राज्यपाल ने तीन दिवसीय “ लोक कलाओं का अमृत महोत्सव ‘देशज’” का किया उद्घाटन


लखनऊः (मानवी मीडिया)उत्तर प्रदेश की राज्यपाल  आनंदीबेन पटेल ने आज यहाँ गोमती नगर स्थित डॉ0 राम मनोहर लोहिया पार्क में आयोजित तीन दिवसीय “भारत की लोक कलाओं का अमृत महोत्सव ‘देशज’” का उद्घाटन  किया। 16 से 18 दिसम्बर तक चलने वाले इस महोत्सव का आयोजन भारतीय लोक कलाओं का संरक्षण एवं संवर्द्धन करने वाली संस्था ‘सोनचिरैया’ द्वारा किया गया है।
अपने सम्बोधन में राज्यपाल  ने समारोह की आयोजक संस्था ‘सोनचिरैया’ के प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि लोक कलाओं के संरक्षण, संवर्द्धन के साथ उसको नई पीढ़ी तक पहुँचाने के लिए प्रचार-प्रसार की जरूरत है। उन्होंने कहा कि लोक कलाओं में हमारी परम्पराएं जीवन्त हैं। कलाकारों का उत्साहवर्द्धन करते हुए उन्होंने समारोह के आयोजन पर बधाई दी और कहा कि ऐसे आयोजन लोक कलाओं के सवंर्द्धन में महत्वपूर्ण है। उन्होंने कहा लोक कलाओं के निरंतर विकास में गुरूओं का महत्वपूर्ण स्थान है। गुरूओं के संरक्षण में कलाकार बालपन से ही कलाओं को सीखते हैं।
समारोह को सम्बोधित करते हुए राज्यपाल  ने कहा कि अमृत महोत्सव का यह वर्ष जन-जन की चेतना को स्वतंत्रता संग्राम के संघर्ष की महान गाथाओं, महापुरूषों की स्मृतियों एवं उनकी मूल प्रेरणाओं से जोड़ने का अवसर है। जिन महानायकों ने आजादी के संघर्ष को आगे बढ़ाया आज उन्हें नमन करने का समय है। आजादी के अमृत महोत्सव को हमें एक समारोह तक सीमित नहीं रखना है अपितु एक ऐसे आत्मनिर्भर भारत के निर्माण की ओर अग्रसर होना है जहाँ सुविधाओं का स्तर गाँवों और शहरों में विभाजन न करे।

समारोह में संस्था की सचिव तथा प्रसिद्ध लोक गायिका पद्मश्री मालिनी अवस्थी ने जानकारी दी कि यह महोत्सव “सोनचिरैया” संस्था के 10 वर्ष पूर्ण होने के अवसर को अविस्मरणीय बनाने के उददे्श्य से आयोजित किया गया है। इस लोक महोत्सव को “भारत के स्वाधीनता संग्राम में लोक-कलाकारों का योगदान” की विषय वस्तु पर केन्द्रित किया गया है।

इस तीन दिवसीय महोत्सव में आज राज्यपाल  के समक्ष मथुरा के कलाकार संजय शर्मा और उनकी टीम की प्रस्तुतियां, पद्मश्री सम्मान प्राप्त राजस्थानी कलाकार अनवर खान की गायकी तथा महाराष्ट्र की लोक नृत्य शैली लावणी और पुणे की लावणी कलाकार रेशमा और उनके दल की प्रस्तुति, ओडिशा राज्य का पारंपरिक नृत्य गोट्टिपुआ, उत्तर प्रदेश का पाई-डंडा, राई-फरवाही, करमा-चरकुला और धोबिया नृत्य तथा गुजरात का प्रसिद्ध गरबा नृत्य की विहंगम प्रस्तुतियां हुई। मालिनी अवस्थी ने स्वयं लोक गीतों के साथ स्वर मिलाते हुए वन्दे मातरम की भावपूर्ण प्रस्तुति की। उन्होंने समारोह में स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों और प्रसिद्ध कलाकारों को नमन भी किया। 

कार्यक्रम में राज्यपाल  ने बटन दबाकर “सोनचिरैया” संस्था की वेबसाइट को लांच किया तथा इस अवसर पर संस्था द्वारा प्रकाशित स्मारिका का विमोचन भी किया। प्रख्यात लेखक पद्मश्री यतीन्द्र मिश्रा ने कलाकारों और लोक कलाओं का परिचय देते हुए सभी अतिथियों एवं दर्शकों का आभार व्यक्त किया। 

इस कार्यक्रम में अपर मुख्य सचिव गृह  अवनीश अवस्थी, सोनचिरैया संस्था की अध्यक्ष डॉ0 विद्या बिन्दू सिंह, विभिन्न क्षेत्रों से आये हुए कलाकार तथा बड़ी संख्या में दर्शक उपस्थित थे।

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