महंत नरेन्द्र गिरी का सुसाइड नोट एक षड्यंत्र :: कैलाशानंद


प्रयागराज (मानवी मीडिया)-तपोनिधि निरंजनी अखाड़े के आचार्य महामंडलेश्वर स्वामी कैलाशानंद गिरी महाराज ने अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष महंत नरेन्द्र गिरी के सुसाइड नोट को एक साजिश बताया है। श्रद्धांजलि यात्रा में शामिल स्वामी कैलाशनंद ने कहा कि मंहत नरेन्द्र गिरी ज्यादा पढ़े लिखे नहीं नहीं थे। वह बड़ी मुश्किल से दस्तखत कर पाते थे। यह सुसाइड़ नोट एक गहरी साजिश है, इसका खुलासा होना आवश्यक है। उन्होने कहा कि महंत नरेन्द्र गिरी के निधन से धर्म की क्षति हुई है।

उन्हाेने कहा कि महंत नरेन्द्र गिरी को वह बहुत नजदीक से जानते हैं। वह बड़ी मुश्किल से दस्तखत कर पाते थे। इतना लम्बा चौड़ा सुसाइड नोट उन्होने कैसा लिखा, यह आश्चर्य कि बात है।इसके अलावा तपोनिधि निरंजनी के सहयोगी आनंद अखाड़े के पीठाधीश्वर स्वामी बालकानंद गिरि ने भी महंत के सुसाइड नोट को एक साजिश बताया है। उन्होने दावा किया सुसाइड नोट की लिखावट उनकी नहीं हो सकती क्योंकि वह बड़ी मुश्किल से दस्तखत कर पाते थे। श्रद्धाजंलि यात्रा में शामिल अखाड़ों के बड़े संतों ने भी उनकी लिखावट पर संदेह जाहिर किया है।

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