बाबरी मस्जिद विध्वंस की बरसी को लेकर उ0प्र0 में हाई अलर्ट


अयोध्या (मानवी मीडिया) : आज बाबरी मस्जिद विध्वंस की 30वीं बरसी है। इसी को लेकर अयोध्या में सुरक्षा बलों को हाई अलर्ट पर रखा गया है। प्रशासन ने किसी भी घटना पर नजर रखने के लिए जिलाधिकारी कार्यालय में विशेष नियंत्रण कक्ष स्थापित किया है। अयोध्या मंदिर शहर और जिले को कई सुरक्षा क्षेत्रों में विभाजित किया गया है और संवेदनशील बिंदुओं पर बलों को तैनात किया गया है। सभी मजिस्ट्रेटों को अयोध्या और फैजाबाद के जुड़वां शहरों में सभी छोटी और बड़ी घटनाओं पर चौबीसों घंटे निगरानी रखने का निर्देश दिया गया है।

वहीं राज्य के डीजीपी ने सभी जिलों के पुलिस अधिकारियों को अतिरिक्त सतर्क रहने के आदेश दिए किसी भी कार्यक्रम के आयोजन को मंजूरी नहीं देने का निर्देश दिया है। इसके साथ ही अधिकारियों को सुरक्षा के व्यापक इंतजाम करने को कहा गया है।

उधर एडीजी कानून/व्यवस्था प्रशांत कुमार ने कहा है कि 6 दिसंबर को परंपरा से हटकर कोई भी आयोजन नहीं किया जाएगा। राज्य में पूर्ण शांति बनाए रखने के लिए सभी क्षेत्रीय संरचनाओं को हाई अलर्ट पर रखा गया है। मथुरा मामले में बड़े नेताओं ने फिलहाल चुप्पी साध ली है। दो दिन पहले तक डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य लगातार ट्वीट कर रहे थे, लेकिन अब उनका ट्वीट भी आना बंद हो गया। इधर, हिंदू महासभा ने प्लान बदल लिया है। महासभा की ओर से अब दिल्ली में सांकेतिक जलाभिषेक किया जाएगा।

जानकारी के मुताबिक बाबरी विध्वंस की बरसी पर सुरक्षा के लिए 150 पीएसी की कंपनी तैनात की गई है, जबकि सीआरपीएफ की 6 कंपनियों को भी सुरक्षा में लगाया गया है। जबकि वाराणसी (काशी), मथुरा और अयोध्या में सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए है ताकि किसी भी तरह की कोई घटना ना हो। यूपी पुलिस की ओर से यह भी कहा गया है कि सभी संगठनों से बात की गई है ताकि कोई समस्या न हो। इसके साथ ही 6 दिसंबर को पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी मौके पर तैयार रहे और हाई अलर्ट पर रहें। दरअसल, 6 दिसंबर को मुस्लिम समुदाय इसे काला दिवस और हिंदू समुदाय के लोग इसे शौर्य दिवस के रूप में मनाते हैं। लिहाजा किसी भी तरह का कोई विवाद न हो इसके लिए यूपी पुलिस सुरक्षा में कोई कसर नहीं छोड़ना चाहती है।

मथुरा में 6 दिसंबर को लेकर हाई अलर्ट जारी किया गया है। वहीं, यातायात पुलिस की ओर से भी रूट डायवर्जन किया गया है। कुछ रूटों पर प्रवेश प्रतिबंधित किया गया है। मथुरा पुलिस की ओर से बताया गया है कि शहर में 143 पॉइंट पर पुलिस बल तैनात किया गया है। इन चेकिंग प्वाइंट पर संदिग्ध वाहनों और लोगों पर नजर रखी जा रही है। वहीं मथुरा शहर में 2100 पुलिसकर्मियों और पैरामिलिट्री के जवानों को लगाया गया है। मथुरा पुलिस के कप्तान ने बताया कि 6 दिसंबर के मद्देनजर हम सोशल मीडिया पर भी पूरी निगरानी कर रहे हैं। किसी भी व्यक्ति अथवा संगठन ने कोई भी भड़काऊ सामग्री डाली तो उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।

कई सालों तक कोर्ट में विवादित बाबरी मस्जिद मामला चलने के बाद साल 2019 में सुप्रीम कोर्ट ने श्रीरामलला के पक्ष में आदेश सुनाया था कहा कि अयोध्या की विवादित जमीन से दूर मस्जिद बनाई जाएगी और जमीन पर श्रीरामलला का अधिकार है। वहीं कोर्ट ने मुस्लिम पक्ष के लिए अयोध्या में ही 5 एकड़ जमीन देने का आदेश दिया गया था। चीफ जस्टिस रंजन गोगोई की अध्यक्षता वाली पांच जजों की विशेष पीठ ने सर्वसम्मति से यह फैसला दिया था। हालांकि कई मुस्लिम संगठनों ने कोर्ट के फैसले पर आपत्ति जताई थी।

वहीं बाबरी विध्वंस की बरसी पर अयोध्या के साथ ही भगवान श्रीकृष्ण की नगरी मथुरा में सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए हैं और पूरे जिले में धारा 144 लगा दी गई है। असल में आज कुछ संगठनों ने घोषणा की है कि वह छह दिसंबर शाही मस्जिद में जलाभिषेक करेंगे। लिहाजा जिला प्रशासन ने इसके लिए धारा 144 लगाई गई है। मथुरा के जिलाधिकारी नवनीत सिंह चहल ने कहा कि मथुरा को 4 जोन में बांटकर सुरक्षाकर्मी तैनात किए गए हैं और असामाजिक तत्वों से सख्ती से निपटने की तैयारी पूरी कर ली गई है।

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