उद्घाटन और शिलान्यास कर जनता को बहकाने की कोशिशों :: अखिलेश यादव

 


लखनऊ (मानवी मीडिया)समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने कहा है कि भाजपा के सौ झूठ में महिला सशक्तीकरण और बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओं भी है। दिखावे के लिए योजनाओं के विज्ञापन खूब दिए जाते हैं परन्तु हकीकत में जमीन पर कुछ भी नज़र नहीं आता है बल्कि जमीनी हकीकत तो यह दिखाती है कि भाजपा राज में महिलाएं सबसे ज्यादा अपमानित हुई हैं। बच्चियों तक से दुष्कर्म की घटनाएं बढ़ी है। महाभारत युगीन चीरहरण के दृश्य भाजपा राज में हुए पंचायत चुनावों में दिख गए। इससे बड़ा शर्मनाक और अमानवीय कृत्य और क्या हो सकता है।

     यादव ने कहा अब 2022 के विधानसभा चुनावों में कुछ दिन ही शेष रह गए हैं। जनता में बढ़ते रोष को देखते हुए भाजपा नेतृत्व अब रोज नए-नए सम्मेलन, उद्घाटन और शिलान्यास कर जनता को बहकाने की कोशिशों में लग गया है पर इसका जरा भी असर पड़ने वाला नहीं है। राष्ट्रीय अपराध रिकार्ड ब्यूरो (एन.सी.आर.बी.) की रिपोर्ट बताती है कि भाजपा झूठे बयानों के पीछे अपनी करनी छुपा रही है।

      अखिलेश यादव ने कहा कि भाजपा राज में हाथरस की बेटी के साथ जो दुर्व्यहार प्रशासन ने किया उसको भुलाया नहीं जा सकता है। पंचायत चुनावों में सत्ता के भूखे भेड़ियों ने महिला की साड़ी खींचने तक का जघन्य कृत्य किया। राष्ट्रीय अपराध रिकार्ड ब्यूरों के अनुसार उत्तर प्रदेश में सन् 2020 में महिलाओं के साथ दुष्कर्म के 22232 मामले दर्ज हुए, अपहरण के 11057 मामले सामने आए।

    भाजपा सरकार महिलाओं और बेटियों के शील और सम्मान की रक्षा में पूर्णतया विफल रही है। कोई दिन ऐसा नहीं जाता जब प्रदेश के किसी न किसी जनपद में दुष्कर्म की घटनाएं न घटती हों। नन्हीं मासूम बच्चियां तक दरिंदों के हवस की शिकार बन जाती है। प्रशासन तंत्र महिलाओं-बेटियों की सुरक्षा में पूर्वतः विफल रहा है।

    समाजवादी सरकार के अच्छे कामों पर अपना नामपट्ट लगाने और रंग बदलने के अलावा भाजपा सरकार ने कोई ठोस जनहित का काम किया हो, ऐसा कहीं उदाहरण नहीं मिलता है। सपा सरकार में महिलाओं और बेटियों की सुरक्षा तथा छेड़छाड़ जैसी घटनाओं पर रोकथाम के लिए 1090 वूमेन पावर लाइन और गर्भवती महिलाओं को अस्पताल तक लाने ले जाने के लिए 102 एम्बूलेंस सेवा शुरू की गई थी जिसकी प्रभावी सफलता की प्रशंसा देश विदेश तक हुई थी।

     समाजवादी सरकार में कन्या विद्याधन और मेधावी छात्राओं को लैपटॉप देकर उनका भविष्य संवारने का काम हुआ था। छात्राओं को 30-30 हजार रुपए की धनराशि दी गई और बच्चों को मिड-डे-मील में फल-दूध दिया गया। 55 लाख गरीब महिलाओं को प्रतिवर्ष छह हजार रुपये की पेंशन दी गई थी। संगठन व सरकार के तमाम पदों पर महिलाओं को वरीयता दी गई थी। पंचायतों में महिला आरक्षण समाजवादी सरकार की ही देन है। कला-संस्कृति एवं खेल में उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए यश भारती सम्मान भी शुरू किया गया था।

     भाजपा ने समाजवादी सरकार की योजनाओं को खत्म करने या उन्हें अपने काम के रूप में प्रचारित करने के जो कुत्सित प्रयास किए हैं, जनमानस में उनकी तीव्र प्रतिक्रिया हुई है। भाजपा की सच्चाई उजागर होने से लोगों ने तय कर लिया है कि वे इस बार भाजपा का सफाया करेंगे और समाजवादी पार्टी को प्रचण्ड बहुमत से सत्ता में लाएंगे।

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