एन चंद्रशेखरन फिर बने टाटा संस के चेयरमैन

नई द‍िल्‍ली (मानवी मीडिया) एन चंद्रशेखरन दोबारा पांच साल के ल‍िए टाटा संस के चेयरमैन बन गए हैं. टाटा संस के बोर्ड ने शुक्रवार को हुई मीट‍िंग में चंद्रशेखरन के नाम पर मुहर लगाई. इसके साथ ही एन चंद्रशेखरन का कार्यकाल पांच साल के ल‍िए बढ़ गया. पहली बार वह 2017 में ग्रुप के चेयरमैन बने थे. आपको बता दें टाटा संस, टाटा ग्रुप की होल्डिंग कंपनी है.

टाटा ट्रस्ट की बड़ी ह‍िस्‍सेदारी

चंद्रशेखरन को दूसरी बार नियुक्ति के ल‍िए टाटा ट्रस्ट के चेयरमैन रतन टाटा का समर्थन मिला. टाटा ट्रस्ट की टाटा संस में बड़ी हिस्सेदारी है. टाटा संस की तरफ से जारी बयान में कहा गया क‍ि निदेशक मंडल की शुक्रवार को हुई बैठक में प‍िछले पांच साल की समीक्षा की गई. इसके बाद कार्यकारी चेयरमैन एन चंद्रशेखरन को दोबारा चेयरमैन बनाने का न‍िर्णय ल‍िया गया.

नियुक्ति को सर्वसम्मति से मंजूरी

'इस बैठक में रतन एन टाटा को विशेष तौर पर आमंत्रित क‍िया गया था. उन्होंने चंद्रशेखरन के नेतृत्व में टाटा ग्रुप की प्रगति और प्रदर्शन पर संतोष जताया. उन्होंने चंद्रशेखरन का कार्यकाल पांच साल की अवधि के लिए बढ़ाये जाने की सिफारिश की.' निदेशक मंडल ने कार्यकारी चेयरमैन के प्रदर्शन की प्रशंसा की और अगले पांच साल के लिए कार्यकारी चेयरमैन के तौर पर उनकी पुन: नियुक्ति को सर्वसम्मति से मंजूरी दी.

सायरस मिस्त्री से कानूनी लड़ाई में बीता कार्यकाल!

चंद्रशेखरन (58) ने कहा, 'बीते पांच वर्ष तक टाटा समूह की अगुवाई की, यह सम्मान की बात है. अगले चरण में और पांच वर्ष के लिए समूह का नेतृत्व करने का अवसर मिलने की मुझे प्रसन्नता है.' चंद्र नाम से लोकप्रिय चंद्रशेखरन ने टाटा संस की बागडोर 2017 में संभाली थी जब समूह नेतृत्व संकट से जूझ रहा था. उनके कार्यकाल का ज्यादातर हिस्सा उनके पूर्ववर्ती सायरस मिस्त्री से कानूनी लड़ाई में चला गया. 

2016 में टाटा संस के निदेशक मंडल में आए

चंद्रशेखरन अक्टूबर 2016 में टाटा संस के निदेशक मंडल में आए थे और जनवरी 2017 में उन्हें चेयरमैन बनाया गया. आधिकारिक प्रभार उन्होंने फरवरी 2017 में संभाला. 

 

 

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