मुख्यमंत्री योगी ने अटल जी की जयंती पर 01 करोड़ युवाओं को टैबलेट्स/स्मार्ट फोन्स वितरण का किया शुभारम्भ:


 लखनऊ ( मानवी मीडिया)उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ  ने आज यहां भारतरत्न अटल बिहारी वाजपेयी इकाना स्टेडियम में आयोजित एक कार्यक्रम में प्रदेश के युवाओं के तकनीकी सशक्तिकरण के लिए टैबलेट्स/स्मार्ट फोन्स वितरण योजना का शुभारम्भ किया। इस अवसर पर 60,000 छात्र-छात्राओं को निःशुल्क टैबलेट्स/स्मार्ट फोन्स वितरित किये गये। मुख्यमंत्री  ने अपने कर-कमलों से लगभग 30 छात्र-छात्राओं को टैबलेट/स्मार्ट फोन प्रदान किये। योजना के अन्तर्गत प्रदेश के कुल 01 करोड़ छात्र-छात्राओं को निःशुल्क टैबलेट्स/स्मार्ट फोन्स प्रदान किये जाने हैं। कार्यक्रम के प्रारम्भ में मुख्यमंत्री जी एवं अन्य अतिथियों ने भारतरत्न श्रद्धेय अटल बिहारी वाजपेयी  एवं भारतरत्न महामना पं0 मदन मोहन मालवीय  की जयन्ती पर उनके चित्र पर पुष्पांजलि अर्पित कर भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की।
मुख्यमंत्री  ने इस अवसर पर ‘डिजी शक्ति’ पोर्टल तथा फ्लैश मैसेजिंग ऐप ‘डिजी शक्ति अध्ययन’ का विमोचन किया। कार्यक्रम के दौरान टैबलेट्स/स्मार्ट फोन्स वितरण योजना से लाभान्वित 05 छात्र-छात्राओं, नर्सिंग की अन्तिम वर्ष की छात्रा सुश्री आकांक्षा मिश्रा, राजनीति विज्ञान में स्नातकोत्तर अन्तिम वर्ष के दिव्यांग छात्र  सागर उपमन्यु, बी0टेक0 की अन्तिम वर्ष की छात्रा सुश्री मेहुल गुप्ता, मुख्यमंत्री अभ्युदय योजना के लाभार्थी छात्र  प्रबल अवस्थी, बी0ए0 अन्तिम वर्ष की छात्रा सुश्री जे़बा कैसर ने युवाओं के लिए इस योजना की उपयोगिता के सम्बन्ध में अपने विचार साझा किये। इस अवसर पर केन्द्र एवं प्रदेश सरकार द्वारा युवाओं के समग्र विकास हेतु संचालित योजनाओं पर केन्द्रित एक फिल्म भी प्रदर्शित की गयी। कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री  ने टोक्यो ओलम्पिक में 49 किलोग्राम भार वर्ग महिला भारोत्तोलन प्रतियोगिता में रजत पदक विजेता  मीराबाई चानू को अंगवस्त्र, प्रशस्ति पत्र तथा 1.5 करोड़ रुपये की धनराशि तथा उनके कोच  विजय कुमार शर्मा को 10 लाख रुपये की सम्मान धनराशि प्रदान कर सम्मानित किया।

मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर अपने विचार व्यक्त करते हुए कहा कि आज देश की दो महान विभूतियों भारतरत्न श्रद्धेय अटल बिहारी वाजपेयी तथा भारतरत्न महामना पं0 मदन मोहन मालवीय की जयन्ती है। इन महापुरुषों की राष्ट्र सेवा को नमन करते हुए उन्होंने अपनी विनम्र श्रद्धांजलि अर्पित की। उन्होंने कहा कि श्रद्धेय अटल  की जयन्ती सुशासन दिवस के अवसर पर प्रदेश के 01 करोड़ युवाओं को टैबलेट्स/स्मार्ट फोन्स वितरण के शुभारम्भ हेतु यह कार्यक्रम आयोजित किया गया है। लखनऊ अटल  की कर्मभूमि रही है। अटल  ने 06 दशक तक देश की राजनीति को पूरी शुचिता एवं पारदर्शिता के साथ नई दिशा देने का जो कार्य किया, वह सार्वजनिक जीवन जीने वाले प्रत्येक व्यक्ति के लिए प्रेरणादायी बना रहेगा।

मुख्यमंत्री  ने कहा कि अटल  का कहना था कि राजनीति सिद्धान्त विहीन नहीं होनी चाहिए, व्यक्ति को मूल्यों और सिद्धान्तों के साथ जीना चाहिए। देश, समाज तथा मूल्यों और सिद्धान्तों के लिए जीने वाले व्यक्ति का जीवन ही सार्थक और प्रेरणादायी होता है। अटल  का पूरा जीवन लोक कल्याण, राष्ट्र कल्याण के लिए था। अटल  ने कहा था कि ‘छोटे मन से कोई बड़ा नहीं होता, टूटे मन से कोई खड़ा नहीं होता।’ इसलिए सोच कभी छोटी नहीं होनी चाहिए। विराट सोच व्यक्तित्व को भी विराटता प्रदान करेगी। उन्होंने कहा कि युवा साथी हताशा और निराशा से मुक्त होकर, विराट सोच के साथ जब प्रयास करेंगे, तो उल्लेखनीय उपलब्धियां हासिल कर सकेंगे, जैसे अपने समय में देश के युवा हासिल करते रहे हैं। उन्होंने युवाओं से अटल जी तथा प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की भावनाओं के अनुरूप देश व समाज को आगे बढ़ाने के लिए कार्य करने का आह्वान किया।

मुख्यमंत्री  ने कहा कि राज्य सरकार प्रदेश के युवाओं को तकनीकी दृष्टि से सशक्त बनाने के लिए कार्य कर रही है। इस क्रम में आज राज्य के प्रत्येक जनपद के युवाओं की उपस्थिति में टैबलेट्स/स्मार्ट फोन्स वितरण का शुभारम्भ किया जा रहा है। उन्होंने युवाओं को बधाई देते हुए कहा कि लगभग पिछले डेढ़ साल से पूरी दुनिया कोरोना से संघर्ष कर रही है। कोरोना के सामने दुनिया की बड़ी-बड़ी ताकतें पस्त हो गईं, किन्तु प्रधानमंत्री  के नेतृत्व में देश में अत्यन्त कुशल और प्रभावी ढंग से कोरोना प्रबन्धन किया गया। प्रधानमंत्री  ने 07 वर्ष पूर्व गरीबों के जनधन बैंक खाते खुलवाने तथा 05 वर्ष पूर्व स्टार्ट-अप इण्डिया, स्टैण्ड-अप इण्डिया, डिजिटल इण्डिया आदि योजनाएं प्रारम्भ कीं, यह प्रधानमंत्री जी की अत्यन्त दूरदर्शी सोच थी। कोरोना कालखण्ड में जनधन खातों सहित विभिन्न योजनाओं के माध्यम से गरीबों की प्रभावी ढंग से मदद की जा सकी।

मुख्यमंत्री  ने कहा कि कोरोना कालखण्ड में व्यक्ति के जीवन में तकनीक का महत्व और मजबूती से दिखायी दिया। कोरोना के दौरान विद्यार्थियों की परीक्षाएं नहीं हो पा रही थीं। ग्रामीण इलाकों में ऑनलाइन पढ़ाई की सुविधा के अभाव के कारण विद्यार्थी ठीक ढंग से पढ़ाई नहीं कर पा रहे थे। इसलिए राज्य सरकार ने तय किया कि प्रदेश के 01 करोड़ विद्यार्थियों को निःशुल्क टैबलेट एवं स्मार्ट फोन वितरित किया जाएगा। इससे उनकी ऑनलाइन शिक्षा के साथ ही, ऑनलाइन परीक्षा भी सुचारु ढंग से सम्पन्न हो सकेगी। उन्होंने कहा कि स्नातक व परास्नातक में अध्ययन करने वाले छात्र-छात्राओं सहित ‘मुख्यमंत्री अभ्युदय योजना’ के 10 हजार प्रतियोगी परीक्षार्थियों को भी निःशुल्क टैबलेट एवं स्मार्ट फोन वितरण से जोड़ा गया है।

मुख्यमंत्री  ने कहा कि प्रदेश सरकार युवाओं को प्रदान किए जा रहे टैबलेट्स/स्मार्ट फोन्स पर उन्हें बेहतरीन अध्ययन सामग्री उपलब्ध करायेगी, जिसे वह शेयर भी कर सकेंगे। यह डिजिटल इण्डिया का डिजिटल उत्तर प्रदेश है। प्रदेश सरकार फ्री में डिजिटल एक्सेस उपलब्ध कराने जा रही है। उन्होंने कहा कि आगामी एक सप्ताह में प्रदेश के प्रत्येक मण्डल में टैबलेट्स/स्मार्ट फोन्स वितरण के कार्यक्रम आयोजित किए जाएं। प्रधानमंत्री  ने देश में नई शिक्षा नीति लागू की है। नई शिक्षा नीति से जुड़कर देश के युवा कुशल, सामर्थ्यवान, नवप्रवर्तनकारी बन सकेंगे।यह टैबलेट्स/स्मार्ट फोन्स युवाओं को तकनीकी रूप से दक्ष बनाने एवं उन्हें दुनिया में अपना मुकाम हासिल करने में मददगार साबित होंगे।

मुख्यमंत्री  ने कहा कि कोरोना कालखण्ड में कोटा राजस्थान से 15 हजार प्रतियोगी परीक्षार्थियों को उनके घरों तक पहुंचाने का कार्य राज्य सरकार ने किया था। प्रदेश के छात्र-छात्राओं को प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए अन्य राज्यों में न जाना पड़े, इस उद्देश्य से प्रत्येक मण्डल मुख्यालय पर ‘मुख्यमंत्री अभ्युदय योजना’ के अन्तर्गत प्रतियोगियों के लिए निःशुल्क कोचिंग की व्यवस्था की गई। राज्य सरकार ने निर्णय लिया है कि आने वाले समय में जनपद स्तर पर भी यह कोचिंग संस्थान प्रारम्भ किए जाएंगे।

मुख्यमंत्री जी ने कहा कि सरकार की नीयत साफ होती है, सोच ईमानदार होती है, तो काम भी दमदार होता है। प्रदेश सरकार ने अपने पांच वर्ष से कम के कार्यकाल में प्रदेश के साढ़े चार लाख युवाओं को सरकारी नौकरी प्रदान की है। यह नौकरियां निष्पक्ष, पारदर्शी एवं भ्रष्टाचार मुक्त भर्ती प्रक्रिया द्वारा प्रदान की गई हैं। प्रदेश में अपराध एवं अपराधियों के प्रति जीरो टॉलरेंस की नीति अपनायी गई है। इससे प्रदेश में निवेश बढ़ा। ‘एक जनपद एक उत्पाद’ योजना लागू की गई। परिणामस्वरूप 1.61 करोड़ युवाओं को राज्य में ही उद्योगों में रोजगार प्राप्त हुआ। स्वरोजगार हेतु संचालित योजनाओं, विश्वकर्मा श्रम सम्मान योजना आदि के माध्यम से 60 लाख युवाओं को स्वरोजगार से जोड़ा गया। वर्ष 2017 से पहले प्रदेश में बेरोजगारी दर लगभग 18 प्रतिशत थी, जो अब घटकर लगभग 4.5 प्रतिशत रह गयी है। नये भारत का नया उत्तर प्रदेश इस प्रकार आगे बढ़ रहा है।

मुख्यमंत्री  ने कहा कि भारत में युवाओं की संख्या सर्वाधिक है। देश में उत्तर प्रदेश में सर्वाधिक संख्या में युवा हैं। प्रदेश की युवा शक्ति में असीम सम्भावनाएं हैं। वर्ष 2017 से पहले प्रदेश के युवा के सामने पहचान का संकट था। आज प्रदेश का युवा देश व दुनिया में अपनी धाक जमा रहा है। वर्ष 2018 में उत्तर प्रदेश इन्वेस्टर्स समिट के दौरान प्रदेश के 02 युवा-मनीष चौहान और स्वाति पाण्डेय उनसे मिले थे। वह दोनों उत्तर प्रदेश में अपना व्यवसाय शुरू करना चाहते थे। प्रदेश सरकार ने उन्हें संबल प्रदान किया। आज यह लोग लगभग 200 एकड़ भूमि में स्टीविया की खेती कर रहे हैं। आज यह युवा 01 करोड़ रुपए प्रतिमाह की आय अर्जित कर रहे हैं।

मुख्यमंत्री  ने कहा कि इसी प्रकार, गाजियाबाद के शिवी सिंह ने चश्मे की बिक्री के लिए ‘क्लीयर देखो’ ऑनलाइन पोर्टल स्थापित किया, जिसकी 40 करोड़ रुपए प्रतिवर्ष की बिक्री है। अब यह एक स्टोर स्थापित करने जा रहे हैं। एक अन्य नौजवान तरुण जोशी का स्टार्ट-अप आई0जी0पी0 प्रतिवर्ष 400 करोड़ रुपए की बिक्री कर रहा है। अन्तर्राष्ट्रीय कम्पनी द्वारा इसका मूल्यांकन 1,500 करोड़ रुपए किया गया है। प्रदेश के युवाओं को बड़े पैकेज मिल रहे हैं। जनपद वाराणसी के टोक्यो ओलम्पिक-2020 में कांस्य पदक विजेता पुरुष भारतीय हॉकी टीम के सदस्य श्री ललित उपाध्याय ने हॉकी के खेल में अपनी प्रतिभा से प्रदेश का नाम रोशन किया। जनपद लखनऊ के  श्रद्धानन्द तिवारी ने जूनियर हॉकी वर्ल्ड कप में देश का प्रतिनिधित्व किया। जनपद ललितपुर की 14 वर्षीय होनहार बालिका कु0 नन्दिनी कुशवाहा ने आर्टिफिशियल इण्टेलीजेंस पर केन्द्रित अखिल भारतीय प्रदर्शनी में टॉप-20 प्रतिभागियों में अपना स्थान बनाया। 

मुख्यमंत्री  ने कहा कि भारत के युवाओं ने अपनी प्रतिभा, परिश्रम और पुरुषार्थ से वैश्विक मंच पर विशिष्ट पहचान बनायी है। माइक्रोसॉफ्ट के  सत्या नडेला, गूगल के  सुंदर पिचाई, एडोब के  शांतनु नारायण, मास्टर कार्ड के  अजय बंगा, ट्विटर के सी0ई0ओ0  पराग अग्रवाल आदि वैश्विक मंच पर भारत की प्रतिभा और मेधा का प्रतिनिधित्व कर रहे हैं।

मुख्यमंत्री  ने कहा कि राज्य का युवा हर क्षेत्र में प्रदेश का नाम रोशन कर रहा है। यह भगवान श्रीराम, भगवान श्रीकृष्ण, भगवान बुद्ध की धरती है, जिन्होंने अपनी युवावस्था में अपने कार्यों से समाज को नई दिशा प्रदान की। आदि गुरु शंकराचार्य, संत ज्ञानेश्वर, स्वामी विवेकानंद, स्वामी प्रणवानंद, गुरु गोविंद सिंह, छत्रपति शिवाजी महाराज, महाराणा प्रताप, झांसी की रानी लक्ष्मीबाई, नेताजी सुभाष चन्द्र बोस, शहीद भगत सिंह, राजगुरु, सुखदेव, पं0 राम प्रसाद बिस्मिल, ठा0 रोशन सिंह, वीर विनायक दामोदर सावरकर सब ने युवावस्था में उल्लेखनीय कार्य किए।

केन्द्रीय शिक्षा मंत्री  धर्मेन्द्र प्रधान ने कार्यक्रम को सम्बोधित करते हुए कहा कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ  ने टैबलेट्स/स्मार्ट फोन्स वितरण के कार्यक्रम के माध्यम से एक मानक स्थापित किया है। इसके लिए केन्द्रीय शिक्षा विभाग की ओर से आभार जताते हुए उन्होंने कहा कि यह कार्यक्रम युवाओं द्वारा 21वीं सदी को अपनी मुट्ठी में बन्द करने की अनोखी शक्ति से सम्बन्धित है। मुख्यमंत्री  द्वारा प्रदेश के युवाओं को 01 करोड़ टैबलेट्स/स्मार्ट फोन्स वितरण का शुभारम्भ किया जा रहा है। यह मुख्यमंत्री  का युगान्तरकारी कार्य है। इससे युवाओं को बड़ा लाभ होगा। उन्होंने कहा कि ज्ञान आधारित अर्थनीति विश्व की नई अर्थनीति होने वाली है। मुख्यमंत्री  द्वारा ‘एक जनपद एक उत्पाद योजना’ प्रारम्भ की गई है। इससे विभिन्न जनपदों के स्थानीय एवं विशिष्ट उत्पादों को बढ़ावा मिल रहा है। पढ़ाई के साथ-साथ युवा ई-कॉमर्स के लिए टैबलेट व स्मार्ट फोन का प्रयोग कर लाभ प्राप्त कर सकेंगे।

प्रदेश के औद्योगिक विकास मंत्री  सतीश महाना ने कार्यक्रम में मुख्यमंत्री जी सहित सभी अतिथियों का स्वागत करते हुए कहा कि आज का यह आयोजन ऐतिहासिक है। मुख्यमंत्री  के नेतृत्व में प्रदेश प्रगति के पथ पर अग्रसर है और तेजी से देश में नम्बर एक बन रहा है। मुख्यमंत्री जी गरीब, महिला, नौजवान, किसान सभी के सरोकारों के साथ जुड़े हुए हैं, उन्होंने प्रदेश के 01 करोड़ विद्यार्थियों को स्मार्ट फोन/टैबलेट उपलब्ध कराने का संकल्प लिया है। इसी क्रम में आज टैबलेट्स/स्मार्ट फोन्स वितरण कार्य का शुभारम्भ किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि युवाओं को प्रदान किये जा रहे टैबलेट व स्मार्ट फोन उनकी शिक्षा, रोजगार व स्वरोजगार में उपयोगी होंगे।

मुख्यमंत्री  ने अपने कर-कमलों से  प्रबल अवस्थी,  विनय चौरसिया,  अमित कुमार वर्मा,  दीक्षा गुप्ता,  नीशु,  मुर्शिदाबानो,  दिव्या जायसवाल,  क्षितिज तनेजा, सुश्री अंजलि शुक्ला,  सान्निध्य मधेसिया,  अमृता सिंह,  प्रकाश सिंह,  ज़ेबा कैसर,  सागर उपमन्यु,  मिथलेश कुमार सिंह, आकांक्षा मिश्रा, डॉ0 रीना भारतीय,  राजकमल,  मेहुल गुप्ता,  विशाल विश्वास, सुश्री रूचि अग्निहोत्री, अविनाश कुमार सेठ,  जागृति सिंह,  अंजलि सिंह,  सोनिका त्रिपाठी,  अंजना देवी,  आस्था चौहान, आशुतोष वर्मा,  ऋषभ कुमार मौर्या को टैबलेट/स्मार्ट फोन प्रदान किये।

कार्यक्रम के अन्त में अपर मुख्य सचिव अवस्थापना एवं औद्योगिक विकास  अरविन्द कुमार ने अतिथियों के प्रति धन्यवाद ज्ञापित किया।

इस अवसर पर नगर विकास मंत्री  आशुतोष टण्डन, जल शक्ति मंत्री डॉ0 महेन्द्र सिंह, प्राविधिक शिक्षा मंत्री  जितिन प्रसाद, समाज कल्याण मंत्री  रमापति शास्त्री, महिला कल्याण राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार)  स्वाती सिंह, बेसिक शिक्षा राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार)  सतीश चन्द्र द्विवेदी, औद्योगिक विकास राज्यमंत्री  धर्मवीर सिंह, सूचना प्रौद्योगिकी राज्यमंत्री  अजीत सिंह पाल, लखनऊ की महापौर  संयुक्ता भाटिया एवं अन्य जनप्रतिनिधिगण, अवस्थापना एवं औद्योगिक विकास आयुक्त  संजीव कुमार मित्तल, अपर मुख्य सचिव गृह  अवनीश कुमार अवस्थी, अपर मुख्य सचिव एम0एस0एम0ई0 एवं सूचना  नवनीत सहगल सहित शासन-प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।

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