अपराध शाखा के ऑफिस में केंद्रीय मंत्री के बेटे आशीष मिश्रा से पूछताछ शुरू; इंटरनेट बंद


नई दिल्ली (मानवी मीडिया) : केंद्रीय गृह राज्यमंत्री अजय मिश्रा टेनी का पुत्र और तिकुनिया कांड का मुख्य आरोपी आशीष मिश्रा मोनू क्राइम ब्रांच के ऑफिस पहुंच गया है। आशीष मिश्रा से क्राइम ब्रांच की टीम ने पूछताछ शुरू कर दी है। डीआईजी और एसपी भी पुलिस लाइंस में मौजूद हैं। वहीं, लखीमपुर खीरी में शुक्रवार देर शाम को फिर से इंटरनेट सेवा बंद कर दी है। उधर, नवजोत सिंह सिद्धू निघासन में पत्रकार रमन कश्यप के घर पर मौन अनशन पर बैठे हैं। यूपी पुलिस ने मिश्रा को लखीमपुर मामले में तलब किया है।

देर रात गृह राज्य मंत्री अजय मिश्रा लखीमपुर खीरी में अपने घर पहुंचे। केंद्रीय गृह राज्यमंत्री अजय मिश्रा टेनी ने शुक्रवार को अपने बेटे आशीष का बचाव किया। उन्होंने कहा कि मेरा बेटा कहीं नहीं गया, वो शहपुरा में अपनी कोठी में है। आपको विश्वास नहीं है तो लखीमपुर चलो। दूसरे राजनीतिक दल होते तो जितने बड़े पद पर मैं हूं उनके बेटे के खिलाफ FIR भी दर्ज नहीं होती। हम मामले में FIR दर्ज करेंगे और कार्रवाई भी करेंगे। मंत्री ने आगे कहा कि जिस तरह से किसानों के भेष में छुपे हुए उपद्रवियों ने घटनास्थल पर लोगों को पीटा है, अगर आप लोगों ने वीडियो देखा होगा तो आपको यह भी विश्वास होगा कि मेरा बेटा भी अगर वहां होता तो उसकी भी हत्या अब तक हो चुकी होती।

वहीं मामले में उत्तर प्रदेश सरकार के रुख और रवैए पर सुप्रीम कोर्ट सख्त है। कोर्ट ने कहा हत्या के आरोप गंभीर हैं। आरोपी चाहे जितने हैं उन पर वैसा ऐक्शन क्यूं नहीं लिया गया जैसा होना चाहिए। कोर्ट ने कहा कि क्या राज्य सरकार CBI को जांच देने के लिए विचार कर रही है? सप्रीम कोर्ट ने सवाल उठाया कि लोकल अधिकारी निष्पक्ष जांच कैसे करेंगे?

वहीं सरकार ने थोड़ा समय मांगा है और कहा कि 18 अक्टूबर को सुनवाई करें। सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि मामले में गंभीर आरोप लगे हैं। जिस तरीके से आप दूसरे लोगों को ट्रीट करते है, वैसे ही इस मामले में भी ट्रीट किया जाए। सीजेआई ने कहा कि इस मामले में यह देखने कि जरूरत है कि क्या संदेश जनता में जा रहा है। सुप्रीम कोर्ट मामले में 23 अक्टूबर को सुनवाई करेगा।

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दूसरी ओर विपक्ष सरकार पर लगातार हमलावर है। पहले विपक्षी नेता लखीमपुर खीरी नहीं जाने दिए जाने को लेकर सरकार पर तीखे हमले कर रहे थे। अब समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव ने लखीमपुर खीरी हिंसा में मारे गए दो किसानों के परिवारों से मुलाकात के दौरान कहा कि सरकार पुलिस की ताकत के बल पर राज्य को चलाना चाहती है। इसके साथ ही अखिलेश ने कहा कि यूपी में बीजेपी सरकार के दिन गिने जा रहे हैं। सपा अध्यक्ष ने सवाल उठाया कि लखीमपुर खीरी हिंसा के वीडियो सामने आने और गवाहों के बयान दर्ज करने के बावजूद सरकार न्याय में देरी क्यों कर रही है।

वहीं पीड़ित परिवारों से मिलने पहुंच पंजाब कांग्रेस के अध्यक्ष नवजोत सिंह सिद्धू ने कहा कि जब तक मिश्रा जी (अजय मिश्रा टेनी) के बेटे आशीष के ऊपर कार्रवाई नहीं होती, वो जांच में शामिल नहीं होता, मैं यहां भूख हड़ताल पर बैठूंगा। इसके बाद मैं मौन हूं कोई बात नहीं करूंगा। पंजाब कांग्रेस के अध्यक्ष ने यहां हिंसा में जान गंवाने वाले किसान लवप्रीत और पत्रकार रमन कश्यप के परिवार से मुलाकात के बाद यह बात कही।

मुख्यमंत्री  योगी ने इस घटना को दुर्भाग्यपूर्ण बताया साथ ही कहा कि विपक्षी पार्टियां इस मुद्दे पर राजनीति कर रही है। योगी ने कहा कि लखीमपुर हादसा दुर्भाग्यपूर्ण है, लेकिन जिस तरह से वहां जाने के लिए विपक्षी पार्टियों के नेताओं की होड़ लगी है, उससे साफ है कि सिर्फ राजनीतिक रोटियां सेंकने के लिए यह दिखावा है। कोरोना काल में कभी नेताओं को एक बार जनता की सेवा के लिए जाना चाहिए था। सीएम ने आगे कहा कि लखीमपुर का राजनीतिकरण करने वालों को तालिबान का आईना दिखाना चाहिए। देश के अंदर लखीमपुर मुद्दे का राजनीतिकरण कौन कर रहे हैं? वही जो काबुल में तालिबान का समर्थन कर रहे हैं।

ये है मामला

जानकारी के अनुसार किसानों का एक समूह उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य की यात्रा के खिलाफ तीन अक्टूबर को प्रदर्शन कर रहा था, तभी लखीमपुर खीरी में एक एसयूवी (कार) ने चार किसानों को कुचल दिया। इससे गुस्साए प्रदर्शनकारियों ने बीजेपी के दो कार्यकर्ताओं और एक चालक की कथित तौर पर पीट-पीट कर हत्या कर दी, जबकि हिंसा में एक स्थानीय पत्रकार की भी मौत हो गई थी। तिकोनिया थानाक्षेत्र में हुई इस घटना में केंद्रीय गृह राज्य मंत्री अजय मिश्रा के बेटे आशीष मिश्रा और अन्य के खिलाफ भारतीय दंड संहिता की धारा 302 (हत्या) के तहत प्राथमिकी दर्ज की गई है, लेकिन अभी तक किसी की गिरफ्तारी नहीं हुई है। किसान नेताओं ने दावा किया है कि उस वाहन में आशीष भी थे, जिसने प्रदर्शनकारियों को कुचला था, लेकिन मंत्री ने आरोपों से इनकार किया है।

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