लखीमपुर हिंसा में तीन हथियारों के इस्तेमाल की पुष्टि, बढ़ सकती है अजय मिश्रा की मुश्किलें


लखनऊ (मानवी मीडिया): लखीमपुर हिंसा मामले में जारी एसआईटी जांच के बीच सुरक्षा एजेंसियों के सामने आयी फोरेंसिक रिपोर्ट में हिंसा के दौरान हुई गोलीबारी में तीन हथियारों के इस्तेमाल का पता चला है। पुलिस सूत्रों ने मंगलवार को बताया कि लखीमपुर हिंसा मामले में मिली फोरेंसिक रिपोर्ट में तीन प्रकार के हथियारों के इस्तेमाल का पता चला है। रिपोर्ट सीलबंद लिफाफे में आई है। इन हथियारों में एक राइफल, रिपीटर गन और पिस्टल से गोलियां दागी गईं।

पिछली तीन अक्टूबर को हुयी हिंसा में चार किसान,एक पत्रकार,एक कार चालक और दो भाजपा कार्यकर्ताओं की मौत हो गयी थी। इस मामले में पुलिस ने केन्द्रीय गृह राज्यमंत्री अजय मिश्र टेनी के पुत्र आशीष मिश्र, उसके मित्र अंकित दास और उसके सुरक्षाकर्मी लतीफ समेत 15 से अधिक लोगों के खिलाफ आईपीसी की धारा 120 बी, 147, 148, 149, 279, 302, 304 ए और 338 के तहत मामला दर्ज किया था।

सूत्रों ने बताया कि गिरफ्तार किये गये लोगों के हथियार फारेंसिक जांच के लिये भेजे गये थे। इनमे आशीष मिश्रा, अंकित दास और लतीफ के हथियार भी शामिल थे। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर इस मामले की जांच के लिए एसआईटी के अलावा एक सदस्यीय न्याय जांच आयोग का गठन किया गया है।

किसानों का आरोप था कि आशीष और अंकित ने हिंसा के दौरान कई राउंड फायरिंग की थी। हालांकि दोनों ने इससे इनकार किया था। गौरतलब है कि उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य की लखीमपुर खीरी यात्रा के विरोध में 3 अक्टूबर को हुई हिंसा में आठ लोग मारे गए थे। भाजपा कार्यकर्ताओं को ले जा रही कार ने चार किसानों और एक पत्रकार को टक्कर मार दी। किसानों की मौत के मामले में गिरफ्तार किए गए 13 लोगों में केंद्रीय मंत्री अजय मिश्रा टेनी के बेटे आशीष मिश्रा भी शामिल हैं।

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