प्रज्ञा सिंह ठाकुर के बयान पर विवाद, कांग्रेस ने जताई आपत्ति


भोपाल (मानवी मीडिया): भोपाल संसदीय क्षेत्र से भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) सांसद प्रज्ञा सिंह ठाकुर इन दिनों फिर चर्चा में हैं और विजयादशमी के अवसर पर आयोजित समारोह में कांग्रेस नेताओं को कोसने और उनका कबड्डी खेलते हुए वीडियो वायरल करने वाले को 'श्राप' देने का मामला तूल पकड़ता जा रहा है। दशहरे पर कल देर शाम यहां आयोजित एक समारोह में शिरकत करने पहुंची सांसद ठाकुर ने अपने संबोधन में पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह का नाम लिए बगैर कहा कि नर्मदा परिक्रमा करने से कोई पवित्र नहीं हो जाता है। मंच पर कांग्रेस के वरिष्ठ विधायक एवं पूर्व मंत्री पी सी शर्मा की मौजूदगी में  ठाकुर ने कोरोना संकट काल के दौरान यहां उनके गुमशुदगी के पोस्टर लगाए जाने का मामला भी उठाया और कहा कि ऐसा कार्य संवेदनहीन लोगों ने किया था। ऐसा करने वालों में जरा सी भी संवेदनाएं और मानवीयता नहीं हैं।

ठाकुर ने दो तीन दिनों से उनका कबड्डी खेलते हुए वीडियो वायरल होने की घटना का जिक्र किया और कहा कि वे यहां एक कार्यक्रम में पहुंची थीं। वहां कुछ लोगों के आग्रह पर उन्होंने 'कबड्डी कबड्डी' करना शुरू किया, लेकिन कुछ लोगों ने उसका वीडियो बनाकर वायरल कर दिया। उन्होंने कहा कि एक व्यक्ति ने यह कार्य किया है और वो सुधर जाए, अन्यथा उसका बुढ़ापा और जन्म भी खराब होगा। सुश्री ठाकुर के भाषण के बीच ही पूर्व मंत्री एवं वरिष्ठ कांग्रेस विधायक पी सी शर्मा मंच छोड़कर चले गए। मंच पर मौजूद स्थानीय भाजपा नेता राहुल कोठारी ने उन्हें मनाने का प्रयास किया, लेकिन वे 'राजनैतिक भाषण' देने का आरोप लगाकर चले गए।

 शर्मा ने आज यहां यूएनआई से चर्चा में कहा कि सुश्री ठाकुर ने दशहरा के अवसर पर आयोजित समारोह में ऐसा भाषण दिया, जैसे कि वह राजनैतिक सभा हो। ऐसा पहली बार हुआ है, जब दशहरा आयोजन के मंच पर किसी राजनैतिक दल और उसके नेताओं को कोसा जा रहा है। उन्होंने भोपाल सांसद के बयान पर सख्त आपत्ति जताते हुए उनकी आलोचना की और आरोप लगाया कि उन्होंने अपने बयानों से लोगों के धार्मिक आस्था की प्रतीक 'नर्मदा मैय्या' और उनसे जुड़े श्रद्धालुओं का अपमान किया है।

 शर्मा ने कहा कि आज से नर्मदा परिक्रमा क्षेत्र में सुश्री ठाकुर के विरोध में प्रदर्शन हो गए हैं। उन्होंने कहा कि भोपाल में भी विरोध प्रदर्शन किया गया। उन्होंने बताया कि मालेगांव ब्लास्ट मामले के कारण चर्चा में आ चुकीं प्रज्ञा ठाकुर 'अस्वस्थ' होने के आधार पर जमानत पर हैं। लेकिन वे वीडियो में कभी गरबा करती हुयीं तो कभी कबड्डी खेलते हुए नजर आ रही हैं। और यदि इन मुद्दों को कोई उठाए तो सांसद उन्हें पापी कहने और श्राप देने का कार्य करती हैं।

इस बीच पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह के समर्थकों ने भी सोशल मीडिया पर बयानों के माध्यम से सुश्री ठाकुर के नर्मदा परिक्रमा के संबंध में दिए गए बयान की आलोचना की है। श्री शर्मा ने यूएनआई से कहा कि इसी तरह सांसद का कहना है कि कोरोना संकटकाल में उनकी गुमशुदगी के पोस्टर कांग्रेस ने लगाए, जबकि ऐसा नहीं है। कोरोना संकटकाल में जनप्रतिनिधि अपने नागरिकों की सेवा में लगे हुए थे, लेकिन भोपाल सांसद नदारदा थीं, इसलिए कुछ लोगों ने गुमशुदगी के पोस्टर लगा दिए होंगे। इसमें कांग्रेस को दोष देना उचित नहीं है और वो भी विजयादशी के अवसर पर आयोजित कार्यक्रम में। प्रज्ञा सिंह ठाकुर के हाल में वीडियो वायरल हुए हैं, जिसमें वे कुछ समय के लिए कबड्डी खेलते हुए और एक आयोजन में गरबा में शामिल होती हुयी दिखायीं दीं। सुश्री ठाकुर के बयान अक्सर चर्चा का केंद्र बन जाते हैं और सोशल मीडिया पर वायरल भी हो जाते हैं।

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