5 ट्रिलियन डॉलर इकॉनमी में विनिर्माण क्षेत्र का 1 ट्रिलियन का योगदान

सी.आई.आई. मैन्युफैक्चरिंग एक्सीलेंस वीक : 6 से 9 जुलाई 2021


 लखनऊ (मानवी मीडिया) 6 से 9 जुलाई के मध्य होने वाली सी.आई.आई. मैन्युफैक्चरिंग एक्सीलेंस वीक के उद्घाटन सत्र में आज  संदीप गुप्ता, अध्यक्ष, सी.आई.आई, वेस्टर्न यू.पी. ने बताया की आज के समय में “इंटरनेट ऑफ़ थिंग्स” (IOT ) आधुनिक विनिर्माण के क्षेत्र में सबसे महत्वपूर्ण घातक है जिसके माध्यम से प्रक्रियाओं तथा गुणवत्ता को असामान्य तरीके से बेहतर बनाया जा सकता है I उन्होंने, विनिर्माण क्षेत्र में आर्टिफिशल इंटैलिजेंस, मशीन लर्निंग, भविष्य निर्धारि विश्लेषण जैसे कारकों के महत्वता को भी दर्शाया I

उद्घाटन सत्र में अपने विचार प्रस्तुत करते, सत्र अध्यक्ष राजेश सिक्का, प्रबंध निदेशक, मेटाफ्लेक्स  डोर्स इंडिया प्र.ली.ने बताया की भारत को 5 ट्रिलियन अर्थव्यवस्था बनाने में विनिर्माण क्षेत्र को 1 ट्रिलियन का योगदान देना होगा जोकि लगभग जी.डी.पी. के 20 % के बराबर है I उन्होंने यह भी बताया की विनिर्माण क्षेत्र को शीग्र ही नयी तकनीकों को आत्मसार करना होगा जिससे प्रौद्योगिकी का इस्तेमाल कर यह क्षेत्र अर्थव्यवस्था के विकास में मुख्य स्तम्भ के रूप में उभरे I विभिन्न प्रक्रियाओं के डिजिटल एकीकरण से न सिर्फ उत्पादन को बढ़ाया जा सकता है बल्कि, संसाधनों के कुशल प्रयोग के साथ ही लागतों को भी काम किया जा सकता है I उन्होंने यह भी बताया की सरकार की पी.एल.आई. योजना के करना उत्तर प्रदेश रक्षा, इलेक्ट्रानिक्स तथा खिलौनों के विनिर्माण के केंद्र के रूप में स्थापित हो रहा है I

आपने सम्बोधन में वी. एस. महादेवन, मुख्या कार्यकारी अधिकारी तथा प्रबंध निदेशक, सोलीज़  इंडिया टेक्नोलॉजीज, ने बताया की विनिर्माण क्षेत्र के विकास में ऑटोमोबाइल क्षेत्र का सबसे अधिक योगदान है I उन्होंने ने बताया की भारत रक्षा उत्पादों का विश्व में दूसरा सबसे बड़ा आयातक है जो की इस बात को दर्शाता है की देश में रक्षा क्षेत्र में घरेलु विनिर्माण की अपार सम्भावनाये विद्द्यमान है I साथ ही साथ यह विनिर्माण क्षेत्र को देश की जी.डी.पी. में और अधिक योगदान देने में मदद करेगा I उन्होंने बताया की विनिर्माण क्षेत्र के अलावा खाद्य प्रसंस्करण के क्षेत्र में भी अपार संभावनाएं मौजूद है I  महादेवन ने विनिर्माण क्षेत्र में कुशलता हासिल करने हेतु 4 कारक बताये जैसे, रचनात्मकता, कुशल प्रक्रिया, मूल्य वर्धन तथा मानव संसाधन का विकास I  

बुरक गुरकन, सीनियर क्षेत्रीय निदेशक, औद्योगिक, IMEA , तथा कंट्री निदेशक - टर्की, ग्रुंडफोस पम्पस लिमिटेड, ने बताया एकीकृत विनिर्माण आने वाले समय में विनिर्माण क्षेत्र में क्रान्ति लाएगा I उन्होंने ने बताया की किस प्रकार से उनकी संस्था द्वारा बनाया गया "आई - सलूशन" नामक डिजिटल सलूशन वास्तविक समय में सभी सम्बंधित संसाधनों का कुशल प्रयोग सुनिश्चित करता है I

सुशील अग्रवाल, उपाध्यक्ष, सी.आई.आई, वेस्टर्न यू.पी. तथा अध्यक्ष एवरो इंडिया लिमिटेड ने बताया की गुणवत्ता को नज़रअंदाज़ करने वाली संघठन दीर्घकालिक नहीं हो सकती I उन्होंने बताया की ग्राहकों को उच्च सेवा प्रदान करने हेतु संगठन के विभिन्न स्तम्भों जैसे, सेल्स, मार्केटिंग, सर्विस आदि के बीच सामंजस्य स्थापित करना अति आवश्यक है I उन्होंने बताया की प्रौद्योगिकी तथा औद्योगिक विकास के कारण भारत वैश्विक प्रतिस्पर्धा में 50 वें स्थान पर पहुंच गया है I उन्होंने यह भी बताया की विनिर्माण क्षेत्र संसाधनों का सबसे तार्किक वितरण करता है I  

इसचार दिवसीय कार्यक्रम में आर.पी.ऐ. ,आर्टिफिशल इंटेलिजेंस, मशीन लर्निंग, स्मार्ट फैक्ट्रीज; औद्योगिक क्रान्ति 4.0 साइबर सुरक्षा तथा चुनौतियाँ; ऊर्जा संरक्षण के माद्यम से लाभ आदि जैसे विषयों पर विशेषज्ञों द्वारा चर्चा परिचर्चा का आयोजन किया जायेगा I इस कार्यक्रम में भागीदारी हेतु 500 से अधिक प्रतिभागियों ने पंजीकरण किया है I

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