उ0प्र0::प्रतिदिन 40-50 लाख टीकाकरण का लक्ष्य: जय प्रताप स्वस्थ मंत्री

लखनऊ (मानवी मीडिया)भारतीय उद्योग परिसंघ ने शुक्रवार को लखनऊ में सीआईआई यूपी हेल्थ समिट के तीसरे संस्करण का आयोजन किया। कार्यक्रम में बोलते हुए,  जय प्रताप सिंह  स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्री, उत्तर प्रदेश सरकार ने उल्लेख किया कि एक मजबूत बुनियादी ढांचे और अधिक संख्या में लोगों तक स्वास्थ्य लाभ पहुंचने हेतु स्वास्थ्य सेवा पर खर्च बढ़ाने की आवश्यकता है। उन्होंने बताया कि महामारी के कारण विभाग राज्य के अस्पताल नेटवर्क की जियो-टैगिंग और जियो-मैपिंग में तेजी लाने और एक एप्लिकेशन के माध्यम से स्वास्थ्य पेशेवरों के प्रदर्शन की निगरानी करने में सक्षम है।

मंत्री  ने बताया कि राज्य की आबादी की स्वास्थ्य संबंधी आवश्यकताओं को पूरा करने के लिए, लगभग छह हजार पेशेवर चिकित्सको की और आवश्यकता है।  सिंह ने बताया कि राज्य की ५०% आबादी को पहली खुराक दी जा चुकी है, जबकि दूसरी खुराक का अंखडा लगभग १५% है।  प्रधानमंत्री के जन्मदिन के मौके पर प्रशासन ने करीब 40-50 लाख वैक्सीन लगाने का लक्ष्य रखा है| उन्होंने बताया कि राज्य ने सुरक्षित यौन प्रथाओं के साथ-साथ गर्भधारण की घटनाओं के बारे में युवा लड़के और लड़कियों को परामर्श देना शुरू कर दिया है। मंत्री ने आगे बताया कि राज्य के ग्रामीण क्षेत्रों में डॉक्टरों की कमी को पूरा करने के लिए अगले तीन से पांच वर्षों के लिए छात्रों के लिए अनिवार्य ग्रामीण पोस्टिंग के साथ प्रति जिले एक मेडिकल कॉलेज की स्थापना का लक्ष्य बना रहा है।

संगीता सिंह सीईओ आयुष्मान भारत यूपी और सीईओ, स्टेट एजेंसी फॉर कॉम्प्रिहेंसिव हेल्थ एंड इंटीग्रेटेड सर्विसेज ने स्वास्थ्य क्षेत्र के निजी प्रतिभागियों द्वारा आयुष्मान भारत योजना के प्रचार प्रसार  को बढ़ावा देने के लिए मूल्यवर्धन के विचार को पेश किया ताकि यह संभावित लाभार्थियों के लिए अधिक आकर्षक हो और वे उसका लाभ उठा सके।

यूपी मेडिकल सप्लाईज कॉरपोरेशन लिमिटेड की प्रबंध निदेशक  कंचन वर्मा  ने राज्य में महामारी की संभावित तीसरी लहर का मुकाबला करने के लिए की गई विभिन्न तैयारियों के बारे में बताया जो की दूसरी लहर के दौरान आये चुनौतियों को ध्यान में रखते हुए 1.5 गुना अधिक तैयारियां की गयी है। इनमें प्रतिदिन किए जा रहे दो लाख परीक्षण, केंद्र सरकार द्वारा राज्य को उपलब्ध कराई जाने वाली उच्च स्तरीय कोविड दवाएं, जिला स्तर पर रक्त विभाजक इकाइयां, 450 ऑक्सीजन उत्पादन संयंत्र, 28000 ऑक्सीजन कॉन्सेंट्रेटर और हर महीने लगभग 4 करोड़ वैक्सीन खुराक प्रशासन शामिल हैं।

 ऋषि अग्रवाल, शिखर सम्मेलन के अध्यक्ष और प्रबंध निदेशक, टेक्नोमेड ग्रुप ने इस बात पर बल दिया कि निजी क्षेत्र महामारी के दौरान किए गए प्रयासों का समर्थन करने में सरकार का सक्रिय भागीदार रहा है। उन्होंने राज्य में स्वास्थ्य के बुनियादी ढांचे को बेहतर बनाने और महामारी को प्रभावी ढंग से प्रबंधित करने में सक्षम होने के लिए राज्य सरकार के प्रयासों की भी सराहना की।

सीपी गुप्ता, अध्यक्ष, सीआईआई यूपी स्टेट काउंसिल और सीएमडी, अंबिका स्टील्स लिमिटेड ने उल्लेख किया कि सीआईआई सार्वजनिक-निजी भागीदारी मॉडल पर आयुष्मान भारत के सफल कार्यान्वयन पर राज्य सरकारों के साथ काम करने की लिए निरंतर प्रतिबद्ध है। इस तरह के प्रयासों से सेवा प्रदाताओं के लिए स्वास्थ्य सेवा तक सार्वभौमिक पहुंच को प्रोत्साहित करने के लिए एक स्वीकार्य मूल्य बिंदु पर पहुंचना संभव होगा।

शिखर सम्मेलन के प्रतिभागियों ने कार्यक्रम परिसर में मुफ्त स्वास्थ्य जांच शिविर का भी लाभ उठाया, जिसे केजीएमयू के डॉ सूर्यकांत द्वारा आयोजित कराया गया था।

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