्लास के सिलेबस से मिलता-जुलता ही होगा. सीयूईटी में सेक्शन-1ए, सेक्शन-1बी, सामान्य परीक्षा और कोर्स-स्पेसिफिक सब्जेक्ट होंगे. सेक्शन-1ए अनिवार्य होगा, जोकि 13 भाषाओं में होगा और कैंडिडेट इनमें से अपनी पसंद की भाषा का चयन कर सकते हैं.

13 भाषाओं में आयोजित होगी परीक्षा

एंट्रेंस टेस्ट के 3 भाग होंगे जो कि 2 पालियों में आयोजित की जाएगी. परीक्षा हिंदी, कन्नड़, मलयालम, उर्दू, असमिया, बंगाली, पंजाबी, उड़िया, इंग्लिश, मराठी, तमिल, तेलुगु और गुजराती जैसी 13 भाषाओं में आयोजित की जाएगी.

कोटा व्यवस्था CUET से प्रभावित नहीं होगी

एम जगदीश कुमार ने कहा कि सीयूईटी का यूनिवर्सिटी की आरक्षण नीति पर कोई प्रभाव नहीं होगा. सीयूईटी के बाद किसी भी केंद्रीय काउंसलिंग का आयोजन नहीं होगा.

अधिकतम 6 डोमेन चुन सकेंगे कैंडिडेट

एम जगदीश कुमार ने कहा कि डोमेन-स्पेसिफिक सब्जेक्ट्स के तहत, एक कैंडिडेट अधिकतम 6 डोमेन चुन सकता है, जिसे वे ग्रेजुएशन के स्तर पर आगे बढ़ाना चाहते हैं. कुछ डोमेन एंथ्रोपोलॉजी, अकाउंटिंग, बुक-कीपिंग आदि हैं. कुछ यूनिवर्सिटी ऐसी भी हैं जो डोमेन-स्पेसिफिक सिलेबस में प्रवेश के लिए एलिजिबिलिटी क्राइटेरिया के रूप में सामान्य परीक्षा भी आयोजित करती हैं, इसलिए ये भी सीयूईटी का एक हिस्सा है.

इन कोर्स में एडमिशन के लिए होगा इंटरव्यू

इसके अलावा यूनिवर्सिटी को CUET के साथ-साथ संगीत, ललित कला, रंगमंच जैसे सिलेबस के लिए प्रैक्टिकल और इंटरव्यू आयोजित करने की अनुमति होगी. उन्होंने कहा कि कॉमन एंट्रेंस टेस्ट सभी बोर्डों के स्टूडेंट्स को विशेष रूप से पूर्वोत्तर और ग्रामीण क्षेत्रों के छात्रों को समान अवसर देगा.

अल्पसंख्यक यूनिवर्सिटी भी CUET के तहत आएंगी

आपको बता दें कि जवाहरलाल नेहरू यूनिवर्सिटी, दिल्ली यूनिवर्सिटी, जामिया मिलिया इस्लामिया, अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी, बनारस हिंदू यूनिवर्सिटी, इग्नू समेत सभी 45 सेंट्रल यूनिवर्सिटी CUET के तहत आएंगी. चेयरमैन ने ये भी साफ किया है कि जिन यूनिवर्सिटी में अल्पसंख्यकों के लिए सीटें आरक्षित करते हैं, वो भी CUET पैटर्न के तहत ही दाखिला देंगे. हालांकि कोटा व्यवस्था इससे प्रभावित नहीं होगी.

CUET के लिए आवेदन कैसे होगा?

सीयूसीईटी के लिए आवेदन का लिंक अप्रैल के पहले सप्ताह में एक्टिव कर दिया जाएगा. लिंक एक्टिव होने के बाद इच्छुक और योग्य अभ्यर्थी ऑफिशियल वेबसाइट पर जाकर आवेदन कर सकेंगे. सीयूसीईटी के जरिए केंद्रीय विश्वविद्यालयों में एडमिशन दिया जाएगा.

वहीं, प्राइवेट, स्टेट और डीम्ड यूनिवर्सिटी में एडमिशन के लिए सीयूईटी यानी कॉमन यूनिवर्सिटी एंट्रेंस टेस्ट आयोजित किया जाएगा. ऐसे में कोई भी प्राइवेट, स्टेट या डीम्ड यूनिवर्सिटी यूजी की सीटों पर प्रवेश 12वीं के मेरिट के आधार पर नहीं देगी. माना जा रहा है कि एक सप्ताह के अंदर नेशनल टेस्टिंग एजेंसी की तरफ से ऑफिशियल वेबसाइट nta.ac.in पर डिटेल्स जारी कर दी जाएंगी.

केंद्रीय विश्वविद्यालयों में विदेशी स्टूडेंट्स का प्रवेश कैसे होगा?

यूजीसी के अध्यक्ष एम जगदीश कुमार ने कहा कि यूनिवर्सिटी में मौजूदा प्रैक्टिस के अनुसार विदेशी स्टूडेंट्स का प्रवेश किया जाएगा.

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