क़ुरआन और मोहम्मद साहब पर संस्था तनज़ीमुल मकातिब में पहला कार्यक्रम हुआ आयोजित


लखनऊ: (मानवी मीडिया)देश की प्रसिद्ध शैक्षिक एवं कल्याणकारी संस्था तनज़ीमुल मकातिब द्वारा गोलागंज स्थित तनज़ीमुल मकातिब परिसर में “एक ईश्वर की इबादत और मानवता की सेवा कुरआन और मोहम्मद साहब का संदेश" के शीर्षक से तीन दिवसीय महासम्मेलन की पहली बैठक आज शुक्रवार 10 दिसंबर को हुई।

जामिया इमामिया के उपदेशक मौलाना माहिर अली गाज़ी ने पवित्र क़ुरआन की तिलावत से कार्यक्रम की शुरुआत किया और मौलाना साबिर अली इमरानी ने नाते पाक पढ़ी। इसके अलावा जनाब वेकार सुल्तानपुरी, जनाब ज़ाहिद जलालपुरी और जनाब रज़ी बसवानी ने क़ुरआन और मोहम्मद साहब की शान में क़लाम पढ़े। मकतबे इमामिया मवाना मेरठ और मकतबे इमामिया जहांगीरपुर कानपुर गांव के बच्चो ने शैक्षिक प्रदर्शन किया और जामिया इमामिया के उपदेशक मौलाना ज़ैनुल आबिदीन ने निबंध पढ़ा।

मौलाना सय्यद क्लबे जवाद नक़वी इमामे जुमा आसफी मस्जिद लखनऊ ने कहा कि पवित्र क़ुरआन ज़िंदगी गुज़ारने का पूरा तरीक़ा है और इसको लाने वाले हज़रत मोहम्मद साहब पूरी इंसानियत के लिए रहमत और रहबर हैं।

मौलाना ने कहा इन दोनो के विरोध में उठने वाले सवालात और शक से आम इंसानों को बचाने के लिए यह कॉन्फ्रेंस एक बेहतरीन काम हैं।

मौलाना इज़हारुल हक़ क़ासमी अध्यापक दारुल उलूम वक्फ देवबंद ने कहा कि हज़रत मोहम्मद साहब सिर्फ़ एक धर्म के पैगंबर नहीं हैं बल्कि सारी इंसानियत के पैगंबर हैं और पवित्र क़ुरआन कयामत तक इंसानों की हिदायत के लिए पैगंबर पर नाज़िल हुआ है।

मौलाना ने कहा कि इस्लाम एक ऐसा धर्म है और हज़रत मोहम्मद साहब ऐसे पैगंबर है जो हमेशा लोगों को सही रास्ता दिखाते हैं।

मौलाना वासी हसन खान (फैज़ाबाद) सदस्य मजलिसे इंतेज़ाम तनज़ीमुल मकातिब ने कहा कि रवायत में है इंसान का ईमान उस समय तक मुकम्मल नहीं हो सकता जब तक के उसमे तीन आदते ना हों एक ईश्वर की कि लोगो की कमियों को छुपाओ दूसरे हज़रत मोहम्मद साहब की सुन्नत की लोगों से अच्छा बताओ करो और तीसरे अल्लाह के वली की सुन्नत है की मुश्किलात में सबर से काम लो।

मौलाना सय्यद ज़मीरुल हसन (बनारस) सदस्य मजलिसे इंतेज़ाम तनज़ीमुल मकातिब ने कहा कि क़ुरआन अल्लाह की किताब है और हज़रत मोहम्मद साहब अल्लाह के रसूल हैं इस कारण पूरी इंसानियत पर इनका आदर ज़रूरी है।

मौलाना सय्यद रज़ा हैदर ज़ैदी प्रधानाचार्य हौज़े इल्मिया गुफरान माब ने कहा कि इस्लाम के शुरू से ही इंसानियत के दुश्मनों ने अपनी दुनिया के लिए और आम इंसानों को गुलाम बनाने के लिए इंसानियत को नजात देने वाली किताब पवित्र कुरआन और पैगंबर हज़रत मोहम्मद साहब से दुश्मनी की और शक पैदा किया इस लिए हर दौर में इसका जवाब देना ज़रूरी है।

मौलाना रज़ा अब्बास सहायक प्रोफेसर अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी ने कहा कि क़ुरआन इंसान को इंसानियत की चोटी पर पहुंचाने के लिए आया है और अब जो कुरआन का विरोध करता है वह नहीं चाहता है की इंसान इंसानियत की चोटी पर जाए।

तनज़ीमुल मकातिब के इंस्पेक्टर मौलाना एजाज़ हुसैन ने सम्मेलन का संचालन किया।

संस्था तनज़ीमुल मकातिब के सचिव मौलाना सय्यद साफ़ी हैदर, संस्था तनज़ीमुल मकातिब के संयुक्त सचिव मौलाना फिरोज़ अब्बास, मौलाना सय्यद सबीहुल हुसैन सदस्य मजलिसे इंतेज़ाम तनज़ीमुल मकातिब और मौलाना सय्यद नक़ी असकारी सदस्य मजलिसे इंतेज़ाम तनज़ीमुल मकातिब के साथ साथ अन्य धारगुरू भी कार्यक्रम में सम्मिलित रहे।

स्पष्ट रहे यह कार्यक्रम तनज़ीमुल मकातिब के यूट्यूब चैनल और फेसबुक पेज के साथ-साथ अंतर राष्ट्रीय स्तर पर यूट्यूब चैनलों और फेसबुक पेजों से प्रसारित किया जा रहा है।

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