मुख्यमंत्री योगी ने के0जी0एम0यू0, लखनऊ के डेडीकेटेड कोविड अस्पताल का किया निरीक्षण,

लखनऊ: (मानवी मीडिया)उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ  ने आज किंग जॉर्ज चिकित्सा विश्वविद्यालय (के0जी0एम0यू0), लखनऊ के डेडीकेटेड कोविड अस्पताल का निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने अस्पताल मेें उपलब्ध कोरोना उपचार की व्यवस्थाओं के सम्बन्ध में जानकारी प्राप्त की।

इस अवसर पर मीडिया प्रतिनिधियों को सम्बोधित करते हुए मुख्यमंत्री जी ने कहा कि देश और दुनिया इस समय सदी की सबसे बड़ी महामारी कोरोना की थर्ड वेव से प्रभावित है। विगत पौने दो वर्षों से देश में बेहतरीन तरीके से कोरोना प्रबन्धन किया जा रहा है। उत्तर प्रदेश ने इसमें अग्रणी भूमिका का निर्वहन किया है। राज्य ने कोविड संक्रमण की प्रथम दो लहर में कोरोना प्रबन्धन का एक मॉडल प्रस्तुत किया है। विगत वर्ष अगस्त और सितम्बर माह में थर्ड वेव की आशंका विशेषज्ञों द्वारा व्यक्त की गई थी। देश व प्रदेश ने प्रभावी कोरोना प्रबन्धन के माध्यम से इसे निर्मूल साबित किया।

मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि वर्तमान में कोरोना का एक नया वैरिएंट ओमिक्रॉन के रूप में सामने आया है। कोरोना का ओमिक्रॉन वैरिएंट पहले के वैरिएंट की तुलना में काफी कमजोर है। यद्यपि इस वैरिएंट में संक्रमण तीव्र है, परन्तु यह कम खतरनाक है। सावधानी और सतर्कता से इसे नियंत्रित किया जा सकता है। इसके दृष्टिगत राज्य सरकार ने नाइट कर्फ्यू के अलावा जनजीवन को सामान्य रूप से चलने दिया है। बुजुर्र्गांे, गर्भवती महिलाओं, बच्चों एवं बीमार लोगों को इस संक्रमण से हर-हाल में बचाना होगा। सामान्य लोगों को भी सतर्कता बरतनी होगी।

मुख्यमंत्री  ने कहा कि प्रदेश में वर्तमान मंे 01 लाख 03 हजार से अधिक एक्टिव केस है, जिसमें 01 लाख 01 हजार से अधिक होम आइसोलेशन में हैं। पूरे प्रदेश में 01 प्रतिशत से कम लोग हॉस्पिटल में हैं। यही स्थिति लखनऊ में भी है। लखनऊ में लगभग 2,300 पॉजिटिव केस आज आए हैं। लखनऊ में आज करीब 16,300 एक्टिव केस हैं, जिसमें 16,200 मामले होम आइसोलेशन में हैं, जो अपने घर में ही उपचार करा रहे हैं। कुल 128 मामले ऐसे हैं, जो हॉस्पिटल में हैं। इस प्रकार 01 प्रतिशत से कम लोग हॉस्पिटल में हैं, हॉस्पिटल में वही लोग गए हैं, जो पहले किसी न किसी बीमारी से ग्रसित हैं। हॉस्पिटल में ज्यादातर कोरोना संक्रमित मरीज सामान्य वॉर्ड या आइसोलेशन वॉर्ड में हैं। वेंटिलेटर या एच0एफ0एन0सी0 पर बहुत कम लोग हैं, जो यह दिखाता है कि वायरस कमजोर पड़ रहा है, फिर भी सतर्कता और सावधानी की आवश्यकता है।

मुख्यमंत्री ने  कहा कि वह के0जी0एम0यू0 का आज निरीक्षण करने आए है। प्रदेश में कोविड के सर्वाधिक एक्टिव केस लखनऊ में हैं। प्रदेश सरकार द्वारा राजधानी लखनऊ मंे सर्वाधिक एक्टिव केस के कारणों को जानने के लिए एक एक्सपर्ट कमेटी गठित की गई है। इस एक्सपर्ट कमेटी में एस0जी0पी0जी0आई0 के डॉयरेक्टर, के0जी0एम0यू0 के वाइस चांसलर एवं इस फील्ड से जुड़े अन्य विशेषज्ञ हैं। एक्सपर्ट कमेटी अपनी रिपोर्ट राज्य सरकार को प्रदान करती है। उसी रिपोर्ट के अनुरूप राज्य सरकार निर्णय लेकर आई0सी0एम0आर0 व भारत सरकार की गाइड लाइन का पालन करते हुए प्रदेश में कोरोना प्रबन्धन पर अपनी रणनीति बनाती है।

मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि विशेषज्ञों ने माना है कि भारत में बनी वैक्सीन कोविड से बचाव के लिए सबसे अच्छी और प्रभावी है। भारत सरकार ने वैक्सीनेशन के एक बड़े लक्ष्य को पूरा किया है। आज ही के दिन विगत वर्ष 16 जनवरी, 2021 को ही देश व दुनिया का सबसे बड़ा वैक्सीनेशन अभियान प्रारम्भ किया था। अब तक देश में कोरोना वैक्सीन की 157 करोड़ डोज उपलब्ध कराई गई है। प्रदेश में भी 22 करोड़ 88 लाख से अधिक कोरोना वैक्सीन की डोज उपलब्ध करवायी जा चुकी है। राज्य में 15 से 17 वर्ष के 51 लाख 37 हजार से अधिक किशोरों को कोरोना वैक्सीन की डोज उपलब्ध कराई गई है।

मुख्यमंत्री  ने कहा कि 60 वर्ष से ऊपर के को-मॉर्बिड तथा हेल्थ वर्कर्स को अब तक 03 लाख 87 हजार प्री-कॉशन डोज उपलब्ध कराई गई है। उन्होंने कहा कि प्रदेश मेें 18 वर्ष से अधिक आयु वर्ग को कोरोना वैक्सीन की लगभग 13 करोड़ 75 लाख फर्स्ट डोज तथा लगभग 08 करोड़ 60 लाख सेकेण्ड डोज दी गई है। लखनऊ जनपद में फर्स्ट डोज का 100 प्रतिशत का लक्ष्य प्राप्त किया जा चुका है। सेकेण्ड डोज 72 प्रतिशत से अधिक है। यहां पर कोविड वैक्सीनेशन बहुत अच्छे ढंग से किया जा रहा है। पूरे देश में वैक्सीनेशन का कार्य अच्छे से किया गया है। थर्ड वेव के प्रभाव को कम करने तथा उसे कमजोर करने में वैक्सीनेशन ने बड़ी भूमिका का निर्वहन किया है। उत्तर प्रदेश, देश में सर्वाधिक वैक्सीन की डोज एवं सर्वाधिक टेस्ट करने वाला राज्य है। प्रदेश में 09 करोड़ 63 लाख से अधिक कोविड टेस्ट सम्पन्न किये गये हैं।

मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि प्रदेश में थर्ड वेव की स्थिति को देखते हुए अतिरिक्त सतर्कता बरती जा रही है। प्रत्येक ग्राम पंचायत, प्रत्येक वॉर्ड में निगरानी समितियां काम कर रही हैं। प्रत्येक निगरानी समिति में 10 से 12 सदस्य हैं। यह लोग डोर-टू-डोर जाकर स्क्रीनिंग का कार्य कर रहे हैं। हर संदिग्ध व्यक्ति को चिन्हित करके मेडिसिन किट उपलब्ध करायी जा रही है। लक्षणयुक्त व्यक्ति का, अगले 24 घण्टों में रैपिड रिस्पॉस टीम द्वारा कोविड टेस्ट सम्पन्न कराया जा रहा है। सभी जनपदों में इण्टीग्रेटेड कमाण्ड एण्ड कण्ट्रोल सेण्टर (आई0सी0सी0सी0) सक्रिय हैं। निगरानी समितियों एवं आई0सी0सी0सी0 के माध्यम से कोविड मरीजों की स्वास्थ्य की नियमित मॉनिटरिंग की जा रही है।

मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि प्रदेश में कोरोना संक्रमण की सेकेण्ड वेव के दौरान ऑक्सीजन की समस्या आई थी। वर्तमान में प्रदेश के प्रत्येक जनपद ने ऑक्सीजन के सम्बन्ध में आत्मनिर्भरता प्राप्त कर ली है। राज्य के प्रत्येक जनपद में पर्याप्त मात्रा में पी0एस0ए0 एवं लिक्विड ऑक्सीजन के प्लाण्ट लगाए जा चुके हैं। प्रदेश में कुल 558 से अधिक ऑक्सीजन प्लाण्ट सक्रिय हैं। जनपद लखनऊ हेतु 33 ऑक्सीजन प्लाण्ट स्वीकृत हुए थे। इनमें से 29 क्रियाशील किये जा चुके हैं। जनपद के सभी बड़े अस्पतालों एस0जी0पी0जी0आई0, के0जी0एम0यू0, आर0एम0एल, बलरामपुर, सिविल अस्पताल में ऑक्सीजन प्लाण्ट अपनी सेवाएं दे रहे हैं। साथ ही, सी0एच0सी0 में ऑक्सीजन की सुविधा उपलब्ध कराई गई है। उन्होंने कहा कि के0जी0एम0यू0 का कोविड हॉस्पिटल 350 बेड का है, जिसमें 150 बेड वेंटिलेटर युक्त हैं। शेष में ऑक्सीजन की सुविधा उपलब्ध कराई गई है। यहां पर वर्तमान में कुल 35 मरीज भर्ती हैं। 35 में से केवल 04 मरीज ऐसे हैं, जो वेंटिलेटर पर हैं। शेष सामान्य स्थिति में हैं, उनका उपचार किया जा रहा है।

मुख्यमंत्री  ने कहा कि कोरोना महामारी से घबराने एवं भागने की आवश्यकता नहीं है। सावधानी और सतर्कता के साथ इस महामारी का सामना किया जा सकता है। उन्होंने अपील की कि लोग भीड़-भाड़ वाले स्थानों पर जाने से बचें।  कोविड प्रोटोकॉल का पालन करें। सार्वजनिक स्थानों पर जाने से पहले मास्क जरूर लगाएं। जिन लोगों ने वैक्सीन नहीं ली हैं, वे वैक्सीन जरूर ले लें। जिन लोगों ने पहली डोज ली हो, वह समय से दूसरी डोज अवश्य ले लें। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि प्रथम और द्वितीय लहर के दौरान प्रदेश ने जिस मजबूती और प्रभावी ढंग से कोरोना प्रबन्धन का बेहतरीन कार्य किया था। थर्ड वेव को भी उसी प्रभावी ढंग से नियंत्रित करने में सफलता प्राप्त होगी।

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