अब ड्राइविंग लाइसेंस, आरसी, परमिट को रिन्यू करवाने की समय सीमा समाप्त अब लगेगा जुर्माना


नई दिल्ली (मानवी मीडिया): केंद्र सरकार ने ड्राइविंग लाइसेंस, रजिस्ट्रेशन सर्टिफिकेट और गाड़ियों के परमिट पर बड़ा फैसला लिया है। केंद्रीय परिवहन मंत्रालय ने ड्राइविंग लाइसेंस (DL), पंजीकरण प्रमाणपत्र (RC) जैसे दस्तावेजों की वैधता के लिए समय सीमा को और बढ़ाने से इनकार कर दिया है। जानकारी के अनुसार इस समयसीमा को अब आगे नहीं बढ़ाया जाएगा। अगर आपको इनमें से किसी भी दस्तावेज को रिन्यू कराना है तो आपके पास 31 अक्तूबर तक का ही समय है। 

यानि अगर आपके ड्राइविंग लाइसेंस, आरसी और वाहन के परमिट जैसे इन दस्तावेजों की वैलिडिटी खत्म होने वाली है तो इनको रिन्यू कराने के लिए 17 दिनों का समय बचा है। इन दस्तावेजों की वैधता की समय सीमा पहले 31 अक्तूबर, 2021 निर्धारित की गई थी। अगर आप 31 अक्तूबर के बाद वाहन चलाने के दौरान इन अवैध दस्तावेजों के साथ पकड़े जाते हैं तो आपको जुर्माना भरना होगा।   

कोरोना काल में अब तक 8 बार ड्राइविंग लाइसेंस, आरसी, फिटनेस सर्टिफिकेट जैसे दस्तावेजों की वैधता बढ़ाई जा चुकी है। कोरोना महामारी के दौरान, मोटर वाहन अधिनियम, 1988 और केंद्रीय मोटर वाहन नियम, 1989 से संबंधित दस्तावेजों की वैधता के लिए पहली बाद 30 मार्च, 2020 तक छूट दी गई थी। इसके बाद इन तारीखों को बढ़ाकर 9 जून, 2020; 24 अगस्त, 2020; 27 दिसंबर, 2020; 26 मार्च, 2021; 17 जून, 2021, 30 सितंबर, 2021 और 31 अक्तूबर, 2021 किया गया था। 

कोरोना महामारी के दौरान आरटीओ दफ्तर में भीड़ की स्थिति और कोविड-19 संक्रमण को रोकने के लिए सरकार ने ड्राइविंग लाइसेंस समेत अहम दस्तावेजों के नवीनीकरण में छूट दी थी, लेकिन अब सरकार ने इस छूट को हटाने का फैसला किया है। परिवहन मंत्रालय की ओर से जारी आदेश के अनुसार 31 अक्तूबर के बाद इन दस्तावेजों में कोई छूट नहीं होगी। अगर आपका ड्राइविंग लाइसेंस की वैधता एक फरवरी 2020 से पहले खत्म हो गई थी, तो उसे अब तक वैध माना जा रहा था, लेकिन सरकार के ताजा आदेश के बाद 31 अक्तूबर 2021 के बाद इन्हें अवैध माना जाएगा।

Popular posts from this blog

उ0प्र0:: सीओ महिला सिपाही के साथ आपत्तिजनक स्थित में पकड़े गए

लखनऊ ,उ0प्र0में कोरोना की तीसरी वेव ने दी दस्तक, 50 से ज्यादा मौत, मुख्यमंत्री योगी ने दिए सख्त निर्देश

उत्तर प्रदेश राज्य भण्डारण निगम के गोदामों में तीस हज़ार श्रमिक, जो ठेकेदारों द्वारा भर्ती किये जा रहे थे उन्हें नियमितीकरण कराने के लिए , मुख्यमंत्री योगी को लिखा पत्र