मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने गोरखपुर में पिपराइच एवं कैम्पियरगंज , 71 परियोजनाओं का लोकार्पण/शिलान्यास किया

 शिलान्यास की गई परियोजनाओं में गोरखपुर में 5405.34 लाख रु0

की लागत से नए कलेक्ट्रेट भवन का निर्माण कार्य शामिल

निर्माण कार्यों की गुणवत्ता एवं समयबद्धता का विशेष ध्यान रखा जाए: मुख्यमंत्री
देश ने प्रधानमंत्री  के कुशल नेतृत्व में कोरोना के खिलाफ लड़ाई
लड़ी है और उसमें सफलता प्राप्त करते हुए जीवन बचाने
के साथ ही लोगों की जीविका को भी बचाया: मुख्यमंत्री

उत्तर प्रदेश में शासन-प्रशासन, जनप्रतिनिधि, हेल्थ वर्कर्स
आदि सभी ने ‘सेवा ही संगठन’ के संकल्प के साथ कार्य किया
सरकार ने जीवन व जीविका को बचाने के भाव के साथ कार्य किया

कोरोना का सामना करते हुए प्रदेश में विकास की गति
को रुकने नहीं दिया गया, विकास की गतिविधियां जारी रहीं

नये भारत का नया उत्तर प्रदेश और उत्तर प्रदेश का नया गोरखपुर आप
सबके सामने है और नया गोरखपुर आपकी पहचान है: मुख्यमंत्री

नए गोरखपुर की छवि को बनाए रखना, विकास की सोच को
बढ़ाना तथा विकास के साथ जुड़ना हम सभी का दायित्व

बी0आर0डी0 मेडिकल काॅलेज में स्वास्थ्य सुविधाएं विकसित हुईं,
साथ ही गोरखपुर में एम्स का निर्माण भी पूर्ण होने वाला है
कोरोना से बचाव आवश्यक है, क्योंकि यह महामारी अभी खत्म नहीं हुई,
लक्षण दिखते ही टेस्टिंग कराएं और वैक्सीनेशन अवश्य कराएं

 सरकार द्वारा निःशुल्क वैक्सीनेशन कराया जा रहा,
वैक्सीनेशन कोरोना से बचाव का कवच है
प्रदेश की अर्थव्यवस्था भी एक नए रूप में निखर रही, अगले
पांच वर्ष में उत्तर प्रदेश, देश की पहली अर्थव्यवस्था के रूप में उभरेगा

प्रदेश में सुरक्षा का माहौल, कानून व्यवस्था सबसे अच्छी,
यहां कानून का राज है, यही कारण है कि आज प्रदेश
में उद्यमी अधिक से अधिक निवेश कर रहे हैं

प्रदेश में चार लाख से ज्यादा युवाओं को सरकारी नौकरियां दी गईं
कोरोना से निराश्रित हुई महिलाओं के कल्याण के
लिए प्रदेश सरकार द्वारा कार्ययोजना बनाई जा रही

प्रदेश सरकार द्वारा कोरोना कालखण्ड में अनाथ हुए बच्चों
के भरण-पोषण की व्यवस्था करने के साथ ही आत्मनिर्भर
बनाने की दिशा में निरन्तर प्रयास किया जा रहा

लखनऊ
(मानवी मीडिया)उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ  ने आज  गोरखपुर में गोरखपुर शहर, पिपराइच एवं कैम्पियरगंज विधान सभा क्षेत्र की कुल 16197.35 लाख रुपए की लागत की 71 परियोजनाओं का लोकार्पण/शिलान्यास किया। इनमें 3222.55 लाख रुपए की लागत की 50 परियोजनाओं का लोकार्पण तथा 12974.80 लाख रुपए की लागत की 21 परियोजनाओं का शिलान्यास शामिल है। शिलान्यास की गई परियोजनाओं में गोरखपुर में 5405.34 लाख रुपए की लागत से नए कलेक्ट्रेट भवन का निर्माण कार्य भी शामिल है।

महायोगी बाबा गम्भीरनाथ प्रेक्षागृह में आयोजित कार्यक्रम को सम्बोधित करते हुए मुख्यमंत्री  ने कहा कि निर्माण कार्यों की गुणवत्ता एवं समयबद्धता का विशेष ध्यान रखा जाए। उन्होंने कहा कि पिछले लगभग सवा साल से जब पूरी दुनिया कोरोना महामारी से त्रस्त थी, तब हमारे देश ने प्रधानमंत्री  नरेन्द्र मोदी जी के नेतृत्व में कोरोना के खिलाफ लड़ाई लड़ी और उसमें सफलता प्राप्त करते हुए जीवन बचाने के साथ ही लोगों की जीविका को भी बचाया। उन्होंने कोरोना के खिलाफ जंग में देश को कुशल नेतृत्व प्रदान करने के लिए प्रधानमंत्री जी का आभार व्यक्त किया। उत्तर प्रदेश में शासन-प्रशासन, जनप्रतिनिधि, हेल्थ वर्कर्स आदि सभी ने ‘सेवा ही संगठन’ के संकल्प के साथ कार्य किया है, जिसका परिणाम है कि हमने कोरोना महामारी की चुनौती को जीता है। सरकार ने जीवन व जीविका को बचाने के भाव के साथ कार्य किया है। कोरोना का सामना करते हुए प्रदेश में विकास की गति को रुकने नहीं दिया गया और विकास की गतिविधियां जारी रही हैं।

मुख्यमंत्री  ने कहा कि नये भारत का नया उत्तर प्रदेश और उत्तर प्रदेश का नया गोरखपुर आप सबके सामने है और नया गोरखपुर आपकी पहचान है। उन्होंने कहा कि अच्छी छवि बनाने के लिए प्रयास/परिश्रम करना पड़ता है। गोरखपुर विकास की प्रक्रिया में निरन्तर आगे बढ़ रहा है। नए गोरखपुर की छवि को बनाए रखना, विकास की सोच को बढ़ाना तथा विकास के साथ जुड़ना हम सभी का दायित्व है। स्वास्थ्य सेवा के क्षेत्र में निरन्तर विकास को गति मिल रही है। जनपद के बी0आर0डी0 मेडिकल काॅलेज में जहां एक ओर स्वास्थ्य सुविधाओं का विकास हो रहा है, वहीं दूसरी ओर गोरखपुर में एम्स का निर्माण भी पूर्ण होने वाला है, जिसका लोकार्पण अक्टूबर माह तक प्रधानमंत्री जी द्वारा किया जाएगा।

मुख्यमंत्री  ने कहा कि कोरोना से बचाव आवश्यक है, क्योंकि यह महामारी अभी खत्म नहीं हुई है। कोरोना के लक्षण दिखते ही टेस्टिंग कराएं और वैक्सीनेशन अवश्य कराएं। सरकार द्वारा निःशुल्क वैक्सीनेशन कराया जा रहा है। वैक्सीनेशन कोरोना से बचाव का कवच है। बीमारी को छिपाने के बजाए, उसकी जांच करायी जाए, ताकि समय से बीमारी का उपचार हो सके। प्रदेश सरकार ने कोरोना की लड़ाई लड़ने के साथ ही विकास के पहिये को थमने नहीं दिया। प्रदेश की अर्थव्यवस्था भी एक नए रूप में निखर रही है और अगले पांच वर्ष में उत्तर प्रदेश, देश की पहली अर्थव्यवस्था के रूप में उभरेगा।

मुख्यमंत्री  ने कहा कि प्रदेश में सुरक्षा का माहौल है और कानून व्यवस्था सबसे अच्छी है। यहां कानून का राज है और यही कारण है कि आज प्रदेश में उद्यमी अधिक से अधिक निवेश कर रहे हैं। यहां सिंगल विण्डो सिस्टम लागू है। प्रदेश में चार लाख से ज्यादा युवाओं को सरकारी नौकरियां दी गई हैं। उन्होंने कोरोना के दौरान प्रशासन द्वारा जीवन बचाने की दिशा में किए गए सराहनीय प्रयासों की प्रशंसा की। उन्होंने कहा कि विकास की नई सोच के साथ सभी को आगे बढ़ना है। नौजवानों को सिविल सेवा, पुलिस सेवा, इंजीनियरिंग, सहित विभिन्न क्षेत्रों में तैयारी हेतु उ0प्र0 सरकार द्वारा मुख्यमंत्री अभ्युदय योजना संचालित की गई है, जिससे गरीब मेधावी युवाओं को विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारियों के लिए निःशुल्क कोचिंग की सुविधा मिल सके।

मुख्यमंत्री  ने कहा कि कोरोना से निराश्रित हुई महिलाओं के कल्याण के लिए प्रदेश सरकार द्वारा कार्ययोजना बनाई जा रही है। यह योजना निराश्रित बच्चों के लिए बनाई गई योजना की तर्ज पर होगी। कोरोेना से निराश्रित हुई महिलाओं को किसी प्रकार की चिन्ता की आवश्यकता नहीं है, क्योंकि सरकार इनके साथ पूरी जिम्मेदारी के साथ खड़ी है।

मुख्यमंत्री  ने कहा कि प्रदेश सरकार द्वारा कोरोना कालखण्ड में अनाथ हुए बच्चों के भरण-पोषण की व्यवस्था करने के साथ ही आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में निरन्तर प्रयास किया जा रहा है। सरकार सभी के सुख-दुःख में साथ है और उन्हें विकास की योजनाओं से लाभान्वित किया जा रहा है। उन्होंने कोरोना कालखण्ड के दौरान निगरानी समितियों द्वारा अपने दायित्वों का अच्छे ढंग से निर्वहन करने के लिए  प्रशंसा की।

इस अवसर पर सांसद रविकिशन, सांसद  जय प्रकाश निषाद, महापौर  सीताराम जायसवाल सहित अन्य जनप्रतिनिधिगण तथा शासन-प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।

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