योगी के पक्ष में माहौल बना रहे गायक, सोशल मीडिया पर वायरल हुए गीत लखनऊ


लखनऊ (मानवी मीडिया): उत्तर प्रदेश में विधानसभा चुनाव को लेकर भाजपा समर्थक मैदान में उतर आये हैं। 2022 में होने वाले चुनाव को लेकर उत्तर प्रदेश के विकास और मुख्यमंत्री योगी के काम को संगीत में सजाकर पेश किया जा रहा है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के ऊपर गीतों का सिलसिला आल्हा, भोजपुरी, बुंदेलखंडी धुनों में तो पहले से ही जारी है पर अब भोजपुरी सुपरस्टार निरहुआ ने नये गाने 'फिर आएंगे योगी जी..' से हलचल मचा दी है। साथ ही कई अन्य गायकों ने अपनी अपनी धुन में 'आएंगे तो योगी ही.' गीत को गाकर सोशल मीडिया पर वायरल कर दिया है। निरहुआ के साथ इसी गीत को चर्चित लोक गायक दीपक त्रिपाठी ने अपने अंदाज में गाया है। इस गीत में कहा गया है कि चाहे जितना जोर लगा लो आएंगे तो योगी ही। इसमें कैसे उत्तर प्रदेश का विकास हुआ है, कैसे माफियाओं-भ्रष्टाचारियों पर सरकार ने कार्रवाई की है, कैसे योगी हिंदुत्व के प्रतीक हैं, इन सब बातों का जिक्र है। विजुअल्स में भाजपा के बड़े-बड़े झंडे अयोध्या प्रयाग कुंभ इसे भव्य बना रहे हैं इसका बेहतर संगीत युवाओं को बड़ी तेजी से आकर्षित कर रहा है।

दीपक त्रिपाठी के गाये गये कई हिंदी और भोजपुरी गीत सोशल मीडिया पर मुख्यमंत्री योगी के पक्ष में पहले से ही माहौल बनाने में मददगार साबित हो सकते हैं। 'यूपी की गद्दी पर फिर से योगी बहुत जरूरी है'और दूसरा गीत 'देदा योगी के फिर से कमान भैया' काफी लोकप्रिय है। प्रभाकर मौर्य ने इस गीत को भोजपुरी में 'फिर से अईहे योगी जी.' गाया है। पिछले दो महीनों में आये दर्जनभर गीतों ने योगी आदित्यनाथ को लेकर पूरा माहौल बना दिया। इसमें कानपुर के एक प्रतिष्ठित स्कूल की नवीं क्लास की छात्रा वत्सला ने भी सीएम योगी के राम से जुड़ाव को लेकर एक भावपूर्ण गीत गाया है। इसमें वरिष्ठ गीतकार वीरेंद्र वत्स और अभय निर्भीक, अनामिका अंबर के लिखे हिंदी भोजपुरी गीत भी शामिल हैं। हिंदी भोजपुरी आल्हा जैसी विधाओं की कविताओं और गीतों के माध्यम से योगी आदित्यनाथ की कानून व्यवस्था और जनोपयोगी योजनाओं की तारीफ कर रहे हैं। योगी रिपोर्ट कार्ड नाम के फेसबुक पेज पर आल्हा धुन में 'योगी बाबा बड़े लड़ईया जिन की मार सही ना जाये' बेहद लोकप्रिय हो रही है। ऐसे ही लखनऊ के युवा गायक संगीतकार कन्हैया पांडे का लिखा गीत अपने संगीत के कारण तेजी से लोकप्रिय हो रहा है, 'चारों तरफ है उजियारा अंधेर ना कोई, श्री योगी जैसा यूपी में शेर ना कोई।' अधिकतर कविताओं और गीतों में योगी सरकार की कानून व्यवस्था माफियाओं के खिलाफ कार्रवाई केंद्र में है इससे यह भी लगता है कि आगामी चुनाव में कानून व्यवस्था माफियाओं के खिलाफ योगी सरकार की कार्रवाई बड़ा मुद्दा बनने जा रही है। इसके साथ राम मंदिर, बिजली और राशन वितरण जैसे विषय कवियों गीतकारों के लिए जिस तरह आकर्षण का केंद्र बने हैं, वह आने वाले समय में विपक्ष के लिए परेशानी का सबब बनेगा और योगी समर्थकों के उत्साह को बढ़ाने वाला होगा।

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