बिपिन रावत के हैलीकाप्टर क्रैश का सच आया सामने


नई दिल्ली (मानवी मीडिया): सीडीएस जनरल बिपिन रावत के हैलीकाप्टर हादसे की जांच रिपोर्ट आज रक्षामंत्री राजनाथ सिंह को सौंप दी गई है। आभारतीय वायुसेना ने तीनों सेनाओं की जांच में निकले निष्कर्षों के बारे में 45 मिनट के प्रजेंटेशन में जानकारी दी। आधिकारिक रूप से जांच रिपोर्ट के बारे में अभी नहीं बताया गया है लेकिन मीडिया रिपोर्ट का दावा है कि खराब मौसम के कारण उस दिन हेलिकॉप्टर क्रैश हुआ था

8 दिसंबर को तमिलनाडु के कुन्नूर में हुए हेलिकाप्टर क्रैश में सीडीएस बिपिन रावत, उनकी पत्नी मधुलिका रावत के अलावा 13 सैन्यकर्मियों की मौत हो गई थी। हादसे के कारणों का पता लगाने के लिए तीनों सेनाओं के अधिकारियों की जांच समिति बनाई गई थी। जांच दल ने रूसी मूल के एमआई-17वी5 हेलिकाप्टर दुर्घटनाग्रस्त होने की जांच पहले ही पूरी कर ली है। इससे पहले, सूत्रों ने सुझाव दिया था


कि भारतीय वायु सेना के हेलिकाप्टर में किसी तकनीकी खामी की वजह से हादसा नहीं हुआ था। हालांकि इसकी कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।  रिपोर्ट के मुताबिक विंग कमांडर पृथ्वी सिंह चौहान रेलवे लाइन को फॉलो करते हुए हेलिकॉप्टर को उड़ा रहे थे और उन्हें वेलिंग्टन में डिफेंस सर्विसेज स्टाफ कॉलेज में उतरना था, जहां जनरल रावत को एक लेक्चर देना था। आखिरी कम्युनिकेशन क्रैश से 8 मिनट पहले रिकॉर्ड किया गया था। मीडिया रिपोर्टों में सूत्रों के हवाले से दावा किया गया है कि जांच रिपोर्ट में किसी तरह की गड़बड़ी या नुकसान की आशंका सिरे से खारिज कर दी गई है।

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