मायावती ने भीम राव आंबेडकर के 66 वें परिनिर्वाण दिवस पर श्रद्धांजलि दी


 लखनऊ (मानवी मीडिया)बाबा साहब डॉ भीम राव आंबेडकर साहब के 66 वें परिनिर्वाण दिवस के मौके पर बहुजन समाज पार्टी की राष्ट्रीय अध्यक्ष  कु मायावती  ने उनको भावपूर्ण श्रधांजलि अर्पित किया।बाबा साहब ने अनेकों कष्ट झेल कर अपने वर्गों के लोगों को उनके पैरों पर खड़ा करने के लिए संघर्ष किया है।

भारतीय संविधान बनाने का मौका मिलने पर बाबा साहब ने अपने वर्गों के लोगों को कानूनी हक दिलाने का भी काम किया है।

इन वर्गों के लोगों को केंद्र व राज्यों की जातिवादी सरकारों की वजह से पूरा लाभ नहीं मिल पा रहा है।

बाबा साहब ने अपने जीते जी कहा था कि यदि हमारे वर्गों के लोगों को कानूनी अधिकार का पूरा लाभ लेना है तो केंद्र व राज्य में  राजनीति की मास्टर चाबी लेनी होगी।और इस बात का सबसे बड़ा सबूत है बीएसपी पार्टी। जिसने यूपी में चार बार सत्ता हासिल की है।और इसी के साथ-साथ बीएसपी ने जनहित में असंख्य कार्य किए हैं।

बीएसपी पार्टी ने बाबा साहब का हमेशा सम्मान व आदर किया है जिसे विरोधी पार्टियां आसानी से हजम नहीं कर पा रही है।

 आज बाबा साहब की पुण्यतिथि पर बीएसपी के लोग देश प्रदेश में श्रद्धांजलि अर्पित कर रहे हैं उनका मैं तहे दिल से आभार प्रकट करती हूं।

 देश में जातिवादी सोच रखने वाली ऐसी पार्टियां व संघठन है जिसने बाबा साहब की मानवतावादी सोच और संघर्ष का हमेशा से विरोध किया है।

लेकिन मजबूरी और चुनावी फायदे के लिए वह दिखावटी और बनावटी प्रेम बाबा साहब के प्रति दिखाते हैं।विपक्षियों की इसी मजबूरी का नाम बहुजन समाज पार्टी है।

देश में टूटेगा बिखरे पड़े हुए करोड़ों दलितों आदिवासियों अन्य पिछड़े वर्ग तथा धार्मिक अल्पसंख्यक वर्ग में से मुस्लिम वर्ग के लोगों को बीएसपी पार्टी ने इनके अंदर राजनीतिक जागरूकता पैदा की व उनके अंदर के अस्तित्व और गुलाम मानसिकता से भी आजादी दिलाई है।

बाबा साहब को दिल जान से चाहने वाले उनके और बीएसपी मूवमेंट से जुड़े करोड़ों लोग देशभर में नमन व याद ही नहीं कर रहे हैं बल्कि उनके अति महत्वकांक्षी,आत्म सम्मान व स्वाभिमानी  मूवमेंट को पूरे समर्पण के साथ आगे बढ़ाते रहने का संकल्प लिया है। 

बीएसपी का संघर्ष व मुख्य लक्ष्य बाबा साहब के आत्मसम्मान व स्वाभिमानी मूवमेंट तथा समतामूलक वह न्याय पूर्ण सोच को देश में जिंदा रखने व आगे बढ़ाने के लिए का  है,  जिसे कभी कम करके हांका जाना नहीं चाहिए।

बीएसपी का यह कारवां ना रुकने वाला है ना झुकने वाला है।बल्कि बाबा साहब के  चट्टान जैसे मजबूत इरादों की तरह पत्थर काटकर अपना रास्ता खुद बनाने वाला है।

दुःख इस बात का भी है कुछ अन्य संघठन अपने निजी स्वार्थ के लिए खासकर दलितों,आदिवासियों,पिछड़े वर्गो,व अन्य उपेक्षित वर्गों के वोटों को बांटकर बाबा साहब के मूवमेंट को कमजोर करने में लगे रहते हैं। 

ऐसे संगठन व अन्य पार्टियों को बहुजन समाज पार्टी चुनाव के बाद पैदल करके ऐसा छूट देती है कि वह ना घर के रहते हैं ना घाट के।

बीएसपी को अपने लोगों पर पूरा भरोसा है।विपक्षी पार्टियों के साम,दाम,दंड,भेद का सामना करते हुए बहुजन समाज पार्टी हमेशा अपने मकसद में कामयाब होती है।

 2022 में बीएसपी की पूर्ण बहुमत की सरकार बनेगी और 2007 से भी मजबूत सरकार बनेगी।उत्तराखंड में बहुमत की सरकार बनाएगी।  पंजाब में गठबंधन के साथ सरकार बनाएगी।

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