अब जाति के आधार पर नहीं होते उ0 प्र0 के चुनाव:: राम नाईक:

मुंबई (मानवी मीडिया) मुंबई, सोमवार: “अब उत्तर प्रदेश के मतदाता जाती के आधार पर नहीं तो विकास के मुद्दे पर वोट डालते हैं.  मात्र जाती के आधार पर चुनाव जीतना अब यहाँ मुमकिन नहीं है.  मतदाता सजग हुए है”, ऐसा वक्तव्य पूर्व राज्यपाल  राम नाईक ने किया.  मुंबई में उत्तर भारतीय परिषद द्वारा आयोजित ‘उत्तर प्रदेश स्थापना दिवस’ समारोह में श्री राम नाईक बोल रहे थे.

 नाईक ने आगे कहा, “वैसे तो उत्तर प्रदेश की स्थापना 1950 में हुई मगर उत्तर प्रदेश में अन्य राज्यों की तरह स्थापना दिन नहीं मनाया जाता था.  मुंबई में ‘अभियान’ संस्था तो यह दिन 1999 से मनाती आ रही है.  इसलिए राज्यपाल बनते ही प्रदेश की अस्मिता जगानेवाला यह दिन मनाना चाहिए ऐसा सुझाव मैंने तत्कालीन मुख्यमंत्री अखिलेश यादव जी को दिया था, जिसे उन्होंने अनदेखा किया.  2017 में योगी आदित्यनाथ मुख्यमंत्री बनने पर मैंने फिर से उन्हें भी यही सुझाव दिया.  जिस पर तत्काल अंमल करते हुए योगी सरकार ने 24 जनवरी 2018 को पहली बार प्रदेश में ‘उत्तर प्रदेश स्थापना दिवस’ मनाया.”  इस प्रथम समारोह में ही योगी आदित्यनाथ जी ने ‘एक जिला, एक उत्पाद (ODOP)’ योजना की नींव रखी; इस बात का जिक्र करते हुए  नाईक ने आगे कहा कि योगी सरकार के ऐसे प्रयासों के चलते ही आज उत्तर प्रदेश में 6.87 करोड़ रोजगार के अवसर निर्माण हुए है, इतना ही नहीं तो प्रदेश से विदेशों में हो रही निर्यात में 36 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई है.  योगी सरकार द्वारा आयोजित ‘इन्वेस्टर्स समिट’ के कारण प्रदेश में निवेश बढ़ गया और अब उत्तर प्रदेश विकास की दृष्टी से 14 से ऊपर छलांग लगाकर अब देश में दुसरे स्थान पर है.   नाईक ने कहा, “पाच वर्ष मैंने बारकाई से उत्तर प्रदेश को देखा है; अब भी मेरा वहाँ की जनता से जिन्दा संपर्क है.  इसलिए मैं विश्वास के साथ कह सकता हूं कि अब यूपी की जनता जाती के आधार पर नहीं तो विकास के मुद्दे पर मतदान करती है.    यही कारण है कि छ: महीने पूर्व हुए जिला पंचायत चुनाव में 90 प्रतिशत जगहों पर भाजपा के अध्यक्ष बने.  यही नजारा अब विधान सभा चुनाव परिणाम में अवश्य दिखेगा.

इस समारोह में महाराष्ट्र के पूर्व मुख्यमंत्री  देवेंद्र फडणवीस और भाजपा के राष्ट्रीय महामंत्री  विनोद तावडे द्वारा उत्तर प्रदेश दिवस का प्रारंभ कराने की प्रेरणा देने के लिए  राम नाईक का सम्मान किया गया; तो मुंबई में वर्षों से यह दिन मनानेवाले  अमरजीत मिश्र को श्री राम नाईक ने सम्मानित किया.

इस समारोह में अपनी बात रखते हुए  देवेंद्र फडणवीस ने कहा, “महाराष्ट्र और उत्तर प्रदेश का जनम-जनम का रिश्ता है.  उत्तर प्रदेश में जन्मे श्रीराम और श्रीकृष्ण को महाराष्ट्र भी सदियों से पूजता आया है.  अब उत्तर प्रदेश पहले जैसा बीमारू नहीं रहा.  योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में प्रदेश में हुई तरक्की वास्तव में सराहनीय है.”   फडणवीस ने याद दिलाया कि उनके कार्यकाल में ही महाराष्ट्र और उत्तर प्रदेश में सांस्कृतिक समझौता हुआ.

उस समय सांस्कृतिक मंत्री रहे और अब भाजपा के राष्ट्रीय महामंत्री बने  विनोद तावडे ने कहा कि उनके उत्तर प्रदेश दौरे में उन्हें महसूस हुआ कि मराठी आदमी के लिए उत्तर प्रदेशवासियों के दिल में विशेष जगह है.  अपने राजनीतिक लाभ के लिए कोई चाहे जितनी कोशिश करें महाराष्ट्र व उत्तर प्रदेश की जनता के बीच कभी दरार पैदा नहीं हो सकती.

“उत्तर प्रदेश में कभी माफिया राज हुआ करता था.  मगर योगी आदित्यनाथ की सरकार ने वह चित्र बदल डाला.  लोग अब भय मुक्त है.” ऐसा कह कर  अमरजीत मिश्र आगे बोले, “पूर्व राज्यपाल  राम नाईक को आज भी उत्तर प्रदेश याद करता है.  आज का दिन वास्तव में उन्ही की देन है.”  महाराष्ट्र के उत्तर भारतीय नेता आर. यु. सिंह, जयप्रकाश ठाकुर तथा राज पुरोहित के भी इस समय भाषण हुए.  गायक सुरेश शुक्ला को सम्मानित किया गया.  सर्वश्री विनोद मिश्रा, आर.डी. यादव, अर्जुन गुप्ता, विनय त्रिपाठी आदि मान्यवर भी विशेष रूप से उपस्थित थे.

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