व्यावसायिक शिक्षा एवं कौशल विकास विभाग की साढे 4 वर्ष की उपलब्धियां

 

लखनऊ (मानवी मीडिया)19 मार्च, 2017 से 06 सितम्बर, 2021 तक विभाग द्वारा किये गये जनोपयोगी कार्यों का विवरण तथा आगामी 06 माह की कार्ययोजना

व्यावसायिक शिक्षा एवं कौशल विकास विभाग के द्वारा प्रदेश के युवाओं को औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थानों के माध्यम से दीर्घकालिक व्यावसायिक प्रशिक्षण तथा उ0प्र0 कौशल विकास मिशन के द्वारा विभिन्न क्षेत्रों से सम्बन्धित कौशलों में अल्पकालीन प्रशिक्षण प्रदान कराया जाता है।

विभाग के अन्र्तगत निम्नलिखित मुख्य इकाईयां संचालित हैंः-

राजकीय औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान- प्रशिक्षण एवं सेवायोजन निदेशालय के अधीन

राज्य व्यावसायिक प्रशिक्षण परिषद- स्वायत्तशासी संस्था 

प्रादेशिक स्टाफ प्रशिक्षण एवं शोध केन्द्र-प्रशिक्षण एवं सेवायोजन निदेशालय के अधीन

उ0प्र0 कौशल विकास मिशन- स्वायत्तशासी संस्था 

राजकीय औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थानः-

प्रशिक्षण एवं सेवायोजन निदेशालय द्वारा प्रदेश में स्थापित समस्त राजकीय औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थानों का प्रशासनिक, वित्तीय एवं प्रशिक्षण सम्बन्धी कार्यों का संचालन तथा समस्त निजी औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थानों के क्रियाकलापों के अनुश्रवण के कार्य को मण्डलीय संयुक्त निदेशक (प्रशि0/शिक्षु0) के माध्यम से सम्पादित कराया जाता है। राजकीय आद्योगिक प्रशिक्षण संस्थानों के परिपेक्ष्य में विभाग की मुख्य उपलब्धियाँ निम्नवत हैंः-

क्र0सं0

वर्तमान स्थिति 

(दिनाँकः 19 मार्च, 2017 से 15 अगस्त, 2021 तक)

दिनाँकः 19 मार्च, 2017 से पूर्व की स्थिति

अन्तर

1- प्रदेश में कुल 305 राजकीय औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान व उनकी महिला शाखायें संचालित हैं, जिनकी कुल प्रशिक्षण क्षमता 1,72,352 (अगस्त, 2021 तक) सीटों की है। 

प्रदेश में कुल 261 राजकीय औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान व उनकी महिला शाखायें संचालित थे, जिनमें कुल 1,13,410 सीटें स्वीकृत थी। 

संस्थानों की संख्या में वृद्धिः 44

स्वीकृत सीटों की संख्या में वृद्धिः 58942

2- प्रदेश में कुल 2749 निजी औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान हैं, जिनकी कुल प्रशिक्षण क्षमता 6,09,276 (अगस्त, 2021 तक) सीटों की है। 

प्रदेश में कुल 2512 निजी औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान  संचालित थे, जिनमें कुल 3,70,108 सीटें स्वीकृत थी। 

संस्थानों की संख्या में वृद्धिः 237

स्वीकृत सीटों की संख्या में वृद्धिः 2,39,168

3- वर्तमान में एन0सी0वी0टी0 से मान्यता प्राप्त सीटों की कुल संख्या 1,51,508 है।

वर्ष 2016 के प्रशिक्षण सत्र तक एन0सी0वी0टी0 से मान्यता प्राप्त सीटों की कुल संख्या 53,084 थी।

एन0सी0वी0टी0 से मान्यता प्राप्त सीटों की संख्या वृद्धिः 98,424

4-- 04 वर्ष 05 माह के समय में राजकीय औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थानों के 1.25 लाख सफल प्रशिक्षार्थियों को प्रतिष्ठित कम्पनियों में सेवायोजित कराया गया है। 

कैम्पस प्लेसमेंट व रोजगार मेलों का आयोजन जैसी गतिविधियों को अत्यन्त ही सूक्ष्म स्तर पर आयोजित किया जाता था, जिसके कारण विवरण उपलब्ध नहीं है। 

सेवायोजन प्रदान किये जाने में वृद्धिः 1.25 लाख।

5-राजकीय औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थानों में उद्योगों की सहभागिता के अन्तर्गत ड्यूल सिस्टम आॅफ ट्रेनिंग अर्थात डी0एस0टी0 सीटों की कुल संख्या 14306 है।

माह मार्च, 2017 तक प्रदेश के  राजकीय औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थानों में डी0एस0टी0 सीटों की संख्या शून्य थी।

डी0एस0टी0 सीटों की संख्या में कुल वृद्धिः 14306

6-राजकीय औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थानों के 5000 प्रशिक्षार्थियों को उद्योगों में 15 दिवस की  आॅन-जाॅब ट्रेनिंग अर्थात ओ0जे0टी0 प्रदान कराई जा चुकी है तथा 3000 को माह सितम्बर, 2021 के अंत तक प्रदान कराया जायेगा। 

ओ0जे0टी0 की वयवस्था को प्रथम बार माह फरवरी, 2021 से प्रारम्भ किया गया है।

ओ0जे0टी0 प्रदान किये गये प्रशिक्षार्थियों की संख्या में कुल वृद्धिः 5000

प्रदेश सरकार द्वारा समस्त राजकीय औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थानों में प्रवेश लेने वाले प्रत्येक प्रशिक्षार्थी को निःशुल्क डांगरी की व्यवस्था।

नये स्थापित किये गये राजकीय औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थानों द्वारा प्रदान किये जाने वाले प्रशिक्षण की गुणवत्ता को उन्नत किये जाने के उद्देश्य से उन्हे पी0पी0पी0 मोड में संचालित किया गया है। 

शिक्षुता प्रशिक्षण के अन्तर्गत लगभग 51,000 युवाओं को शिक्षुता प्रशिक्षण प्रदान कराया गया है, जिसका विवरण पोर्टल पर उपलब्ध है। 

प्रादेशिक स्टाफ प्रशिक्षण एवं शोध केन्द्र, अलीगंज में सी0आई0टी0एस0 के अन्तर्गत प्रशिक्षकों के प्रशिक्षण हेतु लखनऊ में 02 नये व्यवसायों का संचालन तथा बहुमंजिला छात्रावास का निर्माण। 

जनपद सुल्तानपुर में सी0आई0टी0एस0 के अन्तर्गत 04 व्यवसायों हेतु राजकीय शिल्पकार अनुदेशक प्रशिक्षण संस्थान की स्थापना। 

राजकीय औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान, साकेत-मेरठ तथा करौंदी-वाराणसी का माॅडल आई0टी0आई0 के रुप में विकास तथा स्ट्राइव योजना के अन्तर्गत प्रदेश 25 राजकीय व निजी औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थानों का उच्चीकरण किया गया है। 

उद्योगों के क्रिया-कलापों का ज्ञान आई0टी0आई0 के प्रशिक्षार्थियों को प्रदान कराये जाने की दृष्टि से विभिन्न प्रतिष्ठित उद्योगों/अधिष्ठानों के साथ एम0ओ0यू0। प्रमुख उद्योग हैंः-एन0टी0पी0सी0, भारत इलेक्ट्रानिक्स लि0, मेजा ऊर्जा, रिलायन्स पावर, टाटा मोटर्स, मारुति-सुजुकी इण्डिा लि0, टोयोटा मोटर्स, सैमसंग इण्डिया लि0, आदि

23 राजकीय औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थानों के निर्माणाधीन भवनों को पूर्ण कराकर उन्हे जनोपयोगी बनाया गया है।

प्रदेश के राजकीय औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थानों में आवश्यकतानुरुप 58 नवीन कार्यशालायें, 87 नवीन थ्योरी कक्ष, समस्त में आई0टी0 लैब को निर्मित कराकर उन्हे मशीनें, उपकरण, कम्प्यूटर व अन्य उपकरणों से सुसज्जित कराते हुये जनोपयोगी किया गया है।

प्रदेश के 66 राजकीय औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थानों में प्रशिक्षण हेतु निर्बाध विद्युत आपूर्ति सुनिश्चित करने के दृष्टिगत 40 किलोवाट क्षमता के सौर ऊर्जा संयंत्र की स्थापना कराई गई है।

आगामी 06 माह की कार्य योजनाः-

1-आगामी 06 माह में औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थानों से प्रशिक्षित 51 हजार प्रशिक्षार्थियों को प्रतिष्ठित उद्योगों में सेवायोजित कराया जायेगा।

2-आगामी 06 माह में 40 हजार अभ्यर्थियों को उद्योगों व एम0एस0एम0ई0 में शिक्षुता प्रशिक्षण प्रदान कराने का लक्ष्य रखा गया है। शिक्षुता प्रशिक्षण की अवधि में योजित युवाओं को रु0 7000.00 प्रति माह की दर से वृत्तिका प्राप्त होगी।

3-प्रदेश के निर्माणाधीन 16 राजकीय औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थानों का लोकापर्ण कराया जायेगा।

4- मुख्यमंत्री  घोषणा के अन्तर्गत निर्माणाधीन 35 नये राजकीय औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थानों का निर्माण कार्य पूर्ण कराकर उन्हे अगस्त, 2022 के प्रशिक्षण सत्र से क्रयाशील किये जाने लक्ष्य प्रस्तावित है।

उत्तर प्रदेश कौशल विकास मिशन

उत्तर प्रदेश कौशल विकास मिशन द्वारा प्रदेश के 14-35 आयुवर्ग के अल्पशिक्षित तथा स्कूल ड्रापआउट युवाओं को निःशुल्क व्यावसायिक प्रशिक्षण देकर किसी उन्हें आजीविका उपार्जन हेतु सक्षम बनाने की दृष्टि से अल्पकालीन कौशल प्रशिक्षण कार्यक्रम संचालित किये जाते हैं।

उत्तर प्रदेश कौशल विकास मिशन के परिपेक्ष्य में मुख्य उपलब्धियाँ निम्नवत् हंैः-

क्र0 सं0

वर्तमान स्थिति

(दिनाँकः 19 मार्च, 2017 से 15 अगस्त, 2021 तक)

दिनाँकः 19 मार्च, 2017 से पूर्व की स्थिति

अन्तर

1- प्रशिक्षण

दिनांक 15.08.2021 तक प्रशिक्षित प्राप्त युवाओं की संख्या उ.प्र.कौशल विकास मिशन द्वारा आलोच्य अवधि में कुल 8,92,334 युवाओं को विभिन्न रोजगारपरक टेªड्स में प्रशिक्षित किया गया।

वर्ष 2013-14 से वर्ष 2016-17 की अवधि में प्रदेश में प्रशिक्षित युवाओं की संख्या मात्र 3,71,380 थी।

प्रशिक्षित युवाओं की संख्या में वृद्धिः-5,20,954

2- सेवायोजन

वर्ष 2017-18 से वर्ष 2020-21 की अवधि में कुल 4,10,858 युवाओं को विभिन्न टेªड्स में रोजगार उपलब्ध कराया गया।

वर्ष 2013-14 से वर्ष 2016-17 तक कुल 1,36,160 युवाओं को ही रोजगार प्रदान किया गया था।

सेवायोजित युवाओं की संख्या में वृद्धिः-2,74,698

3- लक्ष्य आवंटन

वर्ष 2017-18 से वर्ष 2020-21 की अवधि में 15,74,119 युवाओं को प्रशिक्षित करने हेतु लक्ष्य आवंटित किये गये।

वर्ष 2013-14 से वर्ष 2016-17 की अवधि में 4,83,584 युवाओं को प्रशिक्षण का लक्ष्य आवंटित किया गया।

युवाओं के कौशल प्रशिक्षण हेतु लक्ष्य आवंटन में वृद्धिः-10,90,530

4-प्रशिक्षण प्रदाताओं की संख्या में वृद्धि

वर्ष 2017-18 से वर्ष 2020-21 की अवधि में डीडीयू-जीकेवाई सहित अन्य योजनाओं के अन्तर्गत 735 निजी प्रशिक्षण प्रदाताओं को अनुबंधित किया गया।

वर्ष 2013-14 से वर्ष 2017-18 तक कुल 148 निजी प्रशिक्षण प्रदाता अनुबंधित किये गये।

प्रशिक्षण प्रदाता की संख्या में वृद्धिः-587

5 - फ्लैक्सी प्रशिक्षण प्रदाताओं का अनुबंध

देश के प्रमुख औद्योगिक प्रतिष्ठानों (उत्पादन अथवा सेवाक्षेत्र) के अनुबंधित करने की दृष्टि से प्रारंभ की गयी फ्लैक्सी प्रशिक्षण प्रदाता अनुबंधन योजना के अंतर्गत वर्ष 2017-18 से वर्ष 2021-22 की अवधि में कुल 24 औद्योगिक प्रशिक्षण प्रदाता संस्थाओं के साथ अनुबंध हस्ताक्षरित किया गया।

वर्ष 2013-14 से वर्ष 2017-18 की अवधि में कुल 13 औद्योगिक प्रतिष्ठानांे को ही फ्लैक्सी प्रशिक्षण प्रदाता संस्थाओं के रूप में अनुबंधित किया गया था।

फ्लैक्सी प्रशिक्षण प्रदाता प्रतिष्ठानों की संख्या में वृद्धिः-11

विगत अवधि में अर्जित अन्य महत्वपूर्ण उपलब्धियाँ

उ0प्र0 कौशल विकास मिशन के प्रशिक्षण कार्यक्रमों की गुणवत्ता में सुधार की दृष्टि से समस्त प्रशिक्षण केन्द्रों पर आधार इनेबुल्ड बायोमैट्रिक उपस्थिति का अंकन अनिवार्य कर दिया गया है ताकि शासकीय धनराशि का अधिकतम सदुपयोग हो सके।

उ0प्र0 कौशल विकास मिशन द्वारा प्रशिक्षण कार्यक्रमों के संचालन हेतु आधुनिक एवं उच्च प्रकृति का स्वयं द्वारा प्रबंधित पोर्टल विकसित कर क्रियाशील किया गया है।

उ0प्र0 कौशल विकास मिशन द्वारा आर0पी0एल0 के माध्यम से 2.00 लाख से अधिक अप्रमाणित कुशल कामगारों को प्रशिक्षित व प्रमाणीकृत कराया गया है।

जनपद वाराणसी व चन्दौली के गैर-प्रमाणित शिल्पकारों को आर0पी0एल0 के माध्यम से मान्यता प्रदान किये जाने की व्यवस्था को लागू किया गया है।

रेडियो जिंगल्स के माध्यम से आॅल इण्डिया रेडियो के 12 प्राइमरी चैनलों, एफ.एम. रेनबो तथा 5 निजी एफ.एम चैनलों रेडियो मिर्ची, रेडियो सिटी, फीवर एफ.एम., बिग एफ.एम. व रेड एफ.एम. के माध्यम से उ0प्र0 कौशल प्रशिक्षण योजनाओं का प्रचार-प्रसार कराते हुये अधिकाधिक युवाओं को प्रशिक्षण से जोड़ा गया है।

एल.ई.डी मोबाइल वैन तथा नुक्कड़ नाटकों के माध्यम से ग्रामीण व सुदूर क्षेत्रों में उ0प्र0 कौशल विकास मिशन के कार्यक्रमों व योजनाओं का प्रचार-प्रसार कराया गया है।

भारत सरकार की फ्लैगशिप योजना-दीन दयाल उपाध्याय ग्रामीण कौशल्य योजना के अन्तर्गत 417 संस्थाओं के माध्यम से 2.34 लाख युवाओं को प्रशिक्षित किये जाने का लक्ष्य प्रदान किया गया है।

संकल्प परियोजना ;ै।छज्ञ।स्च्. ैापसस ।बुनपेपजपवद ंदक ज्ञदवूसमकहम ।ूंतमदमेे वित स्पअमसपीववक च्तवउवजपवदद्ध के अन्तर्गत प्रदेश के स्किल ईको सिस्टम में गुणात्मक सुधार हेतु विभिन्न कार्यों, जिनमें प्रमुख रुप से जिला कौशल विकास योजना (डी0एस0डी0पी0) को तैयार कराकर भारत सरकार से रू0. 74.48 करोड़ की धनराशि को प्राप्त किया गया है।

कौशल सतरंग कार्यक्रम के माध्यम से 07 संकल्पनाओं (सीएम युवा हबः मुख्यमंत्री युवा उद्यमिता विकास अभियान, सीएम एप्सः मुख्यमंत्री अपे्रेन्टिसशिप प्रमोशन स्कीम, डी0एस0डी0पी0ः जिला कौशल विकास योजना, आई0ई0सी0 गतिविधियांः कौशल पखवाड़े का आयोजन, आई0आई0टी0 कानपुर व आई0आई0एम0 लखनऊ के साथ एमओयू, आर0पी0एल0ः रिक्ग्नीशन आॅफ प्रायर लर्निंग तथा प्लेसमेंट एजेन्सीज के साथ अनुबंधन व रोजगार मेलों का आयोजन) को समन्वित कराते हुये उन्हे क्रियाशील किया गया है।

विगत 04 वर्ष 05 माह से अधिक के समय में 26 वृहद भौतिक रोजगार मेलों तथा 44 आॅनलाइन रोजगार मेलों के माध्यम से 36,604 युवाओं को रोजगार प्रदान कराया गया है।

वर्तमान सरकार के कार्यकाल में पहली बार जून, 2018 में भारत सरकार व प्रदेश सरकार द्वारा संयुक्त रूप से रीजनल स्किल काॅम्पटीशन का आयोजन किया गया, जिसमें उत्तर प्रदेश के अतिरिक्त 4 अन्य राज्यों के प्रशिक्षणार्थियों द्वारा प्रतिभागिता की गयी। इस प्रकार की प्रतिस्पद्र्धा का आयोजन प्रदेश में पहली बार किया गया, जिसकी भारत सरकार द्वारा सराहना भी की गयी।

कोविड संक्रमण के दौरान प्रशिक्षण बाधित होने की अवधि में आनलाइन लर्निंग प्लेटफार्म कोर्सेरा के माध्यम से 50,000 युवाओं को अन्तर्राष्ट्रीय स्तर के आनलाइन प्रशिक्षण की सुविधा उपलब्ध करायी गयी। प्रशिक्षण के उपरांत सफल प्रशिक्षणार्थियों को अन्तर्राष्ट्रीय स्तर का प्रमाण पत्र प्राप्त होगा।

प्रत्येक कौशल प्रशिक्षण योजना हेतु निर्धारित लक्ष्यों का 3 प्रतिशत भाग दिव्यांगजनों के प्रशिक्षण हेतु आरक्षित किया गया तथा वर्ष 2019-20 में पहली बार इस दिशा में प्रयास व पहल। 

वर्ष 2020-21 में यू.पी.एस.आर.एल.एम. से समन्वय कर 45 जनपदों में 27,000 से अधिक महिला स्वरोजगारियों को सिलाई-कढ़ाई के टेªड में प्रशिक्षित किया गया। अनेक महिला स्वंय सहायता समूहों द्वारा जिला प्रशासन के सहयोग से स्कूल छात्रों के लिए ड्रेस की आपूर्ति।

आगामी छः माह की कार्ययोजना

कौशल प्रशिक्षण योजनाओं के अन्तर्गत आगामी 06 माह में 3.00 लाख युवाओं का प्रशिक्षण साथ ही कोविड प्रबन्धन के दृष्टिगत हेल्थ केयर सेक्टर में 41000 युवाओं का विशिष्ट प्रकृति का प्रशिक्षण प्रदान कराये जाने का लक्ष्य है।

उभरते हुए क्षेत्रों यथा इलेक्ट्रानिक्स मीडिया तथा मनोरंजन, नागरिक उड्डयन जैसे रोजगार की उच्च संभावनाओं वाले क्षेत्रों में कौशल प्रशिक्षण योजनाओं के अन्तर्गत युवाओं के प्रशिक्षण पर विशेष बल दिया जा रहा है, जिससे भविष्य में उत्पन्न होने वाले रोजागर के अवसरों के लिए कुशल प्रशिक्षित रेडी टू वर्क युवा उपलब्ध हों।

जनपद गौतमबुद्ध नगर में माइग्रेशन सपोर्ट सेन्टर की स्थापना का कार्य प्रारंभ किया जायेगा। इस सेन्टर के माध्यम से अपने गृह जनपद से बाहर एनसीआर, दिल्ली अथवा अन्य समीपवर्ती जनपदों/राज्यों में रोजगार प्राप्त करने वाले युवाओं को काउंसिलिंग तथा वातावरण अनुकूलन (।बबसपउंजप्रंजपवद) की सुविधा उपलब्ध कराये जाने के साथ-साथ प्रारंभिक 15 दिनों तक निःशुल्क भोजन व अवस्थान की सुविधा (ट्रांजिट फैसिलिटी) उपलब्ध करायी जायेगी।

नई शिक्षा नीति 2020 के संदर्भ में प्रदेश के युवाओं में व्यावसायिक व कौशल प्रशिक्षण के प्रति अभिरूचि व जागरूकता उत्पन्न करने के लिए रेडियो जिंगल्स, एलईडी वैन्स, नुक्कड़ नाटक, लघुवृत्त चित्रों तथा विभिन्न सोशल मीडिया प्लेटफार्म्स जैसे- ट्विटर, फेसबुक इत्यादि के माध्यम से कम से कम 1.00 करोड़ युवाओं तक जानकारी का प्रचार-प्रसार कर उन्हें कौशल प्रशिक्षण सम्बन्धी योजनाओं से जोड़ा जायेगा।

उद्योगों की बदलती हुई मांग तथा परिवर्तित होते हुए औद्योगिक परिवेश को देखते हुए सेवायोजन की बेहतर संभावनाओं की दृष्टि से 10 सेक्टर्स - 1. लाइफ साइंसेज 2. रबर 3. इंस्ट्रूमेंटेशन, आटोमेशन, सर्विलिएंस एंड कम्यूनिकेशन 4. लैदर एंड स्पोर्ट्स गुड्स 5. हाइड्रोकार्बन 6. आइरन एंड स्टील 7. टेलीकाॅम 8. लाॅजिस्टिक्स 9. जेम्स एंड ज्वैलरी 10. माइनिंग में प्रशिक्षण प्रदाताओं को अनुबंधित करने हेतु प्रस्ताव आमंत्रित किये गये है,

प्रशिक्षण के उपरानत प्रशिक्षार्थियों का समय से मूल्यांकन किये जाने के दृष्टिगत उत्तर प्रदेश कौशल विकास मिशन को अवार्डिंग तथा असेसिंग बाॅडी के रूप में नामित कराये जाने की अनुमति भारत सरकार से प्राप्त की जायेगी। इस हेतु कार्यवाही पचलन में है।

गिरी इंस्टीट्यूट आॅफ डेवलपमेंट स्टडीज के माध्यम से प्रदेश में विगत दो वर्षों में आर0पी0एल0 के अन्तर्गत प्रशिक्षित शिल्पकारों के आय में हुई वृद्धि तथा उनकी सामाजिक प्रस्थिति में सुधार के सम्बन्ध में मूल्यांकन अध्ययन कराया जायेगा।

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