जो गायत्री मंत्र का संदेश, वही कुरान का संदेश है : डॉ० अखिलेश पांडे

 


लखनऊ (मानवी मीडिया)देश की प्रसिद्ध शैक्षिक एवं कल्याणकारी संस्था तनज़ीमुल मकातिब की तरफ से गोलागंज स्थित तनज़ीमुल मकातिब परिसर में "एक ईश्वर की इबादत और मानवता की सेवा क़ुरआन और मोहम्मद साहब का संदेश" के  शीर्षक से तीन दिवसीय अखिल भारतीय अंतरधार्मिक महासम्मेलन के दूसरे दिन सुबह, दोपहर और रात में बैठकें आयोजित हुई। 

जिसमें जामिया इमामिया के उपदेशक और अध्यापक मौलाना मोहम्मद अब्बास मारूफी और मौलवी मोहम्मद तकी छात्र जामिया इमामिया ने पवित्र क़ुरआन की तिलावत से कार्यक्रम की शुरुआत किया।

अखिल भारती परिवार के प्रतिनिधि डॉ अखिलेश पांडे ने कहा कि जिस चीज़ का संदेश पवित्र क़ुरआन देता है उसी चीज़ का संदेश गायत्री मंत्र भी देता है।

उन्होंने कहा कि मुस्लमान होने का मतलब ही यह है कि जिसकी आस्था पूरी हो और जिस व्यक्ति की आस्था पूरी नहीं वह मुस्लमान तो मुस्लमान इंसान भी नहीं है।

तनज़ीमुल मकातिब के अध्यक्ष मौलाना सय्यद शमीमुल हसन ने कहा क़ुरआन मोमिनीन के लिए उपचार और लाभ है और उत्पीड़कों के लिए नुकसान है।  पवित्र क़ुरआन पर हमला करना कोई नई बात नहीं है, यह हज़रत मोहम्मद साहब के समय से चल रहा है और यह जारी रहेगा लेकिन जिस ईश्वर ने इसे प्रकट किया वह इसका रक्षक था, है और रहेगा और उत्पीड़कों के लिए नुकसान के अलावा कुछ नहीं है।

मौलाना सय्यद नामदार अब्बास, मौलाना नाज़िम अली खैराबादी, मौलाना कौसर नदवी, डॉ. कल्बे सिबतैन नूरी, डॉ० सय्यद मोहम्मद कामिल रिज़वी, मौलाना सय्यद रज़ा हुसैन ने भी सभा संबोधित किया।

कार्यक्रम में संस्था तनज़ीमुल मकातिब के सचिव मौलाना सय्यद सफी हैदर ज़ैदी, संस्था तनज़ीमुल मकातिब के उपाध्यक्ष मौलाना मुमताज़ अली, मौलाना सय्यद सबीहुल हुसैन सदस्य मजलिसे इंतेज़ाम तनज़ीमुल मकातिब और संस्था तनज़ीमुल मकातिब के संयुक्त सचिव मौलाना फ़िरोज़ अब्बास के साथ साथ धर्मगुरुओं एवं बुद्धिजीवी भी सम्मिलित थे।

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