कोरोना वैक्सीन सर्टिफिकेट पर प्रधानमंत्री मोदी की फोटो क्यों? हाईकोर्ट ने मांग जवाब


नई दिल्ली (मानवी मीडिया): कोरोना वैक्सीन सर्टिफिकेट पर प्रधानमंत्री मोदी की तस्वीर को लेकर केरल उच्च न्यायालय ने केंद्र सरकार को नोटिस जारी किया है। केरल हाईकोर्ट ने शुक्रवार को केंद्र सरकार को उस याचिका पर नोटिस भेजकर जवाब देने के लिए कहा है, जिसमें प्रधानमंत्री मोदी की तस्वीर के बगैर कोरोना वैक्सीनेशन सर्टिफिकेट जारी करने की मांग की गई थी। 

कोट्टायम के रहने वाले याचिकाकर्ता एम पीटर ने दलील दी कि मौजूदा टीका प्रमाण पत्र एक नागरिक के मौलिक अधिकारों का उल्लंघन करता है और प्रधानमंत्री मोदी की तस्वीर के बिना प्रमाण पत्र की मांग की। याचिका दाखिल करने के बाद जस्टिस पीबी सुरेश कुमार ने केंद्र और राज्य सरकारों दोनों को दो हफ्ते में अपने विचार दर्ज करने का निर्देश दिया। याचिकाकर्ता ने संयुक्त राज्य अमेरिका, इंडोनेशिया, इजराइल, जर्मनी समेत कई देशों के वैक्सीनेशन प्रमाण पत्र भी प्रस्तुत किए, जिसमें कहा गया है कि सर्टिफिकेट पर वे तमाम आवश्यक जानकारी रखते हैं, न कि सरकार के प्रमुखों की तस्वीरें। 

 याचिकाकर्ता ने यह भी कहा कि उसे ये सर्टिफिकेट अपने साथ कई स्थानों पर ले कर जाना है और सर्टिफिकेट में प्रधानमंत्री की तस्वीर की कोई प्रासंगिकता नहीं है। ऐसे में यदि सरकार चाहे तो लोगों को बगैर किसी फोटो के प्रमाण पत्र लेने का ऑप्शन दिया जा सकता है। याचिकाकर्ता ने वकील अजीत जॉय के जरिए दाखिल याचिका में कहा कि महामारी के खिलाफ जंग को जनसंपर्क और मीडिया अभियान में बदल दिया गया है। इससे यह प्रतीत होता है कि यह वन मैन शो है और पूरा अभियान एक व्यक्ति को प्रोजेक्ट करना है। वह भी सरकारी खजाने के खर्च से किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि उन्हें पीएम मोदी की तस्वीर के बगैर वैक्सीन सर्टिफिकेट लेने का पूरा अधिकार है।

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