जिंदा महिला को डॉक्टरों ने मृत बताया, पोस्टमार्टम हाउस पर शरीर में हुई हलचल और फिर


महोबकंठ (मानवी मीडियाग्वालियर ट्रामा सेंटर के डॉक्टरों ने लापरवाही की इंतहा कर दी। महोबा में हादसे में घायल महिला को मृत घोषित करके पोस्टमार्टम हाउस भेज दिया गया। मृत्यु प्रमाणपत्र भी जारी कर दिया। घरवाले 'शव' लेकर पोस्टमार्टम हाउस पहुंच गए। वहां उसके शरीर में हरकत दिखी तो हंगामा किया। दोबारा उसे अस्पताल में भर्ती कराया गया। उसका इलाज हो रहा है। अस्पताल के लोग मामले की लीपापोती में लगे हैं।

महोबा के थाना महोबकंठ क्षेत्र के गांव उमरई निवासी नृपत की पत्नी जामवंती (32) 24 फरवरी को बेटे आसेन्द्र के साथ बाइक पर बहन सुशीला के घर जा रही थी। रास्ते में दुर्घटना हुई, जिसमें वह घायल हो गई। उसे मेडिकल कालेज झांसी रेफर किया गया। वहां हालत नाजुक होने पर परिजन ग्वालियर ट्रामा सेंटर ले गए। जहां जामवंती का इलाज चल रहा था। शुक्रवार को ट्रामा सेंटर के डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित करते हुए डेथ सार्टीफिकेट जारी कर दिया।

परिजन सार्टीफिकेट और बॉडी लेकर पोस्टमार्टम हाउस पहुंच गए। जामवंती के भाई मान सिंह ने बताया कि पोस्टमार्टम हाउस में बहन के शरीर में हलचल दिखी तो नब्ज टटोली। बहन जिंदा थी। नब्ज-धड़कन चल रही थी। मैंने डॉक्टरों को सूचना दी। टीम ने आकर जांच की तो बहन जिंदा मिली। उसे ट्रामा सेंटर में फिर भर्ती किया गया है। पति नृपत ने बताया कि नोडल अधिकारी डा. अभिलेख मिश्रा ने जांच व कार्रवाई का आश्वासन देते हुए कहा कि बिना ईसीजी किए मृत घोषित करना लापरवाही है।

परिजन कर रहे प्रार्थना

मरने की सूचना गांव पहुंची तो परिजनों में चीख पुकार मच गई। कुछ देर बाद ही दोबारा ट्रामा सेंटर में भर्ती होने की खबर मिली तो परिजन भगवान का शुक्रिया अदा कर रहे हैं। गांव के लोग भी जामवंती की सलामती के लिए प्रार्थना कर रहे है।  

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